भीषण सड़क हादसा:रामगढ़ सड़क हादसे में एक परिवार के तीन लोगों सहित 8 की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा, सीएम ने जताया दुख

Horrific Road Accident: 8 killed, including three members of the same family, in Ramgarh road accident; relatives' anger erupts; CM expresses grief.

रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया। लारी-बरलौंग के पास कोयला लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने बैंड पार्टी के कलाकारों को लेकर जा रहे सवारी वाहन को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत होने से पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है। मृतकों की पहचान अनोद कुमार (31), डेविड करमाली (28), पप्पू करमाली (18), पवन करमाली (23), अशोक डोम (45), शक्ति डोम (34), हेमंत कुमार महतो (25) और मनीष कुमार (22) के रूप में हुई है। इनमें अशोक डोम और शक्ति डोम सगे भाई थे। परिजनों के अनुसार इस दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

हादसे के बाद सभी शवों को रामगढ़ सदर अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी रही। अस्पताल परिसर में मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन, पुलिस और चिकित्सकों की टीम लगातार मौके पर मौजूद रही। पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। दुर्घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और घटनास्थल पर जमा हो गए तथा पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग करने लगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मुआवजे की घोषणा नहीं की गई तो वे शवों को सड़क पर रखकर चक्का जाम करेंगे। घटना के विरोध में रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग पर कुछ समय के लिए जाम भी लगाया गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। रजरप्पा थाना प्रभारी और रामगढ़ अंचल अधिकारी रमेश रविदास ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। वहीं, आजसू जिला अध्यक्ष दिलीप दांगी ने पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का भरोसा जताते हुए जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल परिजनों से संवाद स्थापित करना चाहिए था और नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि प्रशासन की देरी से लोगों में नाराजगी बढ़ी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर राज्य में सड़क सुरक्षा, भारी वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग दोषी ट्रक चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं।