Oct 15, 2026 Login
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नैनीताल:हड़ताल खत्म होते ही ज़िम्मेदारी निभाई आधी रात को ही सफाई कर्मचारियों ने कर दी सड़कों की सफ़ाई

Nainital: As soon as the strike ended, the sanitation workers started cleaning the roads at midnight itself.

पिछले मंगलवार से हड़ताल पर चल रहे पर्यावरण मित्रों की मुख्यमंत्री से हुई वार्ता के बाद सरकार ने उनकी सभी मांगे मान ली जिसके बाद बुधवार रात को ही कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी और देर रात को ही सफाई करनी भी शुरू कर दी।सफाई कर्मचारियों के संगठन का कहना है उनकी मांगे सरकार ने मान ली है और हड़ताल के दौरान निकाले गए कर्मचारियों को भी वापस रखा जाएगा साथ ही मुकदमे किये हुए भी वापस होंगे।मुख्यमंत्री ने संगठन से हुई वार्ता में सफाई कर्मचारियों के रिक्त चल रहे पदों पर भर्ती, प्रतिमाह मानदेय बढ़ाकर दस हजार रुपए करने और अन्य मांगों को भी मान लिया है।
गौरतलब है अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर थे उन्होंने अपनी मांगों में मानदेय 8 हज़ार से बढ़ाकर 24 हज़ार करने की मांग की थी जिस पर वार्ता के बाद दस हजार रुपए में बात बनी।
संगठन की मांगों को मानने के बाद ही बुधवार देर शाम सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी और देर रात को ही सड़कों पर फैला कूड़ा समेटने लगे।पिछले एक हफ्ते से राज्यभर में हड़ताल की वजह से सफाई व्यवस्था चरमरा गई थी और गंदगी की वजह से पूरे राज्य में आफत मची हुई थी।
आपको बता दे कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के मामले को बिगड़ता हुए देख हल्द्वानी निवासी अधिवक्ता नीरज तिवारी ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर भी की थी जिसमे उन्होंने पर्यावरण मित्रों की हड़ताल से नगर निकायों में कूड़े के बड़े बड़े ढेर लगने और मॉनसून के समय कूड़े के ढेर से फैलने वाली गंदगी की वजह से महामारी बढ़ने की आशंका जताई थी साथ ही याचिका में ये भी कहा गया था कि स्वच्छ पर्यावरण नागरिकों का मौलिक अधिकार है और सरकार की अनदेखी और हड़ताली कर्मचारियों की हठधर्मिता के कारण नागरिक कूड़े के ढेर के बीच रहने को मजबूर है,सरकार को चाहिए कि सफाई का कोई विकल्प इंतेज़ाम करे और ज़रूरत पड़ने पर एस्मा लागू करे।