Good Morning India:सिक्किम में भूस्खलन,सुरंग में फंसे 25 से अधिक श्रमिक,मोमोज खा रहे युवक की ईंट-पत्थरों से कूचकर निर्मम हत्या,उत्तराखंड में आज भी बिगड़ा रहेगा मौसम,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें!

Good Morning India: Landslide in Sikkim, over 25 workers trapped in a tunnel; young man brutally beaten to death with bricks and stones while eating momos; weather to remain inclement in Uttarakhand

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एक फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।

फ्रांस में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगेगा बैन: मैक्रों सरकार ला रही कड़ा कानून, सितंबर से लागू करने की तैयारी

ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी: सैनिकों के बलिदान की चुकानी होगी भारी कीमत',पश्चिम एशिया में मंडराया महायुद्ध का खतरा

मैड्रिड में सिर चढ़कर बोला 'ला रोजा' का जादू: 16 साल बाद वर्ल्ड कप जीत से झूमा स्पेन, सड़कों पर उमड़ा समर्थकों का सैलाब

सिक्किम हादसा: समरदुंग टनल में धमाके के बाद भूस्खलन, 27 मजदूर फंसे; जहरीली गैस से बिगड़े हालात

भारत की दो-टूक: 'पाक रोके आतंकवाद, तभी आगे बढ़ेगी बात', सिंधु जल संधि के नए स्वरूप पर सरकार की सख्त तैयारी

ग्लोबल ट्रेड का नया रक्षक बना भारत: अमेरिका से यूरोप तक भारतीय नौसेना का लोहा, यरुशलम पोस्ट ने बताया 'मैरीटाइम मोमेंट'

राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला: चढ़ावा चोरी के बाद बदला नियम, अब हर महीने वेबसाइट पर दिखेगा पाई-पाई का हिसाब

सोनम वांगचुक का बड़ा एलान: अस्पताल से लिखी चिट्ठी, कहा-संसदीय प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात तक जारी रहेगी भूख हड़ताल

मौत का 'स्टॉल': कानपुर में मोमोज खा रहे युवक की ईंट-पत्थरों और रॉड से कूचकर निर्मम हत्या, 6 थानों की फोर्स तैनात, 5 गिरफ्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: लखनऊ में खरीदी गईं बेशकीमती संपत्तियां; 8 आरोपियों और 46 रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच शुरू

पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: समयबद्ध जांच, तेज सुनवाई और संपत्तियां जब्त करने की याचिका पर आज सुनवाई

उत्तराखंड में आज भी बिगड़ा रहेगा मौसम, देहरादून और बागेश्वर में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी 

कैलास मानसरोवर यात्रा: दर्शन कर लौटा पहला दल, श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव; कहा- 'अलौकिक रहा अनुभव, पर पड़ावों पर सुधार की जरूरत'

बारिश का कहर: मसूरी-देहरादून हाईवे क्षतिग्रस्त, यातायात पूरी तरह बंद; 4 संवेदनशील पॉइंट पर रहेगी नजर

उत्तराखंड में हवाई और सड़क कनेक्टिविटी को पंख: सीएम धामी ने विकास योजनाओं के लिए ₹51 करोड़ किए मंजूर,नए हेलीपैड भी बनेंगे

हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। हमलों में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी और कड़ी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने साफ़ शब्दों में कहा है कि अमेरिकी सैनिकों की हत्या का बदला लिया जाएगा और ईरान को इसकी कई गुना बड़ी कीमत चुकानी होगी। राष्ट्रपति के इस सख्त रुख के बाद पूरे क्षेत्र में एक नए और भीषण युद्ध की आशंका गहरा गई है। पेंटागन ने पुष्टि की है कि सप्ताहांत में हुए अलग-अलग हमलों में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं, जिनमें से दो जॉर्डन के सैन्य अड्डे पर और एक उत्तरी इराक में मारा गया। जॉर्डन में मारे गए सैनिकों की पहचान 19 वर्षीय प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस और 25 वर्षीय लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य सैनिक अब भी लापता है। इस घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा कि जब भी ईरान किसी अमेरिकी की जान लेगा, उसे उसका भीषण अंजाम भुगतना होगा। ट्रंप ने इस संबंध में युद्ध सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डेनियल केन को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। दोनों देशों के बीच कुछ समय पहले हुआ अंतरिम युद्धविराम अब पूरी तरह टूट चुका है। ताजा हमलों और अमेरिका के इस आक्रामक रुख से शांति की सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अमेरिकी सेना को मिले नए निर्देशों के बाद माना जा रहा है कि अमेरिका जल्द ही ईरान समर्थित ठिकानों पर कोई बड़ा और घातक पलटवार कर सकता है।

पेरिस। डिजिटल दुनिया के दुष्प्रभावों से बच्चों को बचाने के लिए फ्रांस बड़ा कदम उठाने जा रहा है। फ्रांस की एक संसदीय समिति ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाले एक अहम विधेयक को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का रुख इस मामले में बेहद सख्त है और वे चाहते हैं कि यह नया नियम इसी साल सितंबर में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाए।इस ऐतिहासिक कदम के साथ फ्रांस अब ऑस्ट्रेलिया के नक्शेकदम पर चल रहा है। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने बीते दिसंबर में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए दुनिया का पहला सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू किया था, जिसके तहत फेसबुक, स्नैपचैट, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती बरती गई थी। राष्ट्रपति मैक्रों केवल फ्रांस ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप में इस प्रतिबंध को लागू कराने के लिए समर्थन जुटा रहे हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच को सीमित करने के इस प्रस्ताव का खुलकर समर्थन किया है। माना जा रहा है कि यह कदम आगे चलकर यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों में एक नजीर बन सकता है। इस नए कानून के मसौदे पर मंगलवार को फ्रांस के निचले सदन में विस्तृत चर्चा होगी, जिसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए सीनेट में पेश किया जाएगा। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो यह वैश्विक स्तर पर बच्चों के डिजिटल वेलबीइंग और ऑनलाइन सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।

मैड्रिड। फीफा विश्व कप 2026 का ऐतिहासिक खिताब अपने नाम करने के बाद स्पेन में जश्न का माहौल चरम पर पहुँच गया है। विश्व विजेता बनने की इस स्वर्णिम उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए राजधानी मैड्रिड की सड़कों पर लाल और पीले रंग का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों फ़ुटबॉल प्रशंसक अपनी पसंदीदा टीम 'ला रोजा' के इस महा-जीत का गवाह बनने और अपने नायकों का स्वागत करने के लिए देर रात तक सड़कों पर डटे रहे। पूरा शहर राष्ट्रीय ध्वज, लाल जर्सी और आतिशबाजी से सराबोर नजर आया। चेहरे पर राष्ट्रीय ध्वज का पेंट बनाए समर्थकों ने पूरे मैड्रिड में ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के साथ ऐतिहासिक जीत का उत्सव मनाया। गौरतलब है कि स्पेन ने पूरे 16 साल के लंबे इंतजार के बाद दोबारा विश्व कप की ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया है, जिससे देशवासियों का उत्साह कई गुना बढ़ गया है। इस अविस्मरणीय जीत का भव्य उत्सव मनाने के लिए स्पेन सरकार और फुटबॉल संघ ने 20 जुलाई को मैड्रिड स्थित प्रतिष्ठित 'सिबेल्स कम्युनिकेशंस पैलेस' में 'रिवर्स ऑफ द वर्ल्ड' नाम से एक विशाल सार्वजनिक विजय समारोह (विक्ट्री परेड) आयोजित करने की घोषणा की है। प्रशासन के अनुसार, इस विक्ट्री समारोह में आम जनता और फुटबॉल प्रशंसकों के लिए प्रवेश पूरी तरह से नि:शुल्क रहेगा। हालांकि, सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रवेश 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर दिया जाएगा और पैलेस की तय क्षमता पूरी होते ही प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। स्पेन की इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश को एक सूत्र में पिरो दिया है।

सिक्किम। सिक्किम के नामची जिले में बन रही समरदुंग (झोलुंगे) सुरंग में हुए एक भीषण हादसे से पूरे देश में चिंता की लहर दौड़ गई है। टनल निर्माण के दौरान अचानक मीथेन गैस के रिसाव और उसके बाद हुए भूस्खलन की वजह से करीब 27 मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर पहुंचे राहत दल और जिला प्रशासन का बचाव अभियान जारी है, लेकिन सुरंग में ऑक्सीजन की गंभीर कमी और जहरीली गैस के कारण ऑपरेशन में बेहद मुश्किलें आ रही हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब टनल के मुख्य प्रवेश द्वार से लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर मीथेन गैस अत्यधिक मात्रा में जमा हो गई थी। जैसे ही टनल के भीतर से गैस निकालने का प्रयास शुरू हुआ, अचानक एक जोरदार धमाके जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस धमाके के तुरंत बाद सुरंग के भीतर बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसने बाहर निकलने के रास्ते को पूरी तरह से मलबे से बंद कर दिया। हालांकि, हादसे के समय कुछ मजदूर समझदारी दिखाते हुए तुरंत बाहर भागने में सफल रहे, लेकिन कई मजदूर अंदर ही फंस कर रह गए।

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान को दो-टूक संदेश देते हुए साफ़ कर दिया है कि सिंधु जल संधि अब अपने पुराने और मौजूदा स्वरूप में दोबारा लागू नहीं होगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, संधि के तहत किसी भी तरह का सहयोग बहाल करने के लिए पहली शर्त यह है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को स्थायी रूप से और पूरी तरह से समाप्त करे। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस संधि से जुड़े प्रावधानों को तभी लागू किया जाएगा, जब इस पर नए सिरे से बातचीत होगी। इसके साथ ही, भारत ने पाकिस्तान के उस दुष्प्रचार को भी बेनकाब कर दिया है जिसमें वह आरोप लगा रहा था कि भारत द्वारा संधि स्थगित किए जाने से वहाँ पानी की कमी हो रही है। सूत्रों ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में पानी का संकट भारत की वजह से नहीं, बल्कि वहाँ पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के अभाव, भारी लीकेज और उनके अपने प्रांतों के बीच जारी जल बंटवारे के विवादों के कारण है। पाकिस्तान अपने कुप्रबंधन का दोष भारत पर मढ़ने की नाकाम कोशिश कर रहा है। हालाँकि, भारत फिलहाल सिंधु जल संधि से पूरी तरह अलग होने की दिशा में सक्रिय रूप से विचार नहीं कर रहा है, लेकिन एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में उसके पास अपने राष्ट्रीय हितों के खिलाफ जाने वाले किसी भी समझौते को समाप्त करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित है। एक वरिष्ठ सूत्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "आगे क्या कदम उठाया जाएगा या संधि से बाहर निकला जाएगा, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि पाकिस्तान का रुख क्या रहता है।" भारत के इस कड़े रुख से साफ़ है कि आतंकवाद और पानी का सहयोग अब एक साथ नहीं चल सकते।

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव और लाल सागर में कारोबारी जहाजों पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच भारत की समुद्री ताकत दुनिया के लिए एक बड़ी ढाल बनकर उभरी है। भारतीय नौसेना की तेजी से बढ़ती क्षमताएं अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, इस्राइल और यूरोपीय देशों के रणनीतिक व व्यापारिक हितों की सुरक्षा में बेहद अहम भूमिका निभा रही हैं। इजरायली अखबार 'द येरूशलम पोस्ट' ने एक लेख में भारतीय नौसेना के इस बढ़ते प्रभाव को भारत का ‘मैरीटाइम मोमेंट’ (समुद्री शक्ति का नया दौर) करार दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में सबसे बड़ा सवाल यह नहीं रह गया है कि समुद्री व्यापारिक रास्तों पर किसका दबदबा है, बल्कि यह है कि संकट के समय इन संवेदनशील मार्गों को सुरक्षित रखने की असली क्षमता किस देश के पास है। भौगोलिक दृष्टि से भारत हिंद महासागर के ठीक केंद्र में स्थित है। भारत का पश्चिमी समुद्री तट फारस की खाड़ी और लाल सागर को जोड़ने वाले वैश्विक मार्गों के निकट है, वहीं पूर्व में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह 'मलक्का जलडमरूमध्य' जैसे दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्ते पर कड़ी निगरानी रखता है। होर्मुज, बाब-अल-मंदेब और मलक्का जैसे जलडमरूमध्य वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन हैं। यदि इनमें से किसी भी रास्ते पर कोई रुकावट आती है, तो कच्चे तेल के दाम अचानक आसमान छू सकते हैं और वैश्विक सप्लाई चेन ठप हो सकती है। हूती हमलों के बाद जिस तरह भारतीय नौसेना ने आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा की है, उसने साबित कर दिया है कि भारत अब वैश्विक समुद्री सुरक्षा का एक मजबूत और भरोसेमंद स्तंभ बन चुका है।

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में हुए हालिया चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद अपनी वित्तीय कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब ट्रस्ट प्रत्येक महीने की अपनी अधिकारिक ऑडिट रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करेगा। इस व्यवस्था से देश-विदेश के करोड़ों रामभक्तों को मंदिर की आय, व्यय और दान से जुड़ी हर जानकारी पारदर्शी तरीके से सीधे उपलब्ध हो सकेगी। अब तक की व्यवस्था के अनुसार, ट्रस्ट का वित्तीय ऑडिट साल में केवल एक बार वित्तीय वर्ष पूरा होने पर किया जाता था। यह रिपोर्ट केवल ट्रस्टियों की बैठक में प्रस्तुत की जाती थी और आम श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध नहीं होती थी। हालांकि, नई व्यवस्था के तहत हर महीने के कुल दान, खर्च, वित्तीय स्थिति और प्रशासनिक निर्णयों के साथ-साथ निर्माण कार्यों का नियमित अपडेट भी वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावा चोरी की घटना के बाद श्रद्धालुओं के भरोसे को और मजबूत करने तथा किसी भी तरह के संदेह की गुंजाइश को खत्म करने के उद्देश्य से यह सख्त कदम उठाया गया है। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य राम मंदिर के संचालन और वित्तीय प्रबंधन में सर्वोच्च पारदर्शिता बनाए रखना है, ताकि श्रद्धालुओं द्वारा दी जाने वाली निष्ठा और दान का पाई-पाई हिसाब जनता के सामने रहे। वेबसाइट को ही अब ट्रस्ट और श्रद्धालुओं के बीच सूचना का प्रमुख और सीधा माध्यम बनाया जा रहा है।

दिल्ली। दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद लद्दाख के प्रमुख जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का रुख और अधिक सख्त हो गया है। स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने वहीं से एक भावुक और कड़ा पत्र लिखकर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को जारी रखने का बड़ा एलान किया है। अस्पताल के बिस्तर से जारी अपनी चिट्ठी में वांगचुक ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे अपनी भूख हड़ताल तब तक समाप्त नहीं करेंगे, जब तक कि सांसदों का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस और एपेक्स बॉडी के नेताओं से सीधी मुलाकात और बातचीत नहीं कर लेता। पुलिसिया कार्रवाई और लाठीचार्ज के बावजूद वांगचुक और उनके समर्थकों का हौसला डिगा नहीं है। वांगचुक के इस कड़े फैसले के बाद लद्दाख की संवैधानिक सुरक्षा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर जारी यह आंदोलन अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है। अस्पताल से आए इस संदेश के बाद प्रदर्शनकारियों में नए जोश का संचार हुआ है, वहीं प्रशासन पर भी वार्ता शुरू करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

कानपुर। कानपुर के नवाबगंज थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक खौफनाक वारदात से हड़कंप मच गया। बनियापुरवा पुलिस बूथ के ठीक सामने मोमोज खा रहे 25 वर्षीय युवक विशाल निषाद की दबंगों ने ईंट-पत्थरों, डंडों और लोहे की रॉड से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। सरेराह हुई इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, भोपालपुरवा निवासी विशाल निषाद बिठूर से सिलेंडर लेकर घर लौट रहा था। अपने भाई पुनीत और दोस्त राहुल को सिलेंडर देकर घर भेजने के बाद विशाल बनियापुरवा पुलिस बूथ के पास एक ठेले पर फिंगर और मोमोज खाने के लिए रुक गया। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर बनियापुरवा निवासी चार सगे भाइयों (विष्णु, गोविंद, विशाल, आकाश) समेत छह दबंगों (सनी और रवि) ने उसे घेर लिया। आरोप है कि दबंगों ने गाली-गलौज करते हुए विशाल को जमीन पर गिरा दिया और पास में पड़े डंडों व लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। विशाल को बचाने आए उसके भाई और दोस्तों के साथ भी आरोपियों ने मारपीट कर पथराव किया। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण विशाल की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल ने तत्काल छह थानों की पुलिस फोर्स के साथ क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों में से पांच को हिरासत में ले लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

अयोध्या। राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि मंदिर के चढ़ावे की रकम का बड़ा हिस्सा लखनऊ में बेशकीमती चल-अचल संपत्तियां खरीदने में खपाया गया है। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने अब आरोपियों की आर्थिक कमर तोड़ने की तैयारी कर ली है।एसएसपी अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर ने जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी को एक पत्र भेजकर मामले के 8 नामजद मुख्य आरोपियों और उनके 46 करीबियों व परिजनों के नाम दर्ज संपत्तियों का ब्योरा मांगा है। इस पत्र में आरोपियों और उनके परिजनों के नाम दर्ज कृषि, अकृषि, व्यावसायिक और आवासीय जमीनों का पूरा ब्योरा तलब किया गया है। पत्र मिलते ही डीएम लखनऊ ने नगर निगम, आवास विकास परिषद और राजस्व विभाग को मामले की त्वरित जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। राजधानी की सभी पांचों तहसीलों में राजस्व विभाग की टीमें पिछले दो वर्षों के दौरान हुई भू-रजिस्ट्रियों को खंगाल रही हैं। मामले की विवेचना कर रहे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के अनुसार, बीते दो सालों में अर्जित की गई संपत्तियों का ब्योरा इस केस में एक अहम सबूत साबित होगा। जांच के दायरे में आए मुख्य आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, मनीष कुमार यादव, रमाशंकर मिश्र, रामशंकर यादव और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों ने अपराध की काली कमाई से अपने अलावा माता-पिता, भाइयों और भतीजे-भतीजियों के नाम पर भी संपत्तियां खरीदी हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद इन अवैध संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्ली। देशभर में बार-बार होने वाले पेपर लीक और उससे लाखों युवाओं के भविष्य पर पड़ रहे काले साए को लेकर शीर्ष अदालत अब बड़ा कदम उठाने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक अहम जनहित याचिका पर सुनवाई होगी, जिसमें पेपर लीक मामलों की तय समयसीमा (टाइम-बाउंड) में निष्पक्ष जांच और अपराधियों पर तेजी से मुकदमा चलाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ इस बेहद संवेदनशील मामले पर सुनवाई करेगी। संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका वरिष्ठ वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर की गई है। याचिका में केंद्र और सभी राज्य सरकारों को पेपर लीक मामलों की जांच के लिए एक समान, पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था बनाने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई है। इसके साथ ही, इस घिनौने अपराध में शामिल शिक्षा माफिया और दोषियों की चल व अचल संपत्तियों को तुरंत जब्त करने का कड़ा प्रावधान बनाने की मांग भी की गई है। याचिका में नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इन घटनाओं ने मौजूदा व्यवस्था की गंभीर कमियों को उजागर कर दिया है। बार-बार होने वाले पेपर लीक से न केवल ईमानदार छात्र और उनके परिवार मानसिक व आर्थिक रूप से बुरी तरह टूटते हैं, बल्कि यह संविधान द्वारा दिए गए उनके मौलिक अधिकारों का भी सीधा उल्लंघन है। इस सुनवाई से देश के करोड़ों अभ्यर्थियों को एक बड़ी राहत और सख्त कानून की उम्मीद बंधी है।

अब रुख करते हैं उत्तराखंड की ख़बरों की तरफ़-चमोली। उत्तराखंड के अधिकतर हिस्सों में मंगलवार को भी तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 21 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जिले के कुछ इलाकों में गर्जन और बिजली चमकने के साथ मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों की बात करें तो 26 जुलाई तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसे ही रहने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों के किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की हिदायत दी है। प्रदेश में भूधंसाव, भूस्खलन के कारण सोमवार को 98 मार्ग बंद रहे। देहरादून में देहरादून-मसूरी राज्य मोटर मार्ग पर भूधंसाव हुआ। इसके कारण मार्ग बंद हो गया। जिले में कुल 10 मार्ग बंद हैं। अल्मोड़ा में सात, बागेश्वर में 10 और रुद्रप्रयाग में सात ग्रामीण मार्ग बंद हैं। चमोली जिले में सिमली-ग्वालदम एनएच मलबा आने के कारण बंद है। यहां पर 25 ग्रामीण मार्ग भी आवाजाही ठप है। पिथौरागढ़ में 14 ग्रामीण मोटर मार्ग, नैनीताल में एक राज्य मार्ग और पांच ग्रामीण मोटर मार्ग, उत्तरकाशी में दो ग्रामीण मोटर मार्ग, बागेश्वर में 10, चंपावत में तीन और टिहरी में नौ ग्रामीण मोटर मार्ग बाधित हैं। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पिथौरागढ़। तवाघाट-लिपुलेख हाईवे बंद होने के कारण दो दिनों तक गुंजी और बूंदी में फंसे रहने के बाद कैलास मानसरोवर यात्रा का पहला दल देर शाम पिथौरागढ़ पहुँच गया। पवित्र दर्शन से अभिभूत श्रद्धालुओं ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि कैलास मानसरोवर के दर्शन का यह दिव्य अनुभव उनके मानस पटल पर हमेशा के लिए अंकित हो चुका है। यह दल मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना होगा। यात्रियों ने यात्रा व्यवस्थाओं पर बात करते हुए बताया कि भारत और तिब्बत (चीन) दोनों ही तरफ सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाएं अच्छी थीं। भारतीय सेना, आईटीबीपी और बीआरओ की भूमिका की श्रद्धालुओं ने जमकर सराहना की। इसके अलावा, यात्रियों के साथ भारतीय कुक ले जाने की अनुमति मिलने से सभी को अपनी पसंद का देशी खाना मिला, जिससे यात्रा काफी आसान रही। हालाँकि, श्रद्धालुओं ने कुछ व्यावहारिक समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि मानसरोवर परिक्रमा पथ के तीन पड़ावों में कमरे तो अच्छे हैं, लेकिन शौचालय और स्नानागार बाहर बने होने के कारण काफी परेशानी होती है। इसके अलावा, मानसरोवर शिविर में रात 8 बजे के बाद बिजली और रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं रहती। यात्रियों का कहना है कि भारत सरकार को इन बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता के मुद्दे पर चीन प्रशासन से बात करनी चाहिए। साथ ही, श्रद्धालुओं ने धारचूला में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने का सुझाव भी दिया। गुंजी से लिपुलेख तक बेहतरीन सड़क निर्माण के लिए यात्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष आभार व्यक्त किया।

देहरादून। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मसूरी जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। देहरादून-मसूरी हाईवे पर कई स्थानों पर सड़क धंसने और भूस्खलन के कारण स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने इस मुख्य मार्ग को यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है। अब किसी भी वाहन को इस रास्ते से मसूरी जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सड़क धंसने और पहाड़ों से मलबा व पत्थर गिरने की वजह से हाईवे पर लंबा जाम लग गया और आने-जाने वाले वाहन जहां-तहां थम गए। सुरक्षा के लिहाज से बेहद सुरक्षित माने जाने वाले इस हाईवे के कई हिस्से अब खतरे की जद में आ चुके हैं। खासतौर पर उन जगहों पर सबसे ज्यादा जोखिम है, जो पिछले साल की बारिश में भी क्षतिग्रस्त हुई थीं। जिला प्रशासन ने हाईवे पर ऐसे 4 से 5 संवेदनशील पॉइंट चिह्नित किए हैं, जहाँ से गुजरना जानलेवा साबित हो सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल पर्यटकों की यात्रा रोकने का फैसला किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा प्राथमिकता है। जल्द ही इस पूरे मार्ग का व्यापक 'सेफ्टी सर्वे' कराया जाएगा और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। जब तक सड़क की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक हाईवे को आम यातायात के लिए बंद ही रखा जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

देहरादून। उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों में आवागमन को सुगम बनाने और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न जिलों में नए हेलीपैड निर्माण, हवाई सुविधाओं के विस्तार, सड़क संपर्क, पुलिस आधुनिकीकरण और न्यायिक व कारागार अवसंरचना के विकास के लिए 51 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य में सड़क व हवाई कनेक्टिविटी, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में आवाजाही आसान होगी, बल्कि आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को भी नई गति मिलेगी।स्वीकृत बजट के तहत बागेश्वर जिले के बेड़ा-मझेड़ा (करीमपुर) में नए हेलीपैड निर्माण के लिए 8.91 करोड़ रुपये और उत्तरकाशी जिले के मोरी (जखोल-सुनकुंडी) में हेलीपैड निर्माण के लिए 1.08 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। इसके अलावा नैनीताल के डौन परेवा में हेलीपैड और 2 किमी पहुंच मार्ग निर्माण के लिए प्रथम चरण में 8.30 लाख रुपये तथा देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट में विद्युतीकरण व सिविल कार्यों के लिए 50 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। सीएम धामी का कहना है कि आधारभूत ढाँचे के इस सुदृढ़ीकरण से राज्य की प्रशासनिक व पुलिस व्यवस्थाएँ अधिक प्रभावी होंगी, जिससे उत्तराखंड के समग्र और संतुलित विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

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