चारधाम यात्रा के लिए ग्रीन कार्ड प्रणाली शुरू, सुरक्षित और सुगम सफर का दावा

Green Card System Launched for Char Dham Yatra; Safe and Smooth Journey Promised

हरिद्वार। आगामी 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने ग्रीन कार्ड प्रणाली का शुभारंभ कर दिया है। सोमवार को एआरटीओ कार्यालय रोशनाबाद में आयोजित कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने इस नई व्यवस्था की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रीन कार्ड प्रणाली से यात्रा को गति मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले सभी व्यावसायिक यात्री वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य किया जा रहा है। इसके तहत वाहनों की तकनीकी जांच की जाएगी, जिससे केवल फिट और सुरक्षित वाहन ही यात्रा में शामिल हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव कराना है।

ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए वाहन स्वामी परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और निर्धारित शुल्क जमा कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें अपने नजदीकी परिवहन कार्यालय में वाहन का तकनीकी निरीक्षण कराना होगा। निरीक्षण में सफल होने पर ही ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा। विभाग के अनुसार यह व्यवस्था यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक साबित होगी। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए गए। शांतिकुंज हरिद्वार के वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा हवन-पूजन किया गया, जिसमें विभागीय अधिकारियों ने आहुति दी। इसके बाद अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने वाहन चेकिंग कार्यालय का उद्घाटन किया। पहले ही दिन करीब 34 वाहनों के ग्रीन कार्ड जारी किए गए, जिससे वाहन स्वामियों में उत्साह देखा गया। एआरटीओ कार्यालय में दिनभर चहल-पहल बनी रही। विभाग ने बताया कि मंगलवार से ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया नियमित रूप से जारी रहेगी। वहीं, स्कूल बसों के किराए में संभावित वृद्धि को लेकर पूछे गए सवाल पर परिवहन मंत्री ने कहा कि अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च को इस मुद्दे पर बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि किराया निर्धारण करते समय आम लोगों की सुविधा और बस संचालन की व्यावहारिकता को ध्यान में रखा जाएगा।