Sep 14, 2026 Login

70 करोड़ के नकली सिक्कों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश: 6 मशीनें, 39 डाई और कारों के साथ 5 गिरफ्तार,टोल प्लाजा और शराब ठेकों पर खपाते थे 20 के सिक्के

Massive ₹70 crore counterfeit coin racket busted: 5 arrested with 6 machines, 39 dies, and cars; ₹20 coins were circulated at toll plazas and liquor vends.

सहारनपुर। नकली नोटों के काले कारोबार के बाद अब उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में नकली सिक्कों का एक बड़ा और चौंकाने वाला खेल सामने आया है। शहर कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त और बड़ी कार्रवाई करते हुए देश भर में फैले नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से 1.28 लाख रुपये मूल्य के 20-20 रुपये के 6,400 नकली सिक्के, सिक्के बनाने की भारी-भरकम 6 मशीनें, 39 बिना मुहर की डाई और 20 मुहर लगी डाई बरामद की हैं। 

एसएसपी अभिनंदन सिंह ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान इस पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से हुई शुरुआती पूछताछ में यह बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि यह गिरोह अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका है। जांच में पता चला है कि गिरोह ने हरियाणा के सोनीपत में एक बाकायदा प्लांट लगा रखा था, जहाँ आधुनिक मशीनों की मदद से 20-20 रुपये के सिक्के तैयार किए जाते थे। इन सिक्कों को तैयार करने से लेकर उनकी फिनिशिंग तक के लिए पूरा सेटअप तैयार किया गया था। सोनीपत के इसी प्लांट से नकली सिक्कों की खेप उत्तर प्रदेश, हरियाणा और आसपास के कई अन्य राज्यों में सप्लाई की जाती थी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 20 रुपये के सिक्कों को खपाना बेहद आसान होता था, क्योंकि आम तौर पर कोई भी सिक्कों की सत्यता की बारीक जाँच नहीं करता। गिरोह के सदस्य इन नकली सिक्कों को सामान्य बाजारों के अलावा मुख्य रूप से सरकारी शराब के ठेकों और हाइवे पर स्थित टोल प्लाजा पर बड़ी चालाकी से खपाते थे। इन जगहों पर भारी मात्रा में सिक्कों का लेन-देन होने के कारण नकली सिक्के आसानी से चला दिए जाते थे। पिछले कुछ समय से सहारनपुर के बाजारों में नकली सिक्के चलने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस और सर्विलांस टीमों को अलर्ट किया गया। रविवार को एक सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जुबली पार्क के पास घेराबंदी कर गिरोह के 5 सदस्यों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह (निवासी जिरकपुर, मोहाली), हिमांशु उर्फ गुल्लू (निवासी बरसी, सहारनपुर), कुलदीप (निवासी आवास विकास, सहारनपुर), संतोष चौरसिया उर्फ जनार्धन (निवासी मधुबनी, बिहार) और अनुराग पाल उर्फ लंकेश (निवासी संत रविदास नगर) के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से 1.28 लाख के तैयार सिक्कों के साथ करीब 5 लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के भी जब्त किए हैं। इसके अलावा 500-500 रुपये के 20 असली नोट, डाई पॉलिश मशीन, दो घिसाई पत्थर, 8 मोबाइल फोन, 2 कारें, 7 हिसाब-किताब के रजिस्टर, पैड और एक चेकबुक बरामद की गई है। सहारनपुर पुलिस अब इस नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य मददगारों का पता लगाने में जुट गई है, ताकि इस अंतरराज्यीय गिरोह की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ा जा सके।