कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने एसडीएम कार्यालय में मारा छापा! गायब मिले कर्मचारी
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत अपनी कार्यशैली के लिए सुर्खियों में रहते हैं। इस बार दीपक रावत ने उपजिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट और जिला प्राधिकारी कार्यालय में छापेमारी की। कमिश्नर की छापेमारी से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा। इस दौरान कमिश्नर रावत ने कार्यालयों के उपस्थिति रजिस्टर चेक किए। जहां कई कर्मचारी गायब मिले। अपने कर्मचारियों को बचाने में अधिकारी अलग-अलग तर्क देते रहे लेकिन कमिश्नर दीपक रावत ने नाराजगी जाहिर कर गायब कर्मचारियों से जवाब मांगा है।
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के निरीक्षण के दौरान 3 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। साथ ही अवकाश के लिए आवेदन में भी कमी मिली। जिस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कर्मचारियों को ऑफिस समय से पहुंचने और प्लान के तहत कार्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा दीपक रावत ने उपजिलाधिकारी कार्यालय में बनी पार्किंग व्यवस्था को भी परखा। जहां परिसर में गंदगी मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। कमिश्नर रावत ने एसडीएम कार्यालय में आए फरियादियों की समस्याएं भी सुनी और उन्हें दूर किया। इतना ही नहीं दीपक रावत ने एसडीएम कार्यालय में बैठे-बैठे कई फरियादियों की समस्या का मौके पर निस्तारण भी किया। इस दौरान उन्होंने प्राधिकरण की कई फाइलों का भी निरीक्षण किया। जहां पाया कि फाइलों के काम में लेट लतीफी हो रही है ऐसे में उन्होंने फाइलों को तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए। उधर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की छापेमारी की खबर लगते ही तमाम अधिकारी और कर्मचारियों के कान खड़े हो गए। आनन-फानन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटते दिखे लेकिन कमिश्नर रावत की पैनी नजर से नहीं बच पाए।