Good Morning India: मौसम का कहर,पूर्वोत्तर में बाढ़ और भूस्खलन से हाहाकार,अंकिता भंडारी के माता-पिता से दिल्ली में मिले राहुल गांधी,नैनीताल में आज भाजपा का महामंथन,सीएम धामी के साथ सांसद-विधायक और संगठन पदाधिकारी करेंगे बैठक,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एकबार फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।
113 साल का रिकॉर्ड टूटा: अमेरिका के इंडियाना में जलप्रलय, 24.9 फीट से ऊपर पहुंची व्हाइट नदी,5 की मौत।
धरती कांपी, फिर भी नहीं टूटीं इमारतें! इंडोनेशिया के ‘भूकंप मॉडल’ ने दुनिया को चौंकाया।
शक्ति की सप्तधारा’ से विकसित भारत का संकल्प, लालकिले से पीएम मोदी ने दिया 2047 का रोडमैप।
गृहमंत्री अमित शाह पहुंचे झीलों की नगरी उदयपुर: सीएम भजनलाल शर्मा ने की अगवानी, आज निम्बाहेड़ा में अटल जी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण।
मौसम का कहर: पूर्वोत्तर में बाढ़ और भूस्खलन से हाहाकार, हिमाचल में बारिश-आपदा से 183 की मौत और 972 करोड़ का नुकसान।
झारखंड में छात्र आंदोलन हुआ उग्र: सीएम हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग, कांग्रेस को समर्थन वापस लेने का अल्टीमेटम।
कर्नाटक के हनूर जंगल में तीन संदिग्ध शिकारियों की मौत, गोलीबारी पर उठे सवाल,सीएम ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश।
एलपीजी उपभोक्ता सावधान! आज ई-केवाईसी कराने की आखिरी तारीख, न कराने पर रुकेगी सब्सिडी और गैस बुकिंग।
पटना में गर्दनीबाग से हुंकार: सांसद पप्पू यादव की भूख हड़ताल आज, बिहार बंद और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी।
बंगाल में 'आयुष्मान भारत' का श्रीगणेश: आज पूरे राज्य में मन रहा आयुष्मान दिवस, 6 करोड़ लोगों को मिलेगा 5 लाख तक मुफ्त इलाज।
राष्ट्रपति भवन का ‘अमृत उद्यान’ आज से जनता के लिए खुला: 15 सितंबर तक सकेंगे रंग-बिरंगे फूलों का दीदार, प्रवेश पूरी तरह मुफ्त।
उत्तराखंड में मानसून के तीखे तेवर: देहरादून, चंपावत और बागेश्वर सहित कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बिजली गिरने की चेतावनी।
नैनीताल के रामगढ़ में दर्दनाक टेंपो ट्रैवलर हादसा: सीएम धामी के निर्देश पर घायलों का मुफ्त इलाज, एसटीएच में डॉक्टरों को दिए गए आदेश।
दिव्यांग छात्रों के लिए रिसर्च सेंटर की कवायद ठप: राज्य सरकार से समन्वय की कमी के कारण अटका एनआईईपीवीडी का प्रोजेक्ट।
अंकिता भंडारी के माता-पिता से दिल्ली में मिले राहुल गांधी: 45 मिनट तक अकेले में की बात, बीजेपी पर लगाया वीआईपी को बचाने का आरोप।
उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में कल से डिजिटल स्व-गणना शुरू: 1 सितंबर से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक।
नैनीताल में बीजेपी का चुनावी मंथन: आज सीएम धामी की बड़ी बैठक, कुमाऊं के सांसदों और विधायकों संग तय होगी रणनीति
हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-इंडियानापोलिस। अमेरिका के इंडियाना राज्य में कुदरत के कहर और मूसलाधार बारिश ने सदी का सबसे भयानक जलप्रलय ला दिया है। बीते मंगलवार से जारी तूफानी बारिश के कारण क्षेत्र की प्रमुख 'व्हाइट नदी' का जलस्तर 24.9 फीट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। इस विनाशकारी जलस्तर ने वर्ष 1913 में बने 113 साल पुराने सर्वकालिक रिकॉर्ड को एक फीट से अधिक अंतर से तोड़ दिया है। तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंडियानापोलिस के पूर्वी हिस्सों में बीते कुछ दिनों के भीतर 11 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। नदी के उफान और उफनते नालों से एंडरसन, कैंब्रिज सिटी और यॉर्कटाउन जैसे इलाकों में कई-कई फीट पानी भर गया है। रिहाइशी इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, सड़कें गायब हैं और फ्रैंकलिन काउंटी में रेलवे पटरियां जल समाधि ले चुकी हैं। प्रशासन ने कई कस्बों को तुरंत खाली करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। बाढ़ से जुड़े हादसों में अब तक 5 लोगों की जान जा चुकी है। डेलावेयर काउंटी में पुलिस को एक 58 वर्षीय महिला का शव मिला है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, महिला की मौत बाढ़ के पानी से भरी सड़क पर कार ले जाने के दौरान डूबने से हुई। बिगड़ते हालात पर इंडियाना के गवर्नर माइक ब्रॉन ने पूरे राज्य में आपातकाल घोषित कर दिया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए थल सेना की 'नेशनल गार्ड' की टुकड़ियों को मैदान में उतारा गया है। राहत टीमों ने शनिवार तक अकेले इंडियानापोलिस से 70 से अधिक लोगों को उनके पालतू जानवरों के साथ सुरक्षित निकाला।
जकार्ता। इंडोनेशिया में 24 घंटे के भीतर 6 तीव्रता से अधिक के तीन शक्तिशाली भूकंपों ने लोगों में दहशत पैदा कर दी। शनिवार को फ्लोरेस द्वीप समूह के पास 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, इसके बाद 6.5 और 6.0 तीव्रता के झटकों ने भी धरती हिला दी। इतनी बड़ी आपदा के बावजूद शुरुआती रिपोर्टों में जनहानि अपेक्षाकृत सीमित रही। इसके पीछे वर्षों से विकसित इंडोनेशिया की आपदा तैयारी और भूकंप-रोधी रणनीति को अहम माना जा रहा है। इंडोनेशिया दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है। यह पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में स्थित है और इंडो-ऑस्ट्रेलियन, सुंडा, पैसिफिक तथा फिलीपीन सी प्लेटों के प्रभाव वाले क्षेत्र में आता है। प्लेटों की लगातार हलचल के कारण यहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां आम हैं। हल्के और लचीले घर बने ढाल: ग्रामीण इलाकों में लकड़ी, बांस और अन्य हल्की सामग्री से बने पारंपरिक घर भूकंप के झटकों को अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से सह लेते हैं। इनका लचीलापन अचानक ढहने का खतरा कम करता है। जागरूकता सबसे बड़ा हथियार: तटीय इलाकों में लोगों को भूकंप के बाद सुनामी के खतरे की जानकारी दी जाती है। झटके महसूस होते ही लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए प्रशिक्षित रहते हैं। स्कूलों और समुदायों में मॉक ड्रिल भी कराई जाती हैं। अलर्ट से राहत तक मजबूत सिस्टम: इंडोनेशिया की मौसम एवं भूभौतिकी एजेंसी भूकंप के बाद तत्काल चेतावनी जारी करती है, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी राहत और बचाव अभियान संभालती है। प्रशिक्षित टीमें, नौकाएं और हेलीकॉप्टर जरूरत के मुताबिक तैनात किए जाते हैं। नए निर्माण में भूकंप-रोधी मानकों पर भी जोर दिया जाता है।
नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराते हुए देश को ‘शक्ति की सप्तधारा’ का मंत्र दिया। करीब 75 मिनट के संबोधन में उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों, उद्योग और तकनीक को विकास की धुरी बताते हुए अगले दो दशकों के लिए व्यापक रोडमैप सामने रखा। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति तथा हरित-नीली अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर को सात प्रमुख धाराओं के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत को केवल दुनिया का बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक उत्पादन और नवाचार का केंद्र बनना होगा। ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए मोदी ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा। सेमीकंडक्टर निर्माण, एआई, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, डेटा सेंटर और मेड-इन-इंडिया 6जी में तेजी लाने का आह्वान किया। रक्षा क्षेत्र में ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और हाइपरसोनिक तकनीक विकसित कर भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता बनाने की बात कही। युवाओं के लिए प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने की घोषणा की। अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य भी रखा। महिला सशक्तीकरण के तहत संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने में सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा और लखपति दीदियों की संख्या तीन करोड़ से बढ़ाकर छह करोड़ करने का लक्ष्य रखा। प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद को लेकर भी चेताया। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद कमजोर हुआ है, लेकिन वैचारिक स्तर पर देश को सतर्क रहने की जरूरत है।
उदयपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार देर रात अपने दो दिवसीय राजस्थान दौरे पर उदयपुर पहुंचे। महाराणा प्रताप एयरपोर्ट, डबोक पर विशेष विमान से उतरने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनकी गर्मजोशी से अगवानी की। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सहकारिता मंत्री गौतम दक, प्रभारी मंत्री हेमंत मीणा, चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया और स्थानीय विधायक ताराचंद जैन समेत कई नेता पहुंचे। औपचारिक स्वागत के बाद अमित शाह कड़ी सुरक्षा के बीच सड़क मार्ग से उदयपुर शहर के लिए रवाना हुए, जहां उनके रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह रविवार सुबह सड़क मार्ग से चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा पहुंचेंगे। यहां जेके सर्किल पर स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के बाद दोपहर में हेलीकॉप्टर से उदयपुर लौटेंगे और वहां से विशेष विमान से जयपुर रवाना होंगे। गृह मंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन और राजस्थान पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। डबोक एयरपोर्ट से लेकर उनके ठहरने के स्थान और आवागमन मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा कारणों से डबोक एयरपोर्ट और उदयपुर सर्किट हाउस के आसपास के क्षेत्रों को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है।
नई दिल्ली। पूर्वोत्तर भारत में मानसून का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पश्चिम सिक्किम के रिम्बी और सिंगलिटम इलाकों में हुए भीषण भूस्खलन के दृश्य सामने आए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक कई इलाकों में 18-19 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, ऐसे में फिलहाल राहत की उम्मीद कम है। अरुणाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश से कई क्षेत्रों में हालात गंभीर बने हुए हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने और राहत-बचाव व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्वोत्तर के साथ हिमाचल प्रदेश भी मानसूनी आपदा से बुरी तरह प्रभावित है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार 30 जून से 15 अगस्त के बीच बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की मौत हुई है। इनमें 79 मौतें सीधे बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी हैं, जबकि 104 लोगों की जान सड़क हादसों में गई। राज्य में अब तक 972.64 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान आंका गया है। मानसून से जुड़ी घटनाओं में 291 लोग घायल और 31 लोग लापता हैं। 732 से अधिक पशुओं की भी मौत हुई है। 15 अगस्त की शाम तक हिमाचल में 103 सड़कें बंद थीं। मंडी में 43 और कुल्लू में 32 सड़कें प्रभावित हैं। इसके अलावा 221 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हैं, जिनमें अकेले मंडी की 209 योजनाएं शामिल हैं।
रांची। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राजधानी रांची में चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज होने के संकेत दे रहा है। आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग करते हुए कांग्रेस से झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने की अपील की है। छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्रों ने अब तक गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अब आंदोलन की रणनीति बदलने के लिए छात्र मजबूर हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है और मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों ने सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। उनकी प्रमुख मांगों में जेएसएससी के विवादित परिणामों को रद्द करना, टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को निरस्त करना और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराना शामिल है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 18 अगस्त तक सरकार ने उनकी मांगों पर कोई फैसला नहीं लिया तो 20 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र और युवा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। आंदोलन के अगले चरण में रविवार को झारखंड सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और सरकार का समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों के पुतले जलाने का भी ऐलान किया गया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
बेंगलुरु। कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक में जंगल के अंदर वनकर्मियों और संदिग्ध शिकारियों के बीच हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के बाद मामला गरमा गया है। घटना शनिवार तड़के शाग्या गांव के पास मारिया मंगल बीट इलाके में हुई। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी। मृतकों की पहचान थॉमियार पाल्या गांव निवासी एंटोनिस्वामी, पीटर और कुमार के रूप में हुई है। वन विभाग का दावा है कि चार लोग अवैध शिकार के लिए जंगल में गए थे। ड्यूटी पर तैनात वनकर्मियों का सामना होने पर संदिग्धों ने कथित तौर पर बंदूक तानी, जिसके बाद जवाबी गोलीबारी हुई। इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। मौके से बंदूकें और अन्य सामान जब्त किए गए हैं। हालांकि घटना को लेकर स्थानीय लोगों और कुछ नेताओं ने सवाल उठाए हैं। चामराजनगर के प्रभारी मंत्री पुट्टरंगा शेट्टी ने कहा कि अधिकारियों और स्थानीय लोगों की ओर से घटना के अलग-अलग विवरण सामने आ रहे हैं। कांग्रेस नेता आर. नरेंद्र ने इसे वन विभाग की गंभीर चूक बताते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि पहली गोली किसने चलाई और गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई? इसके अलावा मौके पर मौजूद वनकर्मियों की संख्या, हथियारों के इस्तेमाल, घटनास्थल से मिले सामान और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की भी जांच होगी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस और वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों के साथ बैठक भी की है।
नई दिल्ली। देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आज यानी 16 अगस्त 2026 ई-केवाईसी पूरा करने की आखिरी तारीख बताई जा रही है। उपभोक्ताओं को समय सीमा के भीतर अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। तय अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर गैस सेवा से जुड़ी कई परेशानियां सामने आ सकती हैं। जानकारी के अनुसार, समय सीमा के बाद एजेंसी के सर्वर पर नया रिकॉर्ड अपडेट नहीं माना जाएगा। ऐसे में कुछ उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग और सिलिंडर डिलीवरी प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा एलपीजी सब्सिडी पाने वाले ग्राहकों के बैंक खाते में आने वाली सब्सिडी भी रुक सकती है। ई-केवाईसी नहीं कराने पर कुछ शहरों में गैस कनेक्शन निरस्त किए जाने तक की चेतावनी भी दी गई है। यदि सब्सिडी बंद होती है तो पात्र उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलिंडर की पूरी कीमत चुकानी पड़ सकती है, जिससे रसोई का बजट प्रभावित होगा। एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए इसलिए जरूरी है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी केवाईसी स्थिति की जांच कर लें और यदि ई-केवाईसी लंबित है तो उसे जल्द पूरा करें। उपभोक्ताओं को अपने गैस कनेक्शन से संबंधित जानकारी और आधिकारिक सेवा माध्यम से प्रक्रिया की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।
पटना। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव आज पटना के गर्दनीबाग में सरकार के खिलाफ एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध, परीक्षाओं में कथित विसंगतियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। पप्पू यादव ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन धरने और आगे चलकर बिहार बंद में बदला जा सकता है। पप्पू यादव की प्रमुख मांगों में बिहार में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और हत्याओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाना शामिल है। उनका कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को कड़ा रुख अपनाना चाहिए और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने बीपीएससी परीक्षाओं में सामने आ रही विसंगतियों का मुद्दा भी उठाया है। सांसद का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों का समाधान कर छात्रों को न्याय दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा के क्षेत्र में भाषा नीति पर भी सवाल उठाए हैं। पप्पू यादव ने आरोप लगाया है कि परीक्षाओं और शिक्षा में हिंदी की उपेक्षा कर अंग्रेजी को करीब 80 प्रतिशत तक बढ़ावा देने की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने इसका विरोध करते हुए हिंदी समेत भारतीय भाषाओं को उचित महत्व देने की मांग की है। गर्दनीबाग में होने वाली भूख हड़ताल को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में लंबे इंतजार के बाद आज से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना की शुरुआत होने जा रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी के मुताबिक, इस मौके पर पूरे पश्चिम बंगाल में आयुष्मान दिवस मनाया जाएगा। योजना के लागू होने से राज्य के करीब 1.5 करोड़ परिवारों यानी लगभग छह करोड़ लोगों को बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। आयुष्मान भारत के तहत पात्र लाभार्थियों को हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। खास बात यह है कि जो लोग पात्रता मानदंड पूरा नहीं करने के कारण पीएम-जय का लाभ नहीं उठा पाएंगे, उन्हें राज्य की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के दायरे में लाया जाएगा। इससे अधिक संख्या में परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ होगा। योजना के प्रभावी संचालन के लिए पश्चिम बंगाल के 1,930 अस्पतालों को जोड़ा गया है। इनमें 627 सरकारी और 1,303 निजी अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में पात्र लाभार्थियों को निर्धारित उपचार और स्वास्थ्य सुविधाएं कैशलेस तरीके से उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। राज्य सरकार की पुरानी स्वास्थ्य साथी योजना भी तत्काल बंद नहीं होगी। यह योजना अगले दो से तीन महीने तक नई स्वास्थ्य योजनाओं के साथ चलती रहेगी। इसके बाद सरकार इसकी समीक्षा करेगी और चरणबद्ध तरीके से इसे वापस लेने का फैसला किया जाएगा। आयुष्मान भारत के राज्य में लागू होने को स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन का प्रसिद्ध अमृत उद्यान शनिवार यानी 16 अगस्त से आम जनता और पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। उद्यान का यह ग्रीष्मकालीन वार्षिक संस्करण 15 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। प्रकृति और फूलों की खूबसूरती पसंद करने वालों के लिए यह दिल्ली में खास आकर्षण का केंद्र बनने वाला है। अमृत उद्यान में पर्यटक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रवेश कर सकेंगे। हालांकि अंतिम प्रवेश शाम पांच बजे तक ही दिया जाएगा। उद्यान हर सोमवार को रखरखाव के कारण बंद रहेगा। खास बात यह है कि उद्यान में प्रवेश के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन आगंतुकों को पहले से ऑनलाइन स्लॉट बुक करना अनिवार्य होगा। इस बार अमृत उद्यान में बाल वाटिका, बोनसाई गार्डन, बैनियन ग्रोव, प्लुमेरिया गार्डन और सर्कुलर गार्डन प्रमुख आकर्षण होंगे। इसके अलावा आगंतुकों को गुल-मेहंदी, अपराजिता, बालसम, लाल साग और नागफनी समेत कई स्थानीय और स्वदेशी प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल देखने को मिलेंगे। राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित यह उद्यान हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। गर्मी के मौसम के अनुरूप तैयार किए गए इस संस्करण में विभिन्न पौधों और फूलों की विविधता लोगों को खास अनुभव देगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन से अमृत उद्यान के प्रवेश द्वार तक हर 30 मिनट में शटल बस उपलब्ध रहेगी। इससे मेट्रो से आने वाले लोगों को उद्यान तक पहुंचने में आसानी होगी।
आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर तीखे तेवर दिखाने लगा है। मौसम विभाग ने रविवार को देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के अत्यंत तीव्र दौर की आशंका जताई गई है। अगले दो दिन मौसम के और सक्रिय रहने का अनुमान है। मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वहीं, पर्वतीय जिलों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। लगातार बारिश का असर तापमान पर भी पड़ा है। देहरादून में तापमान करीब चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी रविवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर आने की संभावना है। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल और चंपावत में भी कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
हल्द्वानी। रामगढ़ मल्ला के पास खाई में फरीदाबाद से आए टेंपो ट्रेवलर के गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने राहत और उपचार व्यवस्था तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हादसे में घायल यात्रियों का एसटीएच में निश्शुल्क इलाज कराया जा रहा है। शुक्रवार को जिला प्रशासन की टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की टीम ने मरीजों और उनके परिजनों को भी भरोसा दिलाया कि उपचार के दौरान किसी प्रकार की आर्थिक या अन्य समस्या नहीं आने दी जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती अधिकांश घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। हादसे में एक व्यक्ति की अस्पताल पहुंचने के बाद मौत हो गई, जबकि एक की मृत्यु घटनास्थल पर ही हो गई। एक अन्य शव को खाई से बाहर निकालने का अभियान भी जारी बताया गया है। हादसे के बाद प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता देना है। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन से घायलों के उपचार की लगातार निगरानी रखने को कहा है। घायलों का हाल जानने पहुंची टीम में एडीएम विवेक राय, एसडीएम मोनिका और तहसीलदार कुलदीप पांडे समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
देहरादून। उत्तराखंड के दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांग छात्रों को बेहतर शैक्षणिक और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना फिलहाल अटक गई है। राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) की ओर से कुमाऊं क्षेत्र में कंपोजिट रिसर्च सेंटर स्थापित करने की कवायद चल रही है, लेकिन राज्य सरकार के साथ अपेक्षित समन्वय और जमीन उपलब्ध न होने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। संस्थान की मंशा काशीपुर, रुद्रपुर या हल्द्वानी में केंद्र स्थापित करने की है। यहां सभी श्रेणी के दिव्यांगजनों को शिक्षा, आवश्यक उपकरण, काउंसलिंग और अन्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों के छात्रों को हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए देहरादून या मैदानी क्षेत्रों की लंबी दूरी तय करने से राहत मिल सकती है। एनआईईपीवीडी के प्रभारी निदेशक विनोद कुमार केन के अनुसार, केंद्र को लेकर राज्य सरकार के साथ पहले बातचीत हो चुकी है, लेकिन उसके बाद समन्वय आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार पहल करे तो दिव्यांग छात्रों के लिए महत्वपूर्ण संस्थान स्थापित किया जा सकता है।
देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव कानूनी मदद का भरोसा दिया। यह मुलाकात दो दिन पहले हुई थी, जिसकी जानकारी राहुल गांधी और कांग्रेस ने 15 अगस्त को सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता से करीब 45 मिनट तक अकेले में बातचीत की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि घटना को चार साल बीत चुके हैं, लेकिन परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहा है। उन्होंने अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में कथित ‘वीआईपी’ एंगल का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए और मामले में पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता जिस रिसॉर्ट में काम करती थीं, वहां उनके कमरे को जांच से पहले ध्वस्त कर दिया गया, जो संदेह पैदा करता है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित किए बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता। गणेश गोदियाल ने बताया कि राहुल गांधी जून 2026 में उत्तराखंड दौरे पर आने वाले थे और अंकिता के माता-पिता से मिलने का कार्यक्रम था, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद फोन पर राहुल गांधी की अंकिता के माता-पिता से बातचीत कराई गई थी। राहुल ने उन्हें दिल्ली आने पर मिलने का भरोसा दिया था। अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में पौड़ी गढ़वाल के एक रिसॉर्ट में हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलकित आर्या और उसके दो साथियों को अदालत ने दोषी ठहराया था।
देहरादून। उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना 2027 का दूसरा चरण 17 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। इन दुर्गम क्षेत्रों में पहले 15 दिनों तक नागरिकों को पोर्टल के माध्यम से डिजिटल स्व-गणना का अवसर मिलेगा। इसके बाद 1 से 30 सितंबर 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का काम पूरा करेंगे। उत्तराखंड के चार जिलों के 131 गांव और तीन नगर पंचायतें हिमाच्छादित क्षेत्र की श्रेणी में हैं। इनमें उत्तरकाशी के 69 गांव और गंगोत्री, चमोली के 23 गांव और बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग के चार गांव और केदारनाथ तथा पिथौरागढ़ के 35 गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों की अनुमानित आबादी करीब 52 हजार है। जनगणना को इस बार डिजिटल और व्यापक बनाया गया है। नागरिकों से करीब 40 सवाल पूछे जाएंगे। पारंपरिक जानकारी के साथ पहली बार डिजिटल साक्षरता से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए हैं। नागरिकों की शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, उद्योग, कार्यस्थल तक पहुंचने के साधन, जन्मस्थान, पूर्व निवास और स्थान परिवर्तन के कारण जैसी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा कोविड-19 टीकाकरण का स्थान, बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर और उपलब्ध होने पर आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट तथा ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। महिलाओं से बच्चों और पिछले एक वर्ष में हुए जन्म से संबंधित जानकारी भी निर्धारित श्रेणी के अनुसार मांगी जाएगी। निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना के लिए 162 प्रगणक और 34 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।
देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को नैनीताल दौरे पर रहेंगे। गोलापार स्थित नंधौरगढ़ पैलेस में मुख्यमंत्री कुमाऊं संभाग के भाजपा जिलाध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद अल्मोड़ा और नैनीताल लोकसभा क्षेत्रों के सांसदों और विधायकों के साथ अलग-अलग बैठकें होंगी। चुनावी तैयारियों के लिहाज से मुख्यमंत्री का यह दौरा अहम माना जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री देहरादून से हेलीकॉप्टर के जरिए नैनीताल के चोरगलिया स्थित लाखनमंडी हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां से सड़क मार्ग से गोलापार स्थित नंधौरगढ़ पैलेस जाएंगे। बैठक में संगठन को बूथ और मंडल स्तर तक मजबूत करने, आगामी राजनीतिक गतिविधियों और जमीनी तैयारियों पर मंथन होने की संभावना है। इसके बाद दोपहर तीन बजे से अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र के सांसद और विधायकों के साथ बैठक प्रस्तावित है। वहीं शाम साढ़े चार बजे से छह बजे तक नैनीताल लोकसभा क्षेत्र के सांसद और विधायक मुख्यमंत्री के साथ बैठक करेंगे। बैठकों में क्षेत्र के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और संगठनात्मक मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। हालांकि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ इन बैठकों का राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। कुमाऊं क्षेत्र में पार्टी संगठन की स्थिति, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और चुनावी तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री का फोकस महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा के लिए कुमाऊं क्षेत्र राजनीतिक रूप से अहम है। ऐसे में मुख्यमंत्री की संगठन और जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठकें चुनावी रणनीति को धार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
--- समाप्त ---