इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ 'मोदी कार्यकाल: नेहरू के सबसे लंबे शासनकाल के रिकॉर्ड की बराबरी,आज टूटेगा महाकीर्तिमान
नई दिल्ली। भारत के राजनीतिक इतिहास में आज का दिन एक बड़े स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। चुनाव जीतकर आने और लगातार शासन करने वाले प्रधानमंत्रियों की सूची में पीएम मोदी अब संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए हैं। 9 जून तक के आंकड़ों के अनुसार, एक चुने हुए राष्ट्रप्रमुख के तौर पर नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,398 दिनों (साल 2014 से अब तक) का शासन पूरा कर लिया है, जो कि पंडित नेहरू के कुल और लगातार शासनकाल के बराबर है। कल यानी 10 जून को पीएम मोदी इस कीर्तिमान को भी पीछे छोड़ देंगे। इसके साथ ही, बीते 8 जून को उन्होंने सत्ता में अपने सफल 12 वर्ष भी पूरे कर लिए हैं। इन 12 वर्षों में भारत ने घरेलू, रक्षा, आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे पर जो बदलाव देखे हैं, वे अभूतपूर्व हैं।
पीएम मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी सफलता देश का डिजिटल और बैंकिंग बदलाव है। साल 2014 में शुरू की गई 'प्रधानमंत्री जन धन योजना' के तहत अगस्त 2025 तक 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिससे सरकारी योजनाओं का पैसा (डीबीटी) सीधे गरीबों के खातों में पहुंच रहा है। वहीं, यूपीआई (UPI) क्रांति के कारण भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम बन गया है। मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, देश में हर महीने 23 अरब (2,300 करोड़) से अधिक का यूपीआई लेनदेन हो रहा है। इसके साथ ही 2017 में लागू 'जीएसटी' (वन नेशन, वन टैक्स) ने देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है, जिससे अब हर महीने रिकॉर्ड 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स कलेक्शन हो रहा है। बीते 12 वर्षों में लगभग 1.46 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण, रेलवे का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और आधुनिक 'वंदे भारत' ट्रेनों की शुरुआत ने देश की रफ्तार बदल दी है। 'उड़ान' योजना से छोटे शहरों तक हवाई कनेक्टिविटी पहुंची है। सामाजिक स्तर पर 'जल जीवन मिशन' के तहत 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों तक साफ पानी और 'पीएम आवास योजना' के जरिए 4 करोड़ से अधिक पक्के मकान बनाकर गरीबों को दिए गए हैं। 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण और 'उज्ज्वला योजना' के तहत 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देना मोदी सरकार के बड़े नीतिगत फैसलों में शामिल हैं। अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाना मोदी सरकार का सबसे साहसिक राजनीतिक कदम माना जाता है। इसके अलावा, आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी आईएनएस विक्रांत और तेजस जैसे हथियारों से भारत का रक्षा निर्यात बढ़ा है। फिलीपींस और इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल के सौदे इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। आयुष्मान भारत' योजना के तहत देश के करोड़ों परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। कोरोना संकट के दौरान भारत ने न केवल 220 करोड़ से अधिक स्वदेशी वैक्सीन की डोज मुफ्त लगाई, बल्कि 'वैक्सीन मैत्री' के जरिए दुनिया की मदद कर 'फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड' का गौरव हासिल किया। अंतरिक्ष के क्षेत्र में, निजी भागीदारी के रास्ते खुलने से 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप काम कर रहे हैं। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 'चंद्रयान-3' की सफल लैंडिंग और सौर मिशन 'आदित्य-एल1' की कामयाबी ने वैश्विक पटल पर भारत की वैज्ञानिक क्षमता का लोहा मनवाया है। लगातार 12 वर्षों का यह सफर गवाह है कि नीतिगत फैसलों और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के दम पर भारत आज वैश्विक महाशक्ति बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है।