बिहार विधानसभा में आज गूंजेंगे अहम मुद्दे: पेश होंगे 7 महत्वपूर्ण विधेयक,नीट पेपर लीक पर फिर हंगामे के आसार
पटना। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी सदन के भीतर और बाहर सियासी गर्माहट बने रहने के आसार हैं। सत्र के पहले दिन 87 हज़ार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किए जाने के दौरान विपक्ष के जोरदार हंगामे के बाद, आज भी नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भारी गहमागहमी की संभावना है। हंगामे के बीच आज सरकार सदन में जुआ प्रतिषेध, भूमि दाखिल-खारिज और चिकित्सा संशोधन समेत कई अति-महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। सदन की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी,जिसमें माननीय विधायकों द्वारा पूछे गए अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों के जवाब संबंधित मंत्रियों द्वारा दिए जाएंगे। इसके बाद विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन, सरकारी वक्तव्य और अन्य आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाएंगे। प्रश्नकाल के ठीक बाद योजना एवं विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग से जुड़े ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर सरकार अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करेगी। इसके अलावा, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा पथ निर्माण विभाग की वार्षिक रिपोर्ट भी पटल पर रखी जाएगी। दोपहर एक से दो बजे तक के मध्याह्न अवकाश (लंच ब्रेक) के बाद सदन में विधायी कार्यों की शुरुआत होगी। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पटल पर रखने, उन पर विचार करने और उन्हें पारित कराने का प्रस्ताव लाएगी।
बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026: गृह मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा सदन में पेश किया जाएगा।
बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026: वाणिज्य-कर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव प्रस्तुत करेंगे।
बिहार कृषि भूमि समपरिवर्तन (निरसन) विधेयक, 2026: राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल पेश करेंगे।
बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से प्रस्तुत होगा।
बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा पेश किया जाएगा।
बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026: स्वास्थ्य विभाग की ओर से पटल पर रखा जाएगा।
बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026: गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार सदन में पेश करेंगे।
जहाँ एक ओर सरकार इन जनहित के विधेयकों को पारित कराने की पूरी तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है। नीट पेपर लीक का मुद्दा और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाकर विपक्ष सदन की कार्यवाही बाधित करने के मूड में है। ऐसे में आज का सत्र काफी हंगामेदार और विधायी दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।