नैनीताल:रावण हूँ मैं!श्री राम सेवक सभा द्वारा आयोजित रामलीला में पिछले 29 सालों से कैलाश जोशी निभा रहे हैं रावण का किरदार!फैन फॉलोइंग ऐसी कि रावण देखने के लिए दर्शक घँटों करते है इंतज़ार
नैनीताल:1/10/22
सरोवर नगरी नैनीताल में इनदिनों रामलीला की धूम मची हुई है। नैनीताल में चार जगह रामलीला का मंचन किया जाता है। जिसमे से मल्लीताल बाज़ार में स्थित श्री राम सेवक सभा द्वारा आयोजित रामलीला दर्शकों को अपनी ओर जिस तरह खिंचती है वो अपनेआप में कमाल की बात है।
यहाँ की रामलीला में राम, लक्ष्मण सीता,रावण ताड़ीका और सूर्पनखा ऐसे किरदार है जो सबसे ज़्यादा तालियां बटोरते है।

मल्लीताल श्री राम सेवक सभा द्वारा आयोजित रामलीला में लोग रावण को खासा पसंद करते है। पिछले 29 सालों से रावण का किरदार कैलाश जोशी ही निभा रहे है। कुमाऊं मंडल विकास निगम हल्द्वानी में कार्यरत कैलाश जोशी को लोग मामा जी कहकर पुकारते है वो सामान्य तौर पर बेहद ही सौम्य और सरल स्वभाव के है,लेकिन जब वो रावण के किरदार में होते है,उनकी तनी हुई भृकुटियां,रौद्र रूप देखकर आप भी देखकर चौंक जाएंगे।

कैलाश जोशी कहते है कि रावण का किरदार निभाना मेरे लिए बड़ी बात है लोग मुझे इस रूप में पसन्द करते है ये मेरे लिए सौभाग्य की बात है। रावण बहुत बड़ा ज्ञानी था, उसके बराबर ज्ञानी आजतक कोई नही हुआ,हम सब को रावण के ज्ञान से सीखना चाहिए,साथ ही ये भी ध्यान रखना चाहिए कि जब ज्ञान बढ़ जाये तब घमंड न करें। वो आगे कहते है कि सीता माता जिंदा थी ,ये प्रभु राम की ताकत थी और सीता माता पवित्र थी,ये रावण की भी मर्यादा थी। रावण ने अपनी बहन की बेइज्जती बर्दाश्त नही की और भाई होने के नाते उसने आवेश में आकर गलत कदम तो उठाया लेकिन माता सीता की पवित्रता का भी ध्यान रखा।आज के दौर में हम सबको रावण से ये भी सीखना चाहिए कि स्त्री की मर्यादा की रक्षा करें।

कैलाश जोशी की फैन फॉलोइंग इस कदर है कि जब वो रावण के किरदार में स्टेज पर आते है तालियों की गड़गड़ाहट रुकती नही। रामलीला देखने आए दर्शक रावण कम और मामा जी की जय हो ज़्यादा कहते सुनाई देते है।

दर्शकगण कहते है कैलाश मामा हम सबके मामा हैं उनके बिना तो हमारी नवरात्रि भी अधूरी हो जाती है क्योंकि भजन कीर्तन में जब तक मामाजी की आवाज़ में प्यारे प्यारे चंदा मामा अजब है शान तुम्हारी, कभी तो मेरे अंगना में मां को ले आ एक बारी, ये भजन न सुन ले तब तक भजन कीर्तन भी पूरा नही होता।

रावण को देखकर नन्हे बच्चे भी बहुत खुश होते है उन्हें रावण के लुक से डर भी नही लगता। रामलीला मंचन के दौरान बैक स्टेज पर बच्चे रावण के साथ फोटो खिंचवाने को उत्साहित नजर आए।
रामलीला में रावण का किरदार निभाने से पूर्व कैलाश जोशी सभी पात्रों को मेकअप भी करते है। रोजाना सात बजे सभा भवन पहुंच कर कलाकारों के मेकअप करते है। वह आयाम मंच संस्था, हिमानी ग्रुप व गीत एवं नाटक विभाग में भी काम कर चुके है।

कैलाश जोशी बताते है कि बचपन मे सूखाताल की रामलीला देखकर उनके मन मे एक्टिंग का शौक पैदा हुआ। वहाँ उन्होंने लक्ष्मण का किरदार बखूबी निभाया जिसके बाद रामलीला उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गयी। इसके बाद श्री राम सेवक सभा की ओर से आयोजित रामलीला में श्रीराम, परशुराम, दशरथ, बाली और फिर रावण का किरदार निभाया। रावण के किरदार में लोगो ने उन्हें खूब पसंद किया तो हर वर्ष वो रावण ही बनने लगे। पिछले 29 सालों से कैलाश जोशी रावण बन रहे है हल्द्वानी में कार्यरत होने की वजह से कैलाश जोशी रिहर्सल में ज़्यादा समय नही दे पाते लेकिन इतने वर्षों से रावण का किरदार निभाते हुए उन्हें चौपाइयों सहित हर डाइलॉग ज़ुबानी याद हो चुका है। वो कहते है कि रावण के किरदार को निभाने के लिए मुझे कुमाऊं मंडल विकास निगम का भी सहयोग मिलता है। कैलाश जोशी रामलीला के अलावा होली महोत्सव, भजन संध्या जैसे तमाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते है।
फ़ोटो साभार:अमित शाह/कंचन वर्मा/कैलाश जोशी।