नैनीताल:हैप्पीनेस वूमन्स कलेक्टिव द्वारा उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत "एपण"को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए यहाँ आयोजित की गई तीन दिवसीय कार्यशाला
आज आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस वूमेंस कलेक्टिव नैनीताल द्वारा अपनी सांस्कृतिक विरासत एपन (अल्पना) को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का बच्चो एवं महिलाओं के लिए शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रधानाचार्या रामा मांटेसरी विद्यालय नीलू एल्हेनेस के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए संस्था की सभी सदस्याओं रेशमा टंडन , ज्योति मेहरा ,सुनीता वर्मा ,प्रेमलता, कविता गंगोला पूजा शाही,सिम्मी अरोरा, मंजू नेगी ,सोनी अरोरा, संगीता शाह,, बीना शर्मा उमा कांडपाल ,निम्मी कीर, रमा तिवारी, श्वेता अरोरा,कामना कंबोज ,मधु बिष्ट मंजू सनवाल, नेहा डालाकोटी , संध्या तिवारी ,संगीता टंडन, किरन टंडन ,पूजा मल्होत्रा , सोमा शाह का योगदान रहा एवम परोमिता शाह, सुधीर वर्मा और अंकुश गुप्ता का इस कार्यशाला में विशेष सहयोग रहा। कार्यशाला के प्रति प्रतिभागियों का उत्साह सराहनीय था । लगभग 175 ,प्रतिभागी इस कार्य शाला में प्रतिभाग कर रहे हैं।
कार्यशाला में ऐपन बनाने के लिए केवल गेरू और चावल का विस्वार का प्रयोग किया जाएगा एवं मुख्य रूप से देहरी , चौकी, पीठ बनाने की विधि की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।