हरीश राणा को मिल गई इच्छामृत्यु! दिल्ली एम्स में हुआ निधन, 10 दिन भर्ती रहने के बाद ली आखिरी सांस
नई दिल्ली। भारत में निष्क्रिय इच्छा मृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का आज मंगलवार को निधन हो गया। उन्हें 14 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया था। उन्होंने 11वें दिन अंतिम सांस ली। 14 मार्च को भर्ती होने के बाद 16 मार्च से हरीश राणा की इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया शुरू हुई थी। प्रक्रिया के पहले चरण में उनको ट्यूब के जरिए दिया जाने वाला खाना पहले बंद किया गया था, इसके बाद दूसरे चरण में पानी बंद किया गया था। तब से डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर रख रहे थे। डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें दर्द कम करने वाली दवाएं दी जा रही थी ताकि उनकी अंतिम यात्रा बिना किसी दर्द के पूरी हो सके। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को हरीश राणा केस में बड़ा फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले करीब 13 साल से अचेत अवस्था में बिस्तर पर पड़े गाजियाबाद के हरीश राणा को पैसिव युथनेसिया (इच्छा मृत्यु) देने की मांग पर फैसला सुनाते हुए उसे इच्छा मृत्यु की मंजूरी दी थी। कोर्ट ने कहा था कि हरीश राणा को एम्स के पैलिएटिव केयर में भर्ती किया जाएगा, ताकि मेडिकल ट्रीटमेंट वापस लिया जा सके। बता दें कि भारत में ये पैसिव यूथेनेसिया का पहला मामला है। हरीश राणा पंजाब विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र थे। वर्ष 2013 में चौथी मंजिल से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद से वह लगातार कोमा में थे। इस दौरान उन्हें कृत्रिम न्यूट्रिशनल और बीच-बीच में ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाता था।