नैनीताल:जिले की सड़कों पर अवैध मलबा डंपिंग,खस्ताहाल सड़कों को लेकर हाईकोर्ट सख्त,दो हफ्ते में सुधार कर प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश!
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट में नैनीताल जिले की जर्जर सड़कों और पर्यावरण के साथ हो रहे कथित खिलवाड़ को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि नैनीताल–हल्द्वानी और नैनीताल–भवाली मार्ग की स्थिति दो सप्ताह के भीतर सुधारकर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने दो सप्ताह बाद की तिथि तय की है।
दरअसल, याचिकाकर्ता अनिल यादव ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर जिले के पर्वतीय मार्गों पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, अवैध डंपिंग और कचरा प्रबंधन की गंभीर खामियों का मुद्दा उठाया है। अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से जवाब तलब किया है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डी.सी.एस. रावत ने कोर्ट को बताया कि हल्द्वानी–नैनीताल, कालाढूंगी और भवाली–कैंची धाम जैसे अत्यंत व्यस्त मार्गों पर निर्माण कार्यों से निकलने वाला मलबा जानबूझकर तीखे मोड़ों और ब्लाइंड टर्न्स पर फेंका जा रहा है। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि मानसून के दौरान सड़कों पर फिसलन बढ़ने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारें और क्रैश बैरियर नहीं हैं, जिससे स्थानीय निवासियों, स्कूली बच्चों और पर्यटकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है।
हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि सड़कों की मरम्मत, अवैध मलबा डंपिंग पर रोक और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं और इसकी प्रगति रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर अदालत में पेश की जाए।