जेपीएससी-जेएसएससी विरोध प्रदर्शन: 21वें दिन भी नहीं झुके छात्र,12वें दिन भूख हड़ताल पर प्रेम नायक,सरकार से बातचीत की आस
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अभ्यर्थियों का आंदोलन गुरुवार को 21वें दिन भी पूरी एकजुटता के साथ जारी रहा। वहीं, छात्र नेता प्रेम नायक की बेमियादी भूख हड़ताल का 12वां दिन रहा। स्वास्थ्य में भारी गिरावट और डॉक्टरों की चेतावनियों के बावजूद छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। इस बीच, आंदोलनकारियों और राज्य सरकार के बीच एक उच्चस्तरीय वार्ता की उम्मीद जगी है।
झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 21वें दिन भी जारी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। छात्र नेता प्रेम नायक ने बताया कि उनकी भूख हड़ताल का गुरुवार को 12वां दिन है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ठीक नहीं है और ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर बढ़ गया है, इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया है। छात्रों ने जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने, सीबीआई जांच कराने और कड़े कानून बनाने की मांग दोहराई है। वहीं, छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल की सरकार के साथ बातचीत की संभावना भी जताई गई है। रांची में जेपीएससी-जेएसएससी भ्यर्थियों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। छात्रों के मुताबिक, गुरुवार को आंदोलन का 21वां दिन है, जबकि छात्र प्रदर्शनकारी प्रेम नायक की भूख हड़ताल का 12वां दिन है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सुबह से ही आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर जुटे हुए हैं। प्रेम नायक ने कहा कि आज उनकी तबीयत ठीक नहीं है। उनका ब्लड शुगर बढ़ गया है और ब्लड प्रेशर भी अधिक है। स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें अस्पताल जाने की सलाह दी है, लेकिन उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया है। प्रेम नायक ने बताया कि छात्रों की ओर से सरकार के साथ बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की संभावना है। उन्होंने कहा कि बातचीत को लेकर चर्चा चल रही है और मंत्रियों के साथ भी वार्ता की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि जीएलकेएम विधायक जयराम कुमार महतो बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। संभावना है कि सरकार और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत गुरुवार शाम हो सकती है। छात्रों की ओर से पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल वार्ता में शामिल होकर अपनी मांगें रख सकता है। प्रेम नायक ने कहा कि छात्र अपनी तीन प्रमुख मांगों पर अब भी कायम हैं। इनमें जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं को रद्द करना, पूरे मामले की Iसीबीआई जांच कराना और सख्त कानून लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर छात्र पीछे हटने वाले नहीं हैं और आंदोलन जारी रहेगा। प्रेम नायक के अनुसार, आंदोलन के 20वें दिन भी स्थिति तेजी से बिगड़ रही थी। उस समय उन्होंने बताया था कि उनकी भूख हड़ताल का 11वां दिन था और डॉक्टर लगातार भूख हड़ताल समाप्त करने की सलाह दे रहे थे। उन्होंने कहा था कि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं कर रही है, इसलिए भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों समेत सभी आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रशासन ने पिछली रात आंदोलन स्थल का दौरा किया था और उसके रवैये में कुछ नरमी दिखाई दी थी। हालांकि, छात्रों का आरोप था कि प्रशासन अब भी उन्हें आंदोलन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहा है। प्रेम नायक ने कहा था कि डॉक्टर भी भूख हड़ताल खत्म कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन छात्र अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।