नैनीताल:क्या पहाड़ की सेहत भगवान भरोसे?पहले ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे बीडी पांडे अस्पताल से डॉक्टर दुग्ताल सहित 6 विशेषज्ञ चिकित्सकों के तबादले ने बढ़ाई मरीजों की चिंता,विरोध हुआ शुरू

Nainital: Is the health of the mountains left to God's mercy? The simultaneous transfer of six specialist doctors from BD Pandey Hospital, already struggling with a shortage of doctors, has increased

नैनीताल के बीडी पांडे जिला चिकित्सालय से छह चिकित्सकों के तबादले के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिजिशियन, सर्जन, ईएनटी विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और एएमओ समेत महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत चिकित्सकों के स्थानांतरण पर जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे अस्पताल की व्यवस्थाओं के लिए गंभीर झटका बताया है।

इस संबंध में बुधवार को विधायक सरिता आर्या, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल तथा होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (पीएमएस) डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पहले से ही सीमित संसाधनों और चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे बीडी पांडे अस्पताल से विशेषज्ञ डॉक्टरों का स्थानांतरण मरीजों की समस्याओं को और बढ़ा सकता है।

विधायक सरिता आर्या ने कहा कि बीडी पांडे अस्पताल को दुर्गम श्रेणी से सुगम श्रेणी में तो शामिल कर दिया गया है, लेकिन आज तक यहां सुगम अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाएं और व्यवस्थाएं विकसित नहीं हो सकी हैं। अस्पताल लंबे समय से चिकित्सकीय स्टाफ, उपकरणों और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे हालात में यहां कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों का तबादला किया जाना उचित नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि फिजिशियन, सर्जन, ईएनटी विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सकों की सेवाएं नैनीताल सहित आसपास के ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इन पदों पर रिक्तता बढ़ने से मरीजों को उपचार के लिए हल्द्वानी अथवा अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ सकता है।

 

जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की नियुक्ति सुनिश्चित किए बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों को अन्यत्र स्थानांतरित न किया जाए। साथ ही सरकार से बीडी पांडे अस्पताल में संसाधनों और मानवबल की कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि तबादला आदेशों पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। इस मौके पर विधायक सरिता आर्या, पुनीत टंडन, दिग्विजय सिंह बिष्ट,नितिन कार्की सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।