छपरा हिंसा पर पुलिस का बड़ा एक्शन: ड्रोन-सीसीटीवी से 350 उपद्रवियों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी

Major police action on Chhapra violence: 350 rioters identified via drones and CCTV; rapid raids underway for arrests.

छपरा। सारण जिले के छपरा शहर में 25 जुलाई को बंद और प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और पथराव की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। अत्याधुनिक तकनीक की मदद से पुलिस अब तक करीब 350 उपद्रवियों की पहचान कर चुकी है। ड्रोन कैमरों, शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों, मीडिया कर्मियों के वीडियो और प्रशासन द्वारा रिकॉर्ड किए गए फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए आईटीबीपी, एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम हिंसा से जुड़े हर वीडियो और डिजिटल साक्ष्य का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। जिन लोगों की पहचान हो चुकी है, उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है, जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान का अभियान भी तेजी से जारी है।

दरअसल, शुक्रवार को आयोजित बंद और प्रदर्शन के दौरान शहर के कई इलाकों में अचानक हालात बिगड़ गए। पंकज सिनेमा रोड से शुरू हुआ पथराव देखते ही देखते खनुआ नाला, डाकबंगला रोड, जोगनिया कोठी, नगरपालिका चौक और थाना चौक तक फैल गया। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिससे पूरे शहर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस बल पर जमकर पथराव किया। इस घटना में करीब डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी घायल हो गए। घायलों में सदर प्रखंड की बीडीओ दृष्टि पाठक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, तरैया थाना की एक पुलिस गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। बाद में दमकल और अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से स्थिति पर काबू पाया गया। घटना के बाद पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दी गई है। शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। लगातार फ्लैग मार्च, गश्ती अभियान और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बीच पुलिस की साइबर टीम को भी विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व ट्विटर), व्हाट्सएप सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले संदेशों और पोस्ट पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अफवाह फैलाने, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा करने तथा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि अपनी बात लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रखें। उन्होंने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने और सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक संदेश को साझा करने से बचने की सलाह दी। साथ ही नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचना तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9031036406 पर देने की अपील की गई है। गौरतलब है कि हिंसा के दौरान सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार स्वयं मौके पर मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात की लगातार निगरानी की और पुलिस बल का नेतृत्व करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब प्रशासन का पूरा फोकस जिले में शांति बहाल रखने और हिंसा के सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने पर है।