नैनीतालHC:हल्द्वानी बनभूलपुरा दंगा केस में अब्दुल मलिक की जमानत पर सुनवाई टली,नई पीठ करेगी फैसला

Nainital HC: Hearing on Abdul Malik's bail in Haldwani Banbhulpura riot case postponed, new bench to decide

नैनीताल: उत्तराखण्ड हाईकोर्ट में हल्द्वानी के चर्चित बनभूलपुरा दंगा मामले के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन उन्हें फिलहाल कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने इस याचिका को सुनने से स्वयं को अलग कर लिया और प्रकरण को सुनवाई के लिए दूसरी पीठ के पास भेज दिया।
दरअसल, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह पूर्व में इस मामले से जुड़े पक्षकारों के अधिवक्ता रह चुके हैं। इसी कारण उन्होंने न्यायिक मर्यादा का पालन करते हुए मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया। इसके चलते खंडपीठ ने प्रकरण को नई पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की पीठ ने इस मामले को सुनवाई के लिए दूसरी पीठ को स्थानांतरित कर दिया था।
चार मुकदमों में दर्ज हैं आरोप
मामले के अनुसार, बनभूलपुरा दंगे के दौरान अब्दुल मलिक सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें एक गंभीर आरोप यह भी है कि मलिक ने कथित तौर पर कूटरचित और झूठे शपथपत्र के आधार पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया।
याचिका में यह भी उल्लेख है कि नजूल भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग और निर्माण कर उसे बेचा गया। जब जिला प्रशासन अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंचा, तो प्रशासनिक टीम पर पथराव किया गया, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई और मामला दंगे में बदल गया। इस घटना में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए, जबकि कुछ लोगों की जान भी चली गई थी।
आरोपियों की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है, क्योंकि प्रारंभिक एफआईआर में उनका नाम शामिल नहीं था। उनका कहना है कि पुलिस ने बाद में उन्हें जबरन मामले में आरोपी बनाया है। इसी आधार पर जमानत देने की मांग की गई है।