Aug 31, 2026 Login

नेपाल में जलप्रलय से हाहाकार: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 903! 4247 लोग अब भी लापता,चीन ने दी 22 लाख डॉलर की मदद

Havoc caused by deluge in Nepal: Death toll rises to 903! 4,247 people still missing; China provides $2.2 million in aid.

काठमांडू। नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने से आई विनाशकारी बाढ़ और मलबे के सैलाब ने नेपाल से लेकर तिब्बत तक भीषण तबाही मचाई है। आपदा के बाद से अब तक नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़कर 903 तक पहुंच चुकी है, जबकि 4,247 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार आठ प्रभावित जिलों में मलबे में दबे शवों को निकालने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं।

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी में आए भीषण सैलाब के बाद अब तक 903 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 4,247 लोग अभी भी लापता हैं। छह दिन बाद भी कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। सुरक्षाबल और बचाव दल मलबे के बीच फंसे लोगों की तलाश के साथ-साथ विभिन्न जिलों से शव बरामद करने में जुटे हैं। नेपाल सरकार के अनुसार अब तक 9,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने के बाद भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से जुड़ी बताई जा रही है। देखते ही देखते पानी, कीचड़ और मलबे का सैलाब निचले इलाकों की ओर बह निकला। उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही हुई। घर, सड़कें, पुल और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे बाढ़ की चपेट में आ गए। कई पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है और बड़ी संख्या में कर्मचारी अब भी सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक प्रभावित आठ जिलों में लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं। चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और गोरखा समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में शव मिले हैं। राहत और बचाव दल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, मलबे और खराब मौसम के बीच अभियान चला रहे हैं। कई स्थानों तक पहुंचना अभी भी चुनौती बना हुआ है। बाढ़ से पनबिजली परियोजनाओं को भी बड़ा नुकसान हुआ है। करीब 933 कर्मचारी विभिन्न हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते बचाव अभियान का विशेष फोकस इन क्षेत्रों पर है। भारतीय और चीनी विशेषज्ञ भी सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने के प्रयासों में सहयोग कर रहे हैं। नेपाल में आई इस भीषण आपदा के बीच चीन ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। चीन सरकार ने करीब 22 लाख डॉलर की राहत सहायता दी है। इसमें करीब 20 लाख डॉलर चीनी सरकार और दो लाख डॉलर चीनी रेड क्रॉस की ओर से शामिल हैं। चीन की ओर से राहत सामग्री और बचाव संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी बाढ़ का असर पड़ा है। चीनी मीडिया के मुताबिक वहां 16 लोगों की मौत हुई है और करीब 550 लोग लापता हैं। सीमा क्षेत्र में बाढ़ ने परिवहन और व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचे को भी प्रभावित किया है। आपदा के बाद बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार पहले जारी अपडेट में 275 से अधिक भारतीय नागरिक और 128 भारतीय मूल के लोग लापता या संपर्क से बाहर बताए गए थे। 108 भारतीय नागरिकों को नेपाल में सुरक्षित निकाला गया है, जबकि चीन की ओर से भी सैकड़ों भारतीयों के सुरक्षित नेपाल पहुंचने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत सामग्री के साथ सुरंग बचाव और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी नेपाल भेजी है। भारत की ओर से भेजी गई फॉरेंसिक टीम डीएनए जांच के जरिए मृतकों की पहचान में नेपाली अधिकारियों की मदद कर रही है। इस बीच नेपाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उसकी प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, फंसे लोगों का रेस्क्यू और प्रभावितों तक तत्काल राहत पहुंचाना है। नेपाल में अब चुनौती सिर्फ जान बचाने की नहीं, बल्कि हजारों लापता लोगों की तलाश और तबाह हुए बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने की भी है। लगातार जारी बचाव अभियान के बीच हर गुजरते दिन के साथ मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका ने पूरे देश की चिंता बढ़ा दी है।