गरुड़ गंगा में बन रही पार्किंग पर हाईकोर्ट सख्त, निर्माण पर रोक बरकरार
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गरुड़ गंगा में प्रस्तावित बहुमंजिला पार्किंग निर्माण मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने 22 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस पार्किंग के निर्माण पर पहले से लगी रोक को बरकरार रखते हुए जिला अधिकारी और उपजिलाधिकारी से तीन सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि यह निर्माण कार्य नदी के बीचों-बीच किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है। उन्होंने इसे सरकार के धन की बर्बादी करार देते हुए कहा कि इस तरह का निर्माण भविष्य में किसी बड़ी आपदा को न्योता दे सकता है। विशेषकर बरसात के मौसम में बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ सकता है। यह जनहित याचिका गरुड़ निवासी दिनेश चंद्र सिंह द्वारा दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि गरुड़ गंगा के मध्य बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण नदी के प्राकृतिक प्रवाह को प्रभावित कर सकता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल पिथौरागढ़ द्वारा 7 जून 2024 के शासनादेश का उल्लंघन करते हुए गोलू मार्केट क्षेत्र में यह निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अदालत से इस परियोजना पर स्थायी रोक लगाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक जारी रखते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जवाब मांगा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी, जिसमें प्रशासन को अपने पक्ष में ठोस आधार प्रस्तुत करना होगा।