हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था कड़ीः अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए अलग प्रोटोकॉल! एसएसपी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा, धमकी भरे ईमेल के तार नीदरलैंड से जुड़ने की आशंका

High Court security tightened: separate protocols for advocates and litigants! The SSP reviewed the arrangements, and the threatening emails are suspected to be linked to the Netherlands.

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार अलर्ट मोड पर काम कर रही हैं। एसएसपी नैनीताल मंजुनाथ टीसी, एसपी क्राइम जगदीश चंद्र और मुख्य सुरक्षा अधिकारी हाईकोर्ट समेत पुलिस टीम द्वारा न्यायालय परिसर में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रभावी एंटी-सबोटाज चेकिंग और फ्रिस्किंग की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके। आज एसएसपी ने स्वयं उच्च न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सभी अधिकारियों और कार्मिकों को पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय के प्रत्येक गेट पर प्रवेश व्यवस्था को श्रेणीवार व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें अधिवक्ताओं, वादकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सिक्योरिटी ऑडिट टीम को उन्नत सुरक्षा योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। परिसर में तैनात पुलिस बल, क्यूआरटी, वायरलेस यूनिट, चौकी पुलिस, फायर सर्विस और बम डिस्पोजल स्क्वॉड की भी समीक्षा की गई है। सुरक्षा ऑडिट कमेटी को एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर जल्द लागू करने को कहा गया है। प्रेस वार्ता के दौरान अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल का स्रोत नीदरलैंड से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। फिलहाल न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।