Good Morning India: कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप,25 की मौत,झारखंड में छात्र आंदोलन तेज,स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व अग्निवीरों को धामी सरकार का बड़ा तोहफा,रुद्रपुर में दर्दनाक हादसा,शाम को टहलने निकले पति-पत्नी का रिंग रोड किनारे मिला शव,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एकबार फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।
कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का महाविनाशकारी भूकंप: मलबे में जिंदगी की तलाश, 25 की मौत,मैक्रों से रुबियो तक दुनिया ने बढ़ाया मदद का हाथ ।
रूस में चुनाव से पहले बड़ा झटका: पुतिन विरोधी 'याब्लोको' पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से किया बाहर।
बच्चों के टीकाकरण पर ट्रंप का बड़ा फैसला: एमएमआर वैक्सीन को 3 हिस्सों में बांटने का आदेश, भड़के एक्सपर्ट्स,स्वदेशी पार्टी में भी विरोध।
जंतर-मंतर के बाद रांची में लाठीचार्ज: जेएसएससी-जेपीएससी परीक्षा धांधली पर छात्रों का 'हल्ला बोल'।
तुर्किये संसद का ऐतिहासिक फैसला: कुर्द लड़ाकों को मिलेगी सशर्त माफी,दशकों पुराने खूनी संघर्ष के अंत की ओर कदम।
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का आज जम्मू दौरा: दोमाना और अखनूर के अग्रिम इलाकों में लेंगे सुरक्षा का जायजा, फील्ड कमांडरों के साथ बैठक।
एक फ्रेम में मोदी, शाह और शरद पवार, बेटी के रिसेप्शन में दिखी सियासी गर्मजोशी,महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा।
हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजे शिवालय: महाशिवरात्रि पर आज भोले बाबा का जलाभिषेक, मंदिरों में भक्ति का सैलाब।
अफगानिस्तान की ऐतिहासिक उड़ान:आयरलैंड को हराकर 2027 वनडे विश्व कप के लिए किया सीधे क्वालीफाई,राशिद खान बने जीत के हीरो।
असम-अरुणाचल सीमा पर फिर भड़का 70 साल पुराना विवाद: धेमाजी में अंधाधुंध गोलीबारी से 12 घायल; नामसाई समझौते पर अमल में देरी बनी वजह।
देशभर में मानसून का 'सुपर एक्टिव' स्पेल: 17 राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट, पहाड़ों पर भूस्खलन और मैदानों में जलभराव से जनजीवन बेहाल।
यूपी की मंत्री बेबी रानी मौर्य के नाती के दफ्तर में दुस्साहसिक चोरी: ताला खोलकर उड़ाए लैपटॉप व दस्तावेज,फोन हैक,सीसीटीवी में कैद वारदात।
स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व अग्निवीरों को धामी सरकार का बड़ा तोहफा: उत्तराखंड में बनेगा 'पुनर्रोजगार सेल',ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य।
उत्तराखंड में कुदरत का अलर्ट: देहरादून, नैनीताल समेत 4 जिलों में ऑरेंज चेतावनी; संवेदनशील इलाकों की 24 घंटे होगी मॉनिटरिंग।
स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत के पैतृक गांव पाली में शुरू हुआ पुश्तैनी मकान का निर्माण, मां ने सड़क के लिए ग्रामीणों से की चर्चा,रिवर्स पलायन' की जगी उम्मीद।
रुद्रपुर में दर्दनाक हादसा: शाम को टहलने निकले पति-पत्नी का रिंग रोड किनारे मिला शव,अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत की आशंका।
हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-बोगोटा। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में आए 7.4 की भीषण तीव्रता वाले भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 25 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग धराशायी हुई इमारतों के मलबे के नीचे जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। भूकंप का झटका इतना शक्तिशाली था कि इसका असर पड़ोसी देश इक्वाडोर तक महसूस किया गया। आपदा की इस कठिन घड़ी में पूरी दुनिया कोलंबिया के साथ आ खड़ी हुई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन कोलंबियाई सरकार और राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रीएला के तंत्र को पूर्ण सहयोग देने के लिए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इक्वाडोर ने त्वरित सहायता का हाथ बढ़ाते हुए 47 दक्ष बचावकर्मियों, स्निफर डॉग्स और आधुनिक उपकरणों से लैस 'यूएसएआर' रेस्क्यू टीम की पेशकश की है, जो लगातार 7 दिनों तक राहत अभियान चलाने में सक्षम है।फिलहाल सबसे बड़ी और गंभीर चुनौती मलबे में दबे जीवित लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकालने की है। समय की टिक-टिक के बीच स्थानीय प्रशासन और अंतर्राष्ट्रीय बचाव दल युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका के बीच अब पूरा ध्यान राहत सामग्री पहुंचाने और घायलों के त्वरित इलाज पर केंद्रित है।
मॉस्को। रूस में यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली प्रमुख विपक्षी पार्टी याब्लोको को अगले महीने होने वाले संसदीय चुनाव से बाहर कर दिया गया है। रूस की सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी का चुनावी पंजीकरण रद्द कर दिया। फैसले के बाद रूस में विपक्ष के लिए राजनीतिक जगह और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। याब्लोको उन गिनी-चुनी पंजीकृत राजनीतिक ताकतों में रही है, जिसने यूक्रेन में रूसी सैन्य कार्रवाई का खुलकर विरोध किया। पार्टी ने अपने चुनावी अभियान में युद्धविराम, कूटनीति और शांति के साथ परमाणु युद्ध रोकने तथा राजनीतिक दमन खत्म करने की मांग को प्रमुखता दी थी। पिछले महीने केंद्रीय चुनाव आयोग ने याब्लोको समेत 11 पार्टियों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी थी। लेकिन क्रेमलिन समर्थक मदरलैंड पार्टी की अपील के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। मदरलैंड ने याब्लोको पर कॉपीराइट उल्लंघन, चुनावी खर्च की सीमा पार करने और यूक्रेन को लेकर उसके रुख से रूस की क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए थे। याब्लोको ने आरोपों को खारिज किया है और फैसले के खिलाफ अपील की बात कही है। पार्टी के नेता ग्रिगोरी याव्लिंस्की ने फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार से असहज सवाल पूछने वालों से संवाद से इनकार करने जैसा है। विदेश में रह रहे विपक्षी नेताओं यूलिया नवलनाया, इल्या याशिन और व्लादिमीर कारा-मुर्जा ने भी पार्टी का समर्थन किया। याब्लोको पर हाल के वर्षों में दबाव बढ़ा है। उसके कई नेताओं को जेल भेजा गया या ‘विदेशी एजेंट’ घोषित किया गया। अब चुनाव से बाहर किए जाने को रूस की विपक्षी राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बच्चों के टीकाकरण की व्यवस्था में बदलाव की दिशा में बड़ा कार्यकारी आदेश जारी किया है। आदेश में बचपन में लगाए जाने वाले टीकों की सिफारिशों की नए सिरे से समीक्षा करने और जहां संभव हो, अलग-अलग चिकित्सकीय दौरों में टीके लगाने की योजना तैयार करने को कहा गया है। फैसले के बाद अमेरिका में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, प्रशासन और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। आदेश में खसरा, गलसुआ और रूबेला से बचाव के लिए दिए जाने वाले एमएमआर टीके को तीन अलग-अलग टीकों के रूप में उपलब्ध कराने की योजना तैयार करने का भी निर्देश है। फिलहाल अमेरिका में इन तीनों बीमारियों के लिए अलग-अलग टीके व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। ट्रंप ने इस फैसले को अभिभावकों के अधिकार और विज्ञान की जीत बताया है। हालांकि सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि टीकों के बीच ज्यादा अंतर रखने से बच्चों के संक्रमण की चपेट में आने का जोखिम बढ़ सकता है। उनका कहना है कि टीकाकरण कार्यक्रम लंबे समय के शोध और सुरक्षा निगरानी के आधार पर तैयार किए जाते हैं। ट्रंप ने टीकों की संख्या और उन्हें दिए जाने के समय को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जोड़ने का भी दावा किया। हालांकि वैज्ञानिक सहमति और दशकों के शोध में टीकों और ऑटिज्म के बीच कोई कारणात्मक संबंध नहीं पाया गया है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने फैसले से भ्रम और डर बढ़ने की आशंका जताई है। वहीं रिपब्लिकन सीनेटर और डॉक्टर बिल कैसिडी ने भी कहा कि टीके सुरक्षित हैं और ऑटिज्म का कारण नहीं बनते। अब इस आदेश के बाद अमेरिका में बच्चों के टीकाकरण की संघीय सिफारिशों और राज्यों की नीतियों को लेकर नई राजनीतिक और स्वास्थ्य बहस छिड़ गई है।
रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन अब सरकार और विपक्ष के बीच बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। सोमवार को विधानसभा घेराव करने पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल के बाद हटाया। कार्रवाई में महिलाओं समेत कई छात्र घायल हुए, जबकि पत्थरबाजी में 14 अधिकारियों के घायल होने की बात प्रशासन ने कही है। आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले नौ दिनों से अनशन पर हैं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और अब कोई बातचीत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही होगी। उनकी प्रमुख मांग जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की है। इधर, सीआईडी ने मामले में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है और रांची समेत पांच जिलों में 18 स्थानों पर तलाशी ली है। इसी बीच परीक्षा विवाद से जुड़े आर्थिक मामलों और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ईडी ने भी शुरू कर दी है। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संवाद के जरिए छात्रों की शिकायतों के समाधान की अपील की है। वहीं राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई को निंदनीय बताया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
अंकारा। तुर्किये की संसद ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कुर्द लड़ाकों को सशर्त माफी देने से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह फैसला दशकों से चले आ रहे उस भीषण सशस्त्र संघर्ष को हमेशा के लिए समाप्त करने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, जिसमें अब तक हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई है। संसद द्वारा पारित यह कानून तुरंत लागू नहीं होगा। तुर्किये सरकार ने स्पष्ट शर्त रखी है कि माफी का यह कानून केवल तभी प्रभावी होगा, जब देश के सुरक्षा अधिकारी कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी द्वारा पूरी तरह से हथियार डालने और हिंसा त्यागने की आधिकारिक पुष्टि कर देंगे। गौरतलब है कि जेल में बंद पीकेके नेता अब्दुल्ला ओकलान के शांति आह्वान के बाद, संगठन ने पिछले साल अपनी दशकों पुरानी सशस्त्र मुहिम को समाप्त करने और खुद को भंग करने की घोषणा की थी। संसद की इस मंजूरी को उसी शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है। इस ऐतिहासिक फैसले का असर केवल तुर्किये तक सीमित नहीं रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से तुर्किये और इराक के बीच राजनयिक व रणनीतिक संबंध मजबूत होंगे। इसके साथ ही, यह सीरियाई सरकार के उन प्रयासों को भी बल देगा, जिनके तहत वह कुर्द-नेतृत्व वाली 'सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज' के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को पुन: एकीकृत करने में जुटी है। इस फैसले से पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थिरता आने की उम्मीद है।
जम्मू। थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ मंगलवार यानी आज जम्मू के एक दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे जम्मू के अग्रिम और संवेदनशील इलाकों में सीमा सुरक्षा तथा वर्तमान परिस्थितियों का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे। थल सेनाध्यक्ष का यह दौरा सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और जमीनी चुनौतियों का आकलन करने पर केंद्रित रहेगा। अपने संक्षिप्त दौरे में जनरल सेठ के दोमाना और अखनूर सहित कई रणनीतिक एवं संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा करने की संभावना है। वे अग्रिम चौकियों पर तैनात फील्ड कमांडरों से सीधी मुलाकात कर सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करेंगे। उनके साथ पश्चिमी कमान के सेना कमांडर और योल स्थित 9 कोर के प्रमुख सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का यह उनका तीसरा दौरा है। इससे पहले उन्होंने जुलाई में घाटी का दौरा कर जवानों का हौसला बढ़ाया था और द्रास में कारगिल विजय दिवस समारोह में भाग लिया था। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करना, आतंकवाद विरोधी अभियानों को और मजबूत करना तथा क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखना है। फील्ड कमांडरों द्वारा जमीनी हकीकत से अवगत कराए जाने के बाद, सेना प्रमुख शाम को नई दिल्ली लौटेंगे।
नई दिल्ली। एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की पोती और सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के शादी रिसेप्शन में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शरद पवार एक साथ नजर आए। तीनों नेताओं की तस्वीर सामने आते ही महाराष्ट्र की राजनीति में नए सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि यह मुलाकात पारिवारिक समारोह के दौरान हुई, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इसकी तस्वीर को खास महत्व दिया जा रहा है। रिसेप्शन से कुछ घंटे पहले ही शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के सभी आठ लोकसभा सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुप्रिया सुले ने किया। सांसदों ने सूखा, सिंचाई, किसानों की कर्जमाफी, रेलवे परियोजनाओं, प्याज की कीमत, नदी प्रदूषण और अपने क्षेत्रों से जुड़े कई मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे। सांसदों ने पुणे-नासिक सेमी हाईस्पीड रेल परियोजना समेत विभिन्न मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। सांसदों ने मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने उठाए गए मुद्दों पर विचार का भरोसा दिया। हालांकि बैठक में संसद की कार्यवाही, परिसीमन या एफसीआरए संशोधन विधेयक पर चर्चा नहीं हुई। परिसीमन को लेकर एनसीपी (एसपी) के रुख पर भी नजर है। सुप्रिया सुले स्पष्ट कर चुकी हैं कि अंतिम कानून सामने आने के बाद ही पार्टी अपना रुख तय करेगी और इंडिया गठबंधन के भीतर भी इस पर चर्चा होगी। ऐसे में मोदी, शाह और पवार की एक साथ तस्वीर ने महाराष्ट्र की सियासत में सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं, लेकिन इसे किसी नए राजनीतिक गठजोड़ का संकेत मानना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
नई दिल्ली। “ऊं नम: पार्वती पतये, हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच आज महाशिवरात्रि पर दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर के शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक होगा। कई दिनों तक कंधों पर कांवड़ उठाकर सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करने वाले शिवभक्त अब अपनी मंजिल पर पहुंच चुके हैं। थकान और नींद को पीछे छोड़ कांवड़ियों में भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करने का उत्साह साफ नजर आ रहा है। पूर्वी दिल्ली के ब्रह्मपुरी, शाहदरा, कृष्णा नगर, दिलशाद गार्डन और यमुना विहार समेत प्रमुख इलाकों के शिव मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं के लिए जल, प्रसाद और दर्शन की विशेष व्यवस्थाएं की हैं। डाक कांवड़ियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है, ताकि वे बिना अधिक इंतजार किए शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ा सकें। सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर कांवड़ियों की भारी आवाजाही रही। जीटी रोड, वजीराबाद रोड, पुश्ता मार्ग, शास्त्री पार्क, सीलमपुर, जाफराबाद, मौजपुर और शाहदरा मार्गों पर बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों के पैर धोकर, तिलक लगाकर और फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा से सेवा शिविरों में भक्तिमय माहौल बना रहा। चांदनी चौक के गौरी शंकर मंदिर और मादीपुर के शिव मंदिर समेत कई शिवालयों में आज विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन होंगे। किसी ने मनोकामना पूरी होने पर कांवड़ उठाई तो किसी ने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए यह कठिन यात्रा पूरी की। आज हर कांवड़िये की मंजिल एक ही है भोलेनाथ के चरणों में गंगाजल अर्पित करना।
नई दिल्ली। अफगानिस्तान ने सोमवार को आयरलैंड को तीसरे वनडे में तीन विकेट से हराकर 2027 वनडे विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली। आयरलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 206 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में अफगानिस्तान ने सात विकेट गंवाकर 44.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने एक समय 97 रन पर सिर्फ दो विकेट गंवाए थे, लेकिन इसके बाद टीम ने लगातार विकेट खोए और स्कोर 176/7 हो गया। मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया। ऐसे समय में अनुभवी लेग स्पिनर और स्टार ऑलराउंडर राशिद खान ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 43 गेंदों पर नाबाद 37 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और यामीन अहमदजई (नाबाद चार) के साथ मिलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। इस जीत के साथ विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर मौजूद अफगानिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है। यह अफगानिस्तान का चौथा वनडे विश्व कप होगा। अफगानिस्तान ने पांच मैचों की सीरीज के दूसरे वनडे में भी आयरलैंड को 92 रन से करारी शिकस्त दी थी। सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हुआ था। अफगानिस्तान की लगातार मजबूत होती क्रिकेट टीम के लिए यह उपलब्धि खास है। टीम ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान मजबूत की है और अब 2027 विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ उतरेगी।
गुवाहाटी। असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सात दशक से अधिक पुराना सीमा विवाद एक बार फिर तनाव का कारण बन गया है। सोमवार को असम के धेमाजी जिले में ग्रामीणों पर कथित फायरिंग में 8 से 12 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। असम के ग्रामीणों का आरोप है कि अरुणाचल प्रदेश की ओर से आए सशस्त्र लोगों ने जमीन पर दावा करते हुए काम रोक दिया और विवाद बढ़ने के बाद गोलीबारी की। घटना के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दोनों राज्यों के बीच तनाव कम करने की पहल की। उन्होंने पुलिस महानिदेशकों और वरिष्ठ मंत्री रणोज पेगू को अरुणाचल सरकार से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, दोनों राज्यों के बीच करीब 800 किलोमीटर लंबी सीमा और 3,648 वर्ग किलोमीटर जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद है। इसकी जड़ 1951 में बोरदोलोई समिति की सिफारिशों के आधार पर किए गए सीमा हस्तांतरण में है। अरुणाचल का दावा है कि इस प्रक्रिया में स्थानीय जनजातीय समुदायों से पर्याप्त सलाह नहीं ली गई, जबकि असम इसे कानूनी और संवैधानिक सीमांकन मानता है। विवाद सुलझाने के लिए 2022 में असम और अरुणाचल के मुख्यमंत्रियों ने नामसाई घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद 2023 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में अंतिम सीमा समझौते पर भी सहमति बनी। 123 विवादित गांवों में से अधिकांश पर समाधान निकाला गया। हालांकि, जमीन के हस्तांतरण और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से असंतोष बना हुआ है। ताजा फायरिंग ने संकेत दिया है कि समझौते को जल्द जमीन पर लागू नहीं किया गया तो दशकों पुराना विवाद फिर गंभीर रूप ले सकता है।
नई दिल्ली। देश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर और मध्य भारत तक भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि कई शहरों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान 17 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट के साथ बिजली गिरने और तेज आंधी की भी आशंका है। दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुककर हो रही तेज बारिश से सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में मंगलवार को भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। बिहार में कोसी और गंडक नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। कई इलाकों में प्रशासन को सतर्क किया गया है। पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे भारी पड़ सकते हैं। वहीं पूर्वोत्तर के असम, मिजोरम, त्रिपुरा और नागालैंड में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन के कारण कई मार्ग प्रभावित हुए हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी खतरा बढ़ा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और देहरादून में भारी बारिश और बादल फटने की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी है। हिमाचल के शिमला, कुल्लू और मनाली में भूस्खलन से सड़कें बाधित हैं। आईएमडी ने लोगों से बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा पहाड़ी और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-देहरादून। उत्तर प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री व उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के नाती (दामाद) एवं एमएसएमई प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के उत्तराखंड अध्यक्ष सीए निखिल गुप्ता के कार्यालय में दुस्साहसिक चोरी का मामला सामने आया है। सेलाकुई मुख्य मार्ग स्थित 'गणेश इंटरप्राइजेज' के दफ्तर में तड़के घुसे चोर ने चाबी से ताला खोलकर दो लैपटॉप और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पार कर दिए। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, छह अगस्त की सुबह करीब 4 बजे एक अज्ञात व्यक्ति कार्यालय में दाखिल हुआ। उसने फोन पर किसी से बात की, जिसके बाद दोनों लैपटॉप को बैग में भरा। हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी ने वाउचर बुक पर हस्ताक्षर भी किए और फरार हो गया। निखिल गुप्ता का आरोप है कि चोर चोरी किए गए लैपटॉप को खोलने का बार-बार प्रयास कर रहा है तथा उनका स्मार्टफोन भी हैक किया गया है। चोर को कार्यालय की चाबी रखे होने की सटीक जानकारी थी, जिससे किसी परिचित द्वारा रेकी किए जाने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। घटना की पूरी सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दी गई है। थाना प्रभारी लोकपाल परमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है।
देहरादून। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ा ऐलान कर सकते हैं। सरकार पूर्व अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल के गठन को औपचारिक मंजूरी देने की तैयारी में है। मंजूरी के बाद यह सेल पूर्व अग्निवीरों के रोजगार और पुनर्वास के लिए काम शुरू कर देगा। इस मॉडल के साथ उत्तराखंड पूर्व अग्निवीरों के समायोजन के लिए ऐसी पहल करने वाला देश का पहला राज्य बनने की दिशा में है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सेल के गठन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सेल का प्रारूप लगभग तय हो चुका है और इसे मुख्यमंत्री के अधीन रखने का निर्णय लिया गया है। इसमें एक सेवानिवृत्त कर्नल, राज्य सरकार के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। सेल पूर्व अग्निवीरों की योग्यता, अनुभव और रुचि के आधार पर रोजगार के अवसर तलाशेगा। निजी क्षेत्र में नौकरी करने के इच्छुक युवाओं को व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। वहीं उद्यम शुरू करने के इच्छुक पूर्व अग्निवीरों को आर्थिक और तकनीकी मदद दिलाने पर भी काम होगा। उत्तराखंड के पहले बैच के करीब 1,200 अग्निवीर दिसंबर-जनवरी में अपनी सेवा पूरी कर बाहर होंगे। ऐसे में सरकार के सामने इनके रोजगार और भविष्य को लेकर ठोस व्यवस्था बनाने की चुनौती है। मुख्यमंत्री धामी ने 17 जुलाई को पूर्व अग्निवीरों के लिए सेल गठित करने की घोषणा की थी। सरकार इस काम में सैनिक कल्याण बोर्ड के अनुभव का भी इस्तेमाल करेगी। बोर्ड पहले से सेना से सेवानिवृत्त जवानों और उनके आश्रितों के रोजगार के लिए काम कर रहा है। अब नए सेल के जरिए अग्निवीरों को सैन्य सेवा के बाद रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की कोशिश होगी।
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की लगातार सक्रियता के बीच मौसम विभाग के अलर्ट ने सरकारी मशीनरी की चिंता बढ़ा दी है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर पर्वतीय जिलों में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और उन स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जहां तेज बारिश के बाद सड़क बंद होने, जलभराव या नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और चंपावत के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन को मौसम की हर गतिविधि पर नजर रखने और आपात स्थिति में तत्काल राहत-बचाव शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी और जरूरी मशीनरी तैयार रखने के साथ ही राहत-बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कम समय में अत्यधिक बारिश होने की स्थिति में पहाड़ी क्षेत्रों में नुकसान की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर भी विशेष व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के साथ भोजन, पानी और ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के मुताबिक देहरादून और हिमाचल से लगे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल बादल फटने जैसी किसी विशेष घटना का पूर्वानुमान नहीं है, लेकिन किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी रखी गई हैं।
पिथौरागढ़। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज ऋषभ पंत के पिथौरागढ़ स्थित पैतृक गांव 'पाली' में उनके पुश्तैनी मकान का नवनिर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस घटनाक्रम से पलायन की मार झेल रहे इस गांव में ऋषभ पंत के परिवार के लौटने और 'रिवर्स पलायन' की नई उम्मीद जगी है। गंगोलीहाट विकासखंड से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित पाली गांव में ऋषभ की मां सरोज पंत ने पहुंचकर जर्जर हो चुके पुश्तैनी मकान के निर्माण का काम शुरू कराया। गांव तक सड़क न होने के कारण उन्होंने ग्रामीणों से सड़क निर्माण को लेकर भी बातचीत की। वर्तमान में गांव तक पहुंचने के लिए डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। ऋषभ पंत ने हाल ही में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपना बेस दिल्ली से उत्तराखंड स्थानांतरित करने और सरकारी दरों पर जमीन खरीदकर घर बनाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि वे अपने पहाड़ी लोगों के बीच लौटकर राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं। कभी 300 परिवारों से आबाद रहे पाली गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते अब केवल 50 परिवार बचे हैं। ग्राम प्रधान विनोद प्रसाद और स्थानीय ग्रामीणों ने पंत परिवार के फैसले का स्वागत किया है। एक स्थानीय निवासी ने तो घर बनाने के लिए 20 नाली भूमि मुफ्त देने की पेशकश की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पंत के आने से गांव को नई पहचान और विकास की गति मिलेगी।
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब बिंदुखेड़ा-सिडकुल से दानपुर रोड जाने वाली रिंग रोड के किनारे पति-पत्नी के शव मिले। दोनों शाम को खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से निकले थे। प्रथम दृष्टया पुलिस सड़क हादसे में किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से दोनों की मौत होने की आशंका जता रही है। हालांकि हादसे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान संतोष यादव और उनकी पत्नी सुनीता यादव के रूप में हुई है। घटना रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। सड़क किनारे दोनों के शव मिलने की सूचना पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर वाहन के कुछ टूटे हुए पार्ट्स मिलने की बात भी सामने आई है, जिससे किसी वाहन की टक्कर की आशंका और गहरा गई है। सूचना मिलते ही रुद्रपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अब हादसे के कारणों और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। एसएसआई खुशवंत सिंह के अनुसार घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना किस वाहन से हुई और हादसे के समय वहां से कौन-कौन से वाहन गुजरे थे। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल अज्ञात वाहन की पहचान के प्रयास जारी हैं। घटना के बाद मृतक परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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