हल्द्वानी:खुदी हुई सड़क ने ली जान!पनचक्की रोड पर ट्रक की चपेट में आए रिटायर्ड वैज्ञानिक,अव्यवस्था का खामियाजा भुगत रही जनता

Haldwani: Dug-up road claims life! Retired scientist hit by truck on Panchakki Road, public bearing the brunt of chaos

हल्द्वानी में चल रहे सीवेज निर्माण कार्य एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गए हैं। पनचक्की रोड स्थित अंबिका विहार क्षेत्र में सड़क पर खोदे गए गड्ढों के कारण एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। ट्रक की चपेट में आने से सुरेश चंद्र पांडे की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

 


बताया जा रहा है कि यह हादसा रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ। सुरेश चंद्र पांडे रानीबाग में एक परिचित के अंतिम संस्कार में शामिल होकर शांति नगर स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सीवेज लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क पर यातायात अव्यवस्थित था। ट्रक से किनारा लेते समय उनका स्कूटर असंतुलित हुआ और वे वाहन की चपेट में आ गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें सड़क की खराब स्थिति और संकरे रास्ते के बीच हादसा स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। सुरेश चंद्र पांडे गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय में कृषि वैज्ञानिक के पद से सेवानिवृत्त थे। वे हल्द्वानी में अपनी पत्नी लता पांडे के साथ रह रहे थे। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका विवाह हो चुका है। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के बाद स्थानीय पार्षद मुकुल बल्यूटिया ने Uttarakhand State Development and Urban Development Authority (USDDA) की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि पिछले दो महीनों से सड़क पर सीवेज लाइन के लिए गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, लेकिन सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।
वहीं क्षेत्रीय विधायक सुमित हृदयेश ने भी मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस मार्ग को वन-वे करने और भारी वाहनों की आवाजाही सीमित करने की मांग पहले ही की जा चुकी है, लेकिन अमल नहीं हुआ।
यह हादसा बताता है कि विकास कार्यों के दौरान यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाए तो उसके परिणाम कितने घातक हो सकते हैं। स्थानीय लोग अब जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।