Good Morning India:नीट पेपर लीक पर संग्राम! सड़क से संसद तक बवाल,10 घंटे के भीतर 15 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी,आठवीं के छात्र ने तीसरी मंजिल से लगाई छलांग,उत्तराखंड में एकतरफा दीवानगी में रची खूनी साजिश,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें

Good Morning India: Uproar over the NEET paper leak—chaos from the streets to Parliament; warning of torrential rain across 15 states within 10 hours; an 8th-grade student jumps from the third floor;

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एक फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।

ईरान पर 12वें दिन भी बरसे अमेरिकी बम,नागरिक ठिकानों पर भी मंडराया खतरा

ईरान ने बदला परमाणु ठिकाना, अमेरिका-सऊदी न्यूक्लियर डील से बढ़ी हलचल,खाड़ी में नए शक्ति संतुलन की आशंका

पश्चिम एशिया संकट के बीच राहत: 59 मालवाहक पोत होर्मुज पार कर सुरक्षित पहुंचे भारत

नीट पेपर लीक पर संग्राम: सड़क से संसद तक बवाल, जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज और पथराव में 2 एसीपी समेत 6 पुलिसकर्मी घायल

महाराष्ट्र में आज बंद का आह्वान: छात्र आंदोलन के बहाने एकजुट हुआ विपक्ष, उद्धव-पवार का समर्थन

नीट विवाद में बैकफुट पर सरकार: बैकअप प्लान लागू, वांगचुक के द्वार पहुंचे केंद्रीय मंत्री; संसद में चर्चा पर राजी

मौसम का महाअलर्ट: 10 घंटे के भीतर 15 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, दिल्ली-यूपी में झमाझम बरसेंगे बादल

त्योहारों से पहले महंगाई का बड़ा झटका: एक महीने में 15% महंगी हुई चीनी, स्टॉक सीमा लगाने की तैयारी में सरकार

'मौत का स्कूल': इटावा में आठवीं के छात्र ने तीसरी मंजिल से लगाई छलांग, पिता का आरोप- प्रबंधन ने छिपाई सच्चाई

उत्तराखंड में एकतरफा दीवानगी में रची खूनी साजिश, महिला पर गोली चलाकर युवक ने दी जान

उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में पेपर लीक: दो परीक्षाएं निरस्त, आरोपी प्रोफेसर 7 साल के लिए डिबार

उत्तराखंड के तीन शहरों में सुधरेगी आबो-हवा: देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर के लिए बनेगा 'क्लीन एयर एक्शन प्लान

हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: कार और बाइक की टक्कर में पति की मौत, पत्नी और 2 साल की मासूम घायल

देहरादून में अवैध दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़: एक कमरे में बन रही थीं नामी कंपनियों की नकली दवाएं, अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा

उत्तराखंड में 'बौखनाग धाम' बना नया धार्मिक पर्यटन केंद्र, सिलक्यारा के पास श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-वाशिंगटन। मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। संघर्ष के 12वें दिन अमेरिकी सेना ने ईरान पर एक और बड़े हवाई हमले की पुष्टि करते हुए दावा किया कि इन हमलों में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। हमलों के बाद दक्षिणी ईरान समेत कई इलाकों में जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए की गई है, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों के लिए खतरा पैदा कर रहा था। अमेरिका का कहना है कि उसका उद्देश्य क्षेत्र में समुद्री यातायात को सुरक्षित बनाना और वैश्विक जहाजरानी को सामान्य स्थिति में लाना है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर हमला किया गया तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई में ईरान के पुलों या बिजली संयंत्रों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। उधर, ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी ने बुशहर के आसपास दो बड़े विस्फोट होने की पुष्टि की है। वहीं, कुवैत की सेना ने दावा किया कि उसकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने ईरान की ओर से आए कई "शत्रुतापूर्ण" ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक दिया। लगातार बढ़ते हमलों के बीच पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच करीब चार महीने से जारी संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया में परमाणु गतिविधियों को लेकर नई हलचल तेज हो गई है। खबर है कि ईरान ने अपने परमाणु संवर्धन कार्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरणों को नतांज के पास पिकैक्स पहाड़ी क्षेत्र में बने नए भूमिगत केंद्र में स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर, अमेरिका द्वारा सऊदी अरब के साथ परमाणु सहयोग समझौते को उच्चस्तरीय मंजूरी दिए जाने से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर नई बहस छिड़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पिकैक्स पहाड़ी में तैयार की जा रही नई परमाणु सुविधा जमीन से 80 से 100 मीटर नीचे बनाई जा रही है, जिससे इसे संभावित हवाई हमलों से सुरक्षित रखा जा सके। माना जा रहा है कि यहां यूरेनियम संवर्धन और सेंट्रीफ्यूज निर्माण की क्षमता विकसित की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि ईरान अपने कुछ सेंट्रीफ्यूज इस नए ठिकाने पर पहुंचा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका और इज़राइल के पिछले हमलों में परमाणु ढांचे को हुए नुकसान के बाद अपनाई गई नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, हमलों के बाद ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन दोबारा शुरू किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच, अमेरिका द्वारा सऊदी अरब के साथ परमाणु सहयोग समझौते को मंजूरी मिलने से कई रणनीतिक विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे पश्चिम एशिया में परमाणु प्रतिस्पर्धा और शक्ति संतुलन पर दूरगामी असर पड़ सकता है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के बावजूद भारत के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने बताया है कि 1 मार्च से 17 जुलाई के बीच होर्मुज जलमार्ग से कुल 59 मालवाहक पोत सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं। इनमें 23 भारतीय ध्वज वाले और 36 विदेशी जहाज शामिल हैं, जो देश के लिए आवश्यक सामान लेकर आए। राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि भारतीय ध्वज वाले दो कंटेनर पोत सीजीएम डायमंड और सीजीएम मानुष फिलहाल होर्मुज जलमार्ग के पश्चिमी हिस्से में मौजूद हैं और सुरक्षित आगे बढ़ने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा चार अन्य भारतीय पोत खाड़ी क्षेत्र में सामान्य व्यापारिक गतिविधियों में लगे हुए हैं। मंत्री ने कहा कि भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पोत परिवहन मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इस बीच, भारत के समुद्री क्षेत्र के लिए एक और सकारात्मक खबर सामने आई है। विश्व बैंक के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स-2025 में भारत के जेएनपीए, मुंद्रा और पिपावाव बंदरगाह दुनिया के शीर्ष 30 कंटेनर बंदरगाहों में शामिल हुए हैं। यह उपलब्धि वैश्विक समुद्री व्यापार में भारत की बढ़ती क्षमता और मजबूत होती बंदरगाह व्यवस्था का संकेत मानी जा रही है।

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई। दो अलग-अलग घटनाओं में हुए पथराव में दो सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं। पुलिस के अनुसार, शाम करीब 4:30 बजे जंतर-मंतर के पास पथराव में एसीपी जय प्रकाश घायल हुए। इसके बाद रात करीब 8:30 बजे कनॉट प्लेस की ओर बढ़ रही भीड़ को टॉलस्टॉय मार्ग-जनपथ चौराहे पर रोकने के दौरान एसीपी विवेक भगत पर पत्थरों और बोतलों से हमला किया गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस और आरएएफ ने आंसू गैस के गोले छोड़े तथा लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। सभी घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विरोध प्रदर्शन अब दिल्ली से निकलकर पटना, जयपुर, चेन्नई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम और मुंबई सहित कई शहरों तक पहुंच गया है। प्रदर्शनकारी पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस बीच, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही सीजेपी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में असामाजिक तत्व घुस आए हैं, जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक बनाने की कोशिश की। पुलिस ने अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन अस्थायी रूप से बंद किए गए और राजधानी में सीआरपीएफ व आरएएफ की 24 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं।

मुंबई। दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन की तपिश अब महाराष्ट्र तक पहुँच गई है। राज्य के राजनीतिक रूप से हाशिए पर चल रहे विपक्षी दलों को इसके जरिए एक बार फिर खुद को गोलबंद करने का मौका मिल गया है। वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने 23 जुलाई (आज) को 'महाराष्ट्र बंद' का औपचारिक ऐलान किया है, जिसे लेकर पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार अलर्ट मोड पर हैं। इस आंदोलन को मुख्य विपक्षी गठबंधन 'महाविकास अघाड़ी' का भी परोक्ष समर्थन मिलता दिख रहा है। उद्धव ठाकरे और शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ अपनी एकजुटता जताई है। हालिया चुनाव परिणामों के बाद दबाव झेल रहे विपक्षी दलों के लिए यह बंद शक्ति प्रदर्शन का माध्यम माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर ने इससे पहले भीमा-कोरगांव मामले के बाद भी राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था, जिसके दौरान राज्य के कई हिस्सों में व्यापक असर देखा गया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंदरूनी टूट और सांगठनिक चुनौतियों से जूझ रही शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी के लिए यह आंदोलन संजीवनी का काम कर सकता है। बंद के मद्देनजर संभावी हिंसा और सरकारी संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए पूरे राज्य में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले पर लगातार बढ़ते जनाक्रोश और विपक्ष के आक्रामक रुख के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ा है। मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के करीब दिए गए धरने के बाद राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला। आंदोलन को मिली नई धार से हरकत में आई सरकार ने देर-सबेर सोनम वांगचुक से संपर्क साधा और संसद में चर्चा के लिए भी हामी भर दी।
भूख हड़ताल के 24वें दिन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात कर अनशन समाप्त करने की अपील की। इसके साथ ही, मंत्रियों ने आंदोलन के दौरान घायल हुए युवाओं का हाल जानने के लिए अस्पताल का दौरा भी किया। शुरुआती दौर में जंतर-मंतर पर कम उपस्थिति के कारण बेफिक्र दिख रही सरकार अब चौतरफा दबाव में है। देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से युवाओं में उपजे भारी गुस्से का सही आकलन न कर पाना सरकार के रणनीतिकारों के लिए भारी पड़ा। हालाँकि, बुधवार को सरकार ने संसद में इस संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष की मांग के अनुसार विस्तृत चर्चा कराने पर अपनी सहमति जता दी। दूसरी ओर, मौके की नजाकत को देखते हुए संयुक्त विपक्ष ने अपनी रणनीति और सख्त कर ली है। विपक्ष ने अब संसद में किसी भी चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की नई शर्त रख दी है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी संग्राम और तेज होने के आसार हैं।

नई दिल्ली। मानसून के अचानक जोर पकड़ने से देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 10 घंटों के भीतर देश के 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इस अलर्ट के तहत उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और मध्य भारत तक मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में सुबह से ही घने बादलों ने डेरा डाल रखा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन ढलते-ढलते दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, जिससे तापमान गिरकर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मानसून पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुका है। पश्चिमी यूपी के जिलों में अगले कुछ घंटों में भीषण बारिश का अंदेशा है, जबकि हरियाणा के अंबाला, पंचकुला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में भी मानसूनी बारिश कहर बरपा रही है। राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में परवन और कालीसिंध नदियां उफान पर हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक युवक की दुखद मौत की भी खबर है। मौसम विभाग ने प्रभावित राज्यों में रेड अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

नई दिल्ली। आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में आए अप्रत्याशित उछाल ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है। बीते एक महीने के भीतर चीनी के दाम 15 फीसदी से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। दिल्ली के थोक बाजार में चीनी की कीमत 4,800 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंची है, जबकि उत्तर प्रदेश में एक्स-मिल कीमतें 4,500 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की जा रही हैं। कीमतों में इस उछाल से हरकत में आई केंद्र सरकार ने चीनी उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ आपातकालीन बैठक की है। सट्टेबाजी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार कारोबारियों व मिलों पर जल्द सख्त स्टॉक सीमा लागू करने का विचार कर रही है। हालांकि, सरकार ने फिलहाल विदेशों से चीनी आयात करने की संभावना से इनकार किया है। चीनी के दाम बढ़ने के कारणों को लेकर मिल मालिक और व्यापारी आमने-सामने आ गए हैं।  मिल मालिकों का दावा है कि वे जुलाई का 80% कोटा पहले ही बाजार में जारी कर चुके हैं। उनका आरोप है कि व्यापारी स्तर पर जमाखोरी कर कृत्रिम किल्लत पैदा की जा रही है।  व्यापारियों का कहना है कि चीनी मिलों ने ही कीमतें बढ़ाई हैं। मिलों ने उत्पादन के गलत आंकड़े देकर 5 लाख टन अतिरिक्त निर्यात की मंजूरी ली, जिससे घरेलू बाजार में चीनी का संकट पैदा हुआ।फिलहाल, सरकार द्वारा भौतिक सत्यापन और सख्त कदम उठाए जाने की संभावना से बाजार में हलचल तेज हो गई है।

इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित इटावा पब्लिक स्कूल में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। कक्षा आठ में पढ़ने वाले 14 वर्षीय छात्र पिंटू ने स्कूल की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। तीन बहनों के बीच अकेले और इकलौते भाई को खोने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक छात्र के पिता राजेश राठौर ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पिता का कहना है कि उनका घर स्कूल से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी घटना के तुरंत बाद उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। दोपहर 12:30 बजे छुट्टियां होने पर तीनों बहनें तो घर पहुंच गईं, लेकिन पिंटू नहीं आया। काफी देर बाद स्कूल की ओर से केवल यह कहकर अस्पताल बुलाया गया कि उनके बेटे का 'एक्सीडेंट' हो गया है। वहां पहुँचने पर पता चला कि पिंटू की मौत हो चुकी है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने तीसरी मंजिल से कूदने की बात छिपाई और समय पर सही जानकारी नहीं दी। पिता के अनुसार, पिंटू पिछले कुछ समय से पढ़ाई को लेकर काफी मानसिक तनाव में था और उसके व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा था। बुधवार सुबह ही पिता ने स्कूल पहुँचकर अध्यापकों से उसकी पढ़ाई और तनाव को लेकर बात भी की थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह खौफनाक हादसा हो गया। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की जाँच में जुट गई है।

अब रुख करते हैं उत्तराखंड की ख़बरों की तरफ़-देहरादून। देहरादून के विकासनगर में एकतरफा जुनून और सनक में दो परिवारों की खुशियां पल भर में तबाह हो गईं। कल्याणपुर क्षेत्र में एक सिरफिरे सिरफिरे आशिक ने अपनी पूर्व परिचित महिला को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली उड़ा लिया। घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल महिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। पुलिस को मृतक कमलेश के बैग से दो पन्नों का बेहद खौफनाक सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में लिखा है संगीता, तुम मेरी नहीं हुई तो मैं तुम्हें नेगी की भी नहीं होने दूंगा... तुमने ऐसा क्यों किया कि हम दोनों को छोड़कर जाना पड़ रहा है। अगर हम मर जाएं तो हमारी चिता एक साथ जलाना। सूत्रों के अनुसार, संगीता और कमलेश के बीच लंबे समय से जान-पहचान थी। संगीता की शादी प्रीतम नेगी से होने के बाद वह बच्चों की पढ़ाई के लिए विकासनगर में किराए पर रह रही थी। व्यापार में घाटा और पारिवारिक कलह से टूट चुके कमलेश के लिए संगीता ही एकमात्र सहारा थी। हालांकि, जब संगीता ने उससे पूरी तरह दूरी बनाने का फैसला कर लिया, तो कमलेश आपा खो बैठा। उसने संगीता को मनाने की काफी कोशिशें कीं, लेकिन असफल रहने पर उसने इस खूनी वारदात को अंजाम दे डाला। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर पूरे मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है।

देहरादून। देश भर में जारी पेपर लीक के विवादों के बीच अब उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में भी पेपर लीक का बड़ा मामला सामने आया है। परीक्षा की गोपनीयता भंग होने की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो विषयों की सेमेस्टर परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। इस फैसले से विवि से संबद्ध 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। जांच में सामने आया कि शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने 'मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स' और 'इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड थ्योरी' के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही ऑनलाइन पोर्टल और छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा कर दिए थे। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके पटेल ने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी प्रोफेसर पर अगले सात वर्षों तक परीक्षा से जुड़े किसी भी कार्य में शामिल होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही संबंधित इंजीनियरिंग कॉलेज को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि निरस्त की गई दोनों परीक्षाएं अब अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएंगी। इसके लिए नई तिथियों और परीक्षा केंद्रों की संशोधित सूची जल्द ही यूटीयू की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाने की तैयारी की है। प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर में 'एयर क्वालिटी' को बेहतर बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। इस योजना के तहत हवा में मौजूद हानिकारक पीएम-10 और पीएम-2.5 के स्तर को कम करना सबसे पहली प्राथमिकता होगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शहरों में वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण सड़कों की धूल, भवनों के निर्माण-ध्वस्तीकरण से निकलने वाला मलबा, वाहनों का धुआँ और औद्योगिक इकाइयां हैं। इन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निम्नलिखित कड़े कदम उठाए जाएंगे। धूल रोकने के लिए कच्ची सड़कों को पक्का करने और फुटपाथों के निर्माण पर जोर दिया जाएगा।  स्थानीय निकायों को ध्वस्तीकरण के मलबे के लिए तय निस्तारण स्थल चिन्हित करने होंगे। सड़क किनारे या खुले में मलबा फेंकने पर पाबंदी रहेगी।  निर्माण स्थलों पर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और प्रदूषण नियंत्रण कार्यों की पारदर्शिता के लिए 'थर्ड पार्टी ऑडिट' भी कराया जाएगा। इन प्रयासों से जहाँ शहरों में उड़ने वाली धूल से राहत मिलेगी, वहीं नागरिकों को स्वच्छ हवा में सांस लेने का अवसर भी प्राप्त होगा।

हरिद्वार। हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और दो वर्षीय बेटी घायल हो गईं। श्यामपुर थाना क्षेत्र के 4.2 फ्लाईओवर पर कार और मोटरसाइकिल की आमने-सामने की टक्कर से यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के सराय गांव निवासी मुनीर (30) अपनी पत्नी इकरा (21) और दो वर्षीय बेटी अहनिया के साथ बाइक से नजीबाबाद जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही बलेनो कार से उनकी बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल मुनीर को डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया, जबकि पत्नी और बेटी को सामान्य चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बलेनो कार नजीबाबाद से हरिद्वार की ओर आ रही थी, जबकि बाइक विपरीत दिशा से जा रही थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय तक जाम की स्थिति बनी रही। श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून। उत्तराखंड में नकली दवाओं के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने देहरादून के ईस्ट होप टाउन क्षेत्र में संचालित एक अवैध दवा निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान एक किराए के कमरे में नामी-गिरामी कंपनियों के नाम से नकली दवाइयां तैयार की जा रही थीं। मौके से बड़ी मात्रा में नकली दवाइयां, पैकिंग सामग्री और दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें बरामद की गई हैं। विभाग को गुप्त सूचना मिलने पर 22 जुलाई को ग्राम देवपुर, ईस्ट होप टाउन स्थित एक मकान में छापा मारा गया। मकान मालिक ने बताया कि परिसर के कुछ कमरे किराए पर दिए गए थे, जिनमें से एक कमरे में अवैध रूप से दवाइयों का निर्माण किया जा रहा था। अधिकारियों ने मौके से कई प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से तैयार दवाओं का जखीरा जब्त किया। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस फर्जी दवा कारोबार के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और दस्तावेजों की भी गहन जांच हो रही है। अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि नकली दवाओं के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्यों के ड्रग कंट्रोलरों के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था मजबूत की जा रही है। विभाग का कहना है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून। उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तरकाशी जिले में गंगा और यमुना घाटी के बीच स्थित बाबा बौखनाग की पवित्र तपस्थली 'बौख टिब्बा' (बौखनाग धाम) को आधिकारिक रूप से धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित करने का ऐलान किया है। हाल ही में सिलक्यारा सुरंग के ठीक ऊपर स्थित इस पावन धाम की डोली यात्रा देहरादून पहुंची थी। इस दौरान 'श्री बाबा बौखनाग देव समिति' के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री सतपाल महाराज से मुलाकात कर इसे पर्यटन क्षेत्र का दर्जा देने की मांग की थी, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पर्यटन विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि बाबा बौखनाग का यह धाम स्थानीय जनमानस की अगाध आस्था का केंद्र है। यहाँ हर तीसरे वर्ष 'सेम नाग राजा' मेले की तर्ज पर एक भव्य त्रिवार्षिक राजकीय मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने से यहाँ सड़कों, पेयजल, विश्रामगृहों और अन्य आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विकास होगा। सरकार के इस कदम से न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा सुगम होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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