रूस के भीषण मिसाइल हमले से यूक्रेन में दहला भारत: कीव में एक भारतीय नागरिक की मौत, राष्ट्रपति जेलेंस्की बोले-रातभर गिरे बारूद
नई दिल्ली। यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब भारतीयों के लिए भी सीधे तौर पर घातक साबित होने लगा है। यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों में रूस द्वारा किए गए एक विनाशकारी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि रूस के रातभर चले इन घातक हमलों में कुल 12 बेकसूर लोगों की जान गई है और दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस दुखद घटना के बाद से कूटनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान रातभर किए गए रूसी हमलों ने यूक्रेन के कई शहरों को दहला दिया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के मुताबिक, रूसी सेना ने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से कई इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल बताया गया है। हमलों में दर्जनों लोग घायल हुए हैं। रिहायशी इमारतों के साथ-साथ रेलवे और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जेलेंस्की ने बताया कि राजधानी कीव और आसपास के इलाकों में हमले के बाद करीब 350 बचावकर्मी राहत और बचाव अभियान में जुटे हैं। बोरिस्पिल में रूसी हमले से पांच मंजिला रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। यहां से करीब 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, बोरिस्पिल में चार लोगों की मौत हुई, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं। कीव में रूसी हमले का प्रमुख निशाना रेलवे डिपो और उससे जुड़ी सुविधाएं रहीं। जेलेंस्की के मुताबिक, रेलवे डिपो पर हुए हमले में सात लोगों की मौत हुई। यूक्रेनी रेलवे के प्रमुख ओलेक्सांद्र पर्त्सोव्स्की ने बताया कि मृतकों में रेलवे के छह कर्मचारी शामिल हैं। उनके मुताबिक रूसी सेना ने रेलवे डिपो और उससे संबंधित सुविधाओं को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया। हमले में डिपो के पास स्थित एक वर्कशॉप पूरी तरह तबाह हो गई। कई स्थानों पर आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दमकलकर्मी जुटे रहे। हमले में एक अन्य रेलवे कर्मचारी भी घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दर्जनों कर्मचारियों ने समय रहते शेल्टर में पहुंचकर अपनी जान बचाई। कंपनी ने मृत कर्मचारियों के परिवारों से संपर्क कर उन्हें आवश्यक सहायता देने की बात कही है। हमले के बाद दो रेल सेक्शन पर यातायात कुछ समय के लिए रोक दिया गया था, हालांकि बाद में इसे बहाल कर दिया गया। जेलेंस्की के मुताबिक, ओडेसा और आसपास के क्षेत्रों में भी ड्रोन और निर्देशित हवाई बमों से हमले किए गए। हमलों के कारण हजारों परिवारों के सामने बिजली संकट पैदा हो गया। रोमानिया की सीमा से लगे एक बॉर्डर क्रॉसिंग और निर्यात से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। रूसी हमलों की चपेट में खेरसॉन, डोनेत्स्क, जापोरिज्जिया, खार्किव, चेर्निहाइव, जाइटोमिर, सुमी और द्निप्रो क्षेत्र भी आए। कई स्थानों पर इमारतों को नुकसान पहुंचा और आग लगने की घटनाएं सामने आईं। यूक्रेन में इससे पहले भी रूसी हमलों के कारण रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रही हैं। 28 अगस्त को लगातार दूसरे दिन कई ट्रेनें देरी से चली थीं और कुछ सेवाओं में देरी 15 घंटे से अधिक रही थी। रातभर चले इन हमलों ने एक बार फिर यूक्रेन के नागरिक और बुनियादी ढांचे पर युद्ध के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया है। भारतीय नागरिक की मौत की खबर ने हमले को लेकर भारत में भी चिंता बढ़ा दी है। यूक्रेन के अलग-अलग इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है तथा क्षति का आकलन किया जा रहा है।