अमेरिका में " खुद देश छोड़ने” की खबर कितनी सही जानिए DHS के दावे और वायरल मैसेज का पूरा फैक्ट चेक

How Accurate Is the News About "Voluntarily Leaving the Country" in the US? A Complete Fact-Check of DHS Claims and Viral Messages.

सोशल मीडिया पर अमेरिका को लेकर एक भ्रामक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वहां की सरकार अवैध प्रवासियों को खुद देश छोड़ने पर पैसे और फ्री टिकट दे रही है। इस दावे के साथ कुछ स्क्रीनशॉट भी शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें Department of Homeland Security (DHS) के कथित दस्तावेजों का हवाला दिया गया है। वायरल मैसेज में यह भी कहा गया है कि जबरन डिपोर्ट करने पर व्यक्ति को 1-2 महीने तक जेल में रखा जाता है और सरकार पर 15 से 20 हजार डॉलर तक खर्च आता है, इसलिए सरकार लोगों को पैसे देकर खुद वापस भेज रही है।

हालांकि, इस पूरे मामले की पड़ताल में सामने आया कि यह दावा पूरी तरह सही नहीं है, बल्कि आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाया जा रहा है।

DHS द्वारा वास्तव में एक ऐसा प्रोग्राम चलाया गया है, जिसमें कुछ परिस्थितियों में अवैध प्रवासियों को स्वैच्छिक रूप से अपने देश लौटने के लिए यात्रा सहायता और सीमित आर्थिक मदद दी जा सकती है। लेकिन यह सुविधा हर व्यक्ति के लिए नहीं है और इसके लिए कई शर्तें और पात्रता मानदंड तय किए गए हैं।

वायरल मैसेज में यह भी दावा किया गया कि लाखों लोग इस योजना के तहत “self-deport” कर चुके हैं, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस प्रोग्राम का लाभ लेने वालों की संख्या इससे काफी कम है। इसी तरह, जबरन डिपोर्टेशन के मामलों में हिरासत में रखने की प्रक्रिया हर केस में एक जैसी नहीं होती और यह व्यक्ति की कानूनी स्थिति पर निर्भर करती है। जहां तक खर्च का सवाल है, विशेषज्ञों के अनुसार एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने, हिरासत में रखने और डिपोर्ट करने में औसतन 15 से 17 हजार डॉलर तक का खर्च आ सकता है, लेकिन यह एक अनुमानित आंकड़ा है, न कि तय राशि।

कुल मिलाकर, यह कहना गलत होगा कि अमेरिका की सरकार सभी अवैध प्रवासियों को पैसे देकर वापस भेज रही है। सच्चाई यह है कि स्वैच्छिक वापसी को प्रोत्साहित करने के लिए एक सीमित दायरे का प्रोग्राम जरूर मौजूद है, लेकिन वायरल मैसेज में इसे बढ़ा-चढ़ाकर और गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जिससे लोगों में भ्रम और डर फैल रहा है।