उत्तराखंड पिछले कुछ दशकों से बॉलीवुड के फेवरेट डेस्टिनेशन के रूप में उभरता हुआ राज्य बन कर सामने आया है। उत्तराखंड सरकार ने फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित किया है। ये खबर उत्तराखंड से लेकर माया नगरी तक पहुंचाने का काम हमारी मीडिया ने किया, फिल्मों नेताओ या किसी के भी प्रचार का  मीडिया एक सशक्त माध्यम रहा है,लेकिन पिछले कुछ समय से मीडिया को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस मामले में नैनीताल की वरिष्ठ महिला पत्रकार कंचन वर्मा ने बॉलीवुड फिल्मों के निर्माता निर्देशको के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए कहा कि फिल्मों की शूटिंग के दौरान मीडिया कवरेज से पत्रकारों को दूर रखना उनका अपमान करने जैसा है। उन्होंने कहा कि अपने ही राज्य में उत्तराखंड के पत्रकार खुद को बेइज्जत महसूस करते है जब कोई बॉलीवुड फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड में हो और मीडिया कवरेज पर रोक लगा दी जाए।  उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है यहां अक्सर ही शूटिंग होती रहती है और कई बड़े कलाकार आते रहते है,ऐसे में उत्तराखंड के जिलों में काम करने वाले पत्रकारों के संस्थानों से उन पर प्रेशर रहता है कि कोई भी बड़ा फ़िल्म एक्टर शूटिंग के लिए आये तो कवरेज करके खबर लगाओ। लेकिन शूटिंग के दौरान पत्रकारों की एंट्री बिल्कुल बंद कर दी गयी है,इतना ही नही फ़िल्म की कहानी रिवील हो जाएगी का बहाना बनाकर कोई भी निर्माता निर्देशक एक प्रेस मीट तक नही रखता।


ऐसे में मनोरंजन की बड़ी खबर न भेज पाने के कारण पत्रकारों को अपने संस्थानो से भी खरी खोटी सुननी पड़ती है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से निवेदन किया है कि जब भी देहरादून से किसी भी फ़िल्म की शूटिंग की अनुमति सिंगल विंडो द्वारा दी जाए तो अनुमति पत्र में ही शूटिंग स्थल के स्थानीय पत्रकारों को केवल निर्माता निर्देशक और कलाकारों की जानकारी इत्यादि देने के लिए प्रेस मीट करवाने के निर्देश दिए जाएं,ताकि फ़िल्म निर्माताओ को भी कोई परेशानी न हो और पत्रकारों की भी उपेक्षा न हो।