Oct 14, 2026 Login
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नैनीताल बिग ब्रेकिंग : इतिहास में पहली बार ऐतिहासिक नगर पालिका के सभासदों ने उठाया बड़ा कदम, नगर पालिका परिषद, उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन की अनदेखी और सभासदों के प्रति उदासीन रवैये के चलते एक साथ कई सभासदों ने दिया त्यागपत्र

Nainital Big Breaking: For the first time in the history, the members of the historic municipality took a big step, due to the neglect of the Municipal Council, Uttarakhand Government, and the distri

सरोवर नगरी नैनीताल में शुक्रवार को इतिहास में शायद पहली बार नगर पालिका परिषद के सभी सभासदों ने एक साथ त्यागपत्र दे दिया है।जो सभासद नैनीताल में मौजूद नही थे उन्होंने भी टेलीफ़ोनिकली त्यागपत्र देने पर अपनी सहमति जताई है।सभी सभासदों ने त्यागपत्र देने के पीछे नगर पालिका परिषद द्वारा उनकी शिकायतों को अनदेखा किये जाने और जनहित के मुद्दों पर उदासीन रवैया दिखाने की वजह बताई है और त्यागपत्र में साफ लिखा है कि"नगर पालिका परिषद नैनीताल के अंतर्गत निम्न हस्ताक्षरकर्ताओ को जनता ने जन प्रतिनिधि के तौर पर चुना गया था लेकिन बड़े खेद के साथ खनग पड़ रहा है कि वर्तमान में जनहित को दृष्टिगत रखते हुए सभासदों द्वारा पालिका एवं उत्तराखंड शासन था प्रशासन नैनीताल द्वारा सीएम हेल्प लाइन पर की गई शिकायतों,पत्रों पर कोई विचार नही किया गया न ही कोई संज्ञान लेकर गंभीरता पूर्वक कोई कदम उठाया गया।जबकि नैनीताल नगर एक ऐतिहासिक नगर है साथ ही नैनीताल में हाईकोर्ट उत्तराखंड और कुमाऊं मंडल, जिलाधिकारी नैनीताल आदि अतिविशिष्ट कार्यालयो के मुख्यालय स्थापित है इसके बावजूद पालिका प्रशासन, जिला प्रशासन एवं उत्तराखंड सरकार द्वारा जनहित में कोई भी शिकायतों पर संज्ञान नही लिया जा रहा है और न ही शासन प्रशासन का सम्बंधित अपने अपने विभागों के अधीन कर्मचारियों पर कोई पकड़ बनाई जा रही है जिससे जनहित एवं विभागीय कार्यो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।जबकि जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार जन समस्याओं के सम्बंध में पालिका प्रशासन ,उत्तराखंड सरकार जिला प्रशासन आदि को कई बार पत्राचार के माध्यम से अवगत करवाया जा चुका है किंतु पालिका प्रशासन ,उत्तराखंड सरकार, जिला प्रशासन द्वारा कोई भी ठोस कार्यवाही किये जाने की बजाय महज औपचारिकता मात्र कुछ समय के लिए ही कार्य किया जाता है।जिसके बाद समस्या जस की तस बनी रहती है।इसके अलावा अक्सर राष्ट्रीय कार्यक्रमों ,जैसे स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, गांधी जयंती, इत्यादि समारोह में भी सभासदों को नजरअंदाज कर आमंत्रित नही किया जाता।नगर पालिका परिषद नैनीताल की शह में हो रहे अवैध निर्माण और कार्यो के सम्बंध में भी कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई कार्यवाही नही होती बल्कि इस सम्बंध में अधिकारियों द्वारा समाधान करने की बजाय तथ्यों को छुपाने की चेष्टा की जाती है।वर्तमान में पालिका के कर अधीक्षक एवं लेखाकार का शहरी विकास उत्तराखंड शासन द्वारा ट्रांसफर किया गया लेकिन नगर पालिका परिषद नैनीताल में उक्त पदों पर अब तक कोई भरपाई नही की गई है।जिससे पालिका के अंतर्गत जनहित कार्यो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।नगर पालिका परिषद नैनीताल, उत्तराखंड सरकार, और जिला प्रशासन आदि द्वारा इस प्रकार के  रवैये से ऐसा प्रतीत होता है कि सभासद पद जो कि संवैधानिक पद है की घोर उपेक्षा की जा रही है।और नगर पालिका परिषद नैनीताल को इन पदों की आवश्यकता प्रतीत न होने के कारण सभासदों द्वारा जनहित में स्वैच्छिक त्यागपत्र दिया जा रहा है।