मिडिल ईस्ट में महाजंगः खामेनेई की मौत के बाद बिगड़े हालात! आईआरजीसी ने दी बदला लेने की चेतावनी, ईरान में नए सुप्रीम लीडर का ऐलान

Great war in the Middle East: Situation worsens after Khamenei's death! IRGC warns of revenge, Iran announces new Supreme Leader

नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। इस युद्ध ने दुनिया की टेंशन को एक बार फिर बढ़ा दिया है और खासतौर पर तेल की कीमतों को लेकर चिंता चरम पर पहुंच गई है। रिपोर्ट्स की मानें तो अगले सप्ताह क्रूड ऑयल की कीमतों में तगड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इस युद्ध के चलते हॉर्मुज ऑफ स्ट्रेट पर जहाजों को रोक दिया गया है, जिससे मिडिल ईस्ट से तेल सप्लाई बाधित होती नजर आ रही है। इधर सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है। मोजतबा खामेनेई का जन्म 1969 में मशहद शहर में हुआ था। उन्होंने धार्मिक माहौल में शिक्षा पाई। ईरान और इराक के युद्ध के आखिरी दौर में उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड में भी काम किया था। कहा जाता है कि वे पर्दे के पीछे रहकर कई बड़े फैसलों में भूमिका निभाते थे। हालांकि उन्होंने कभी कोई बड़ा सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन वे अपने पिता के भरोसेमंद सलाहकार थे। सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं।

खामेनेई की मौत का लेंगे बदला, आईआरजीसी ने दी चेतावनी

सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने बदले की चेतावनी दी है।  ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाईइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने घोषणा की है कि वह इस्लामी गणराज्य के इतिहास का सबसे तीव्र और विनाशकारी सैन्य अभियान शुरू करने जा रही है, जो इस्राइल और अमेरिका के मध्य पूर्व में मौजूद ठिकानों को निशाना बनाएगा। यह जानकारी ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने आईआरजीसी के एक बयान के पर प्रकाशित की है। आईआरजीसी ने कहा है कि यह ऑपरेशन कुछ ही पलों में शुरू होगा और इसका लक्ष्य क्षेत्र में अमेरिकी व इस्राइली सैन्य प्रतिष्ठान और अन्य महत्वपूर्ण ठिकाने होंगे। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक आईआरजीसी ने खामेनेई की मौत पर कहा है कि हमने एक महान लीडर खो दिया है और हम उनके लिए दुख मनाते हैं। बयान में कहा गया कि आईआरजीसी घरेलू और विदेशी साजिशों का डटकर सामना करेगा। जिससे साफ हो गया कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान चुप नहीं बैठेगा।