नैनीताल:महंगी बेस प्राइस के चलते लेक ब्रिज चुंगी टेंडर प्रक्रिया ठप!समय और दरों के समीकरण में अटका लेक ब्रिज चुंगी टेंडर

Nainital: Lake Bridge Toll Tender Process Stalled Due to High Base Price! Tender for Lake Bridge Tollway Caught in a Tangle of Timelines and Rates.

नैनीताल। 
पर्यटन नगरी नैनीताल की चर्चित लेक ब्रिज चुंगी (टोल टैक्स) के संचालन को लेकर निकाली गई टेंडर प्रक्रिया एक बार फिर निरस्त हो गई है। शुक्रवार को टेंडर खोलने की प्रक्रिया के दौरान एक भी ठेकेदार ने बोली नहीं डाली, जिसके चलते नगर पालिका को पूरी प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी।

जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा लेक ब्रिज चुंगी के संचालन के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की शुरुआती बोली निर्धारित की गई थी। स्थानीय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया से जुड़े लोगों का कहना है कि इतनी अधिक बेस प्राइस और सीमित अवधि के कारण ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई। बताया जा रहा है कि चुंगी संचालन की अवधि मार्च तक ही प्रस्तावित थी, जबकि सीजन का बड़ा हिस्सा निकल चुका है। ऐसे में संभावित आय और खर्च के बीच संतुलन नहीं बन पाने से ठेकेदार पीछे हट गए।

टेंडर प्रक्रिया से जुड़े लोगों ने बताया कि शुरुआती चरण में दो टेंडर पड़े भी थे, लेकिन उस समय प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और बाद में उसे निरस्त कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि पहले चरण में ही टेंडर फाइनल हो जाता तो कम दरों पर काम संभव था, लेकिन समय बीतने के साथ परिस्थितियां बदल गईं और अब आर्थिक दृष्टि से यह सौदा लाभकारी नहीं रह गया।

गौरतलब है कि नैनीताल की लेक ब्रिज चुंगी नगर पालिका की आय का महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती है। पर्यटन सीजन के दौरान यहां बाहरी वाहनों से शुल्क वसूला जाता है। हाल ही में इस व्यवस्था और टेंडर प्रक्रिया को लेकर मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट तक भी पहुंचा था। कोर्ट ने नगर पालिका को टोल व्यवस्था में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक, विशेषकर FASTag प्रणाली लागू करने तक के निर्देश दिए थे। 

अब देखना होगा कि क्या नगर पालिका अब जल्द नई शर्तों और संशोधित दरों के साथ दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगी ताकि आगामी पर्यटन सीजन से पहले चुंगी संचालन व्यवस्था को सुचारु किया जा सके?