नैनीताल:हाईकोर्ट शिफ्टिंग के विरोध में राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, कहा, नैनीताल से संस्थानों का पलायन राज्य निर्माण की भावना के खिलाफ
उत्तराखंड राज्य गठन के 25 साल पूरे होने के बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता संघ ने चिंता जताई है। नैनीताल हाईकोर्ट बार सभागार में आयोजित गोष्ठी में अधिवक्ताओं ने पहाड़ से महत्वपूर्ण संस्थानों के मैदानी क्षेत्रों की ओर स्थानांतरण की कवायद को राज्य निर्माण की मूल भावना के विपरीत बताया। इस दौरान नैनीताल से हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट किए जाने की कवायद का भी अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध किया। उनका कहना है कि हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच नैनीताल में रखने का प्रावधान है, ऐसे में इसे स्थानांतरित करने के बजाय नैनीताल में मौजूद कमियों को दूर कर आवश्यक सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए।
अधिवक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड का गठन पर्वतीय क्षेत्रों के विकास और यहां के लोगों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से हुआ था, लेकिन राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी पहाड़ों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। उनका कहना है कि एक ओर पहाड़ों के विकास की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर धीरे-धीरे महत्वपूर्ण संस्थानों को पर्वतीय क्षेत्रों से मैदानी इलाकों में ले जाने की सोच मजबूत होती जा रही है। यह स्थिति राज्य आंदोलन के मूल उद्देश्यों और उत्तराखंड की अवधारणा को प्रभावित कर सकती है।
वक्ताओं ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और पूर्वोत्तर के अन्य पर्वतीय राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि भौगोलिक चुनौतियां वहां भी हैं, लेकिन इन चुनौतियों के कारण महत्वपूर्ण संस्थानों को पहाड़ों से हटाने के बजाय व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है। इसी तर्ज पर नैनीताल में भी हाईकोर्ट की जरूरत के मुताबिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे का विकास किया जाना चाहिए।
अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने को लेकर नैनीताल में मौजूद खाली जमीनों के बेहतर इस्तेमाल का सुझाव दिया। साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क और अन्य जरूरी सुविधाओं से जोड़ने की मांग भी उठाई गई। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि हाईकोर्ट नैनीताल में ही रहना चाहिए और इसके लिए जरूरत पड़ने पर कानूनी और लोकतांत्रिक स्तर पर संघर्ष आगे भी जारी रखा जाएगा।
इस मौके पर डीएस मेहता बार एसोसिएशन उत्तराखंड हाईकोर्ट के अध्यक्ष,अवतार सिंह,नवीन जोशी ,सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।