राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी मामले में आपराधिक मानहानि ट्रायल पर लगाई रोक
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रहे क्रिमिनल मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दी गई उनकी कथित विवादित टिप्पणी 'कमांडर-इन-थीफ' से जुड़ा हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी। यह मामला वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी के लिए कथित तौर पर ‘कमांडर-इन-थीफ’ शब्द का इस्तेमाल करने से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने की। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी अदालत में पेश हुए। पीठ ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आठ सितंबर के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि जवाब दाखिल होने तक निचली अदालत में मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से राहुल गांधी को फिलहाल राहत मिली है। हालांकि, मानहानि मामले का अंतिम निपटारा अभी नहीं हुआ है। अब आगे की सुनवाई में यह तय होगा कि मामले को रद्द करने की उनकी मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है। इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि की शिकायत और उससे संबंधित समन को रद्द करने की मांग की थी। न्यायमूर्ति एनआर बोरकर की एकल पीठ ने मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने अपने वर्ष 2021 के अंतरिम आदेश को छह सप्ताह तक जारी रखा था, ताकि राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का अवसर मिल सके। इसके बाद राहुल गांधी ने शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी। अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले में जवाब मांगा है और निचली अदालत की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस आदेश का अर्थ यह नहीं है कि राहुल गांधी को मानहानि के आरोपों से अंतिम रूप से मुक्त कर दिया गया है। मामले का कानूनी फैसला होना अभी बाकी है। इस मामले में शिकायत एमएच श्रीश्रीमल ने दर्ज कराई थी। उन्होंने राहुल गांधी की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि भारतीय जनता पार्टी का सदस्य होने के नाते वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी से आहत हुए थे। हाईकोर्ट में राहुल गांधी की ओर से यह दलील दी गई थी कि शिकायतकर्ता कथित टिप्पणी से सीधे प्रभावित पक्ष नहीं हैं, क्योंकि टिप्पणी किसी व्यक्ति के बजाय राजनीतिक संदर्भ में की गई थी। अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और शिकायतकर्ता की याचिका पर आपत्ति को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हैं। अदालत ने संबंधित पक्ष को चार सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है। तब तक निचली अदालत में मुकदमे की आगे की कार्यवाही रुकी रहेगी। यह मामला राजनीतिक बयानबाजी और आपराधिक मानहानि कानून के दायरे को लेकर भी चर्चा में रहा है। फिलहाल राहुल गांधी को ट्रायल की कार्यवाही से अंतरिम राहत मिली है, लेकिन आरोपों की वैधता और मामले को रद्द करने की मांग पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।