दोस्ती, प्यार और फिर खौफनाक अंत! खुदनेश्वर धाम में जिसकी मांग भरी, क्या वही बन गई मौत की वजह?

Friendship, love, and then a horrific end! Did the very person whose forehead she adorned with vermilion at Khudneshwar Dham become the cause of her death?

समस्तीपुर। एक पुरानी दोस्ती, फिर परवान चढ़ा पराया प्रेम, मंदिर में गुप्त शाद‌ी, शहर छोड़ना और अंत में एक संदिग्ध मौत! समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर के बीच बुनी गई यह खौफनाक दास्तान किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है। समस्तीपुर नगर थाना क्षेत्र के घोष लेन निवासी सूरज सोनी की रहस्यमयी मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस मामले में रिश्तों के उलझाव के साथ-साथ कई ऐसे खौफनाक और अनसुलझे सवाल खड़े हो गए हैं, जिसने पुलिस प्रशासन को भी चक्कर में डाल दिया है। मृतक के परिजन जहां इसे एक सोची-समझी और सुनियोजित हत्या (मर्डर) करार दे रहे हैं, वहीं पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। इस खूनी खेल की नींव सालों पहले रखी गई थी। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक सूरज सोनी की दोस्ती वर्षों पहले समस्तीपुर जिले के दादपुर निवासी चंदन कुमार से हुई थी। दोनों की दोस्ती काफी गहरी थी, जिसके चलते सूरज का चंदन के घर आना-जाना आम बात थी। इसी दौरान सूरज और चंदन की पत्नी डॉली कुमारी के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। धीरे-धीरे यह नजदीकी गहरे प्रेम संबंध में तब्दील हो गई।

हद तो तब हो गई जब साल 2023 में दोनों ने समाज और लोकलाज की परवाह किए बिना जिले के मोरवा स्थित प्रसिद्ध खुदनेश्वर धाम मंदिर में जाकर गुपचुप तरीके से शादी रचा ली। डॉली ने अपने पहले पति चंदन को छोड़ दिया और सूरज के साथ रहने लगी। डॉली के अपने पहले पति को छोड़कर सूरज के साथ रहने के बाद दोनों परिवारों में विवाद चरम पर पहुंच गया था। पहले पति के परिवार और समाज के भारी विरोध के कारण दोनों का समस्तीपुर में रहना दूभर हो गया था। बताया जाता है कि इसी खौफ और लगातार मिल रही धमकियों के चलते सूरज और डॉली समस्तीपुर छोड़कर मुजफ्फरपुर भाग गए। वे पिछले छह महीने से मुजफ्फरपुर में एक किराये का मकान लेकर पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। मंगलवार को अचानक इस कहानी का बेहद दर्दनाक अंत हो गया। मुजफ्फरपुर के किराये के मकान में सूरज की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई। डॉली आनन-फानन में उसे मुजफ्फरपुर से समस्तीपुर सदर अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद सूरज को मृत घोषित कर दिया। जैसे ही सूरज की मौत की खबर उसके घर पहुंची, अस्पताल परिसर में भारी संख्या में परिजनों की भीड़ जुट गई और चीख-पुकार मच गई। अस्पताल पहुंचे सूरज के परिजनों ने रो-रोकर बदहवास हालत में डॉली के पहले पति चंदन पर हत्या की साजिश रचने का सीधा आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि प्रेम संबंध और शादी के कारण चंदन लंबे समय से सूरज को जान से मारने की धमकियां दे रहा था। उनका आरोप है कि मुजफ्फरपुर में सूरज को जहर देकर या किसी अन्य तरीके से सुनियोजित ढंग से मौत के घाट उतारा गया है और बीमारी का महज बहाना बनाया जा रहा है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की गुहार लगाई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह क्या है, यह बिना फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट के कहना जल्दबाजी होगी। समस्तीपुर पुलिस के अनुसार, चूंकि घटना मुजफ्फरपुर थाना क्षेत्र की है, इसलिए यदि मृतक के परिजन लिखित आवेदन देते हैं, तो तुरंत 'जीरो एफआईआर' (Zero FIR) दर्ज कर पूरे मामले को मुजफ्फरपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस विसरा सुरक्षित रख फॉरेंसिक (FSL) जांच की तैयारी कर रही है।

फिलहाल, समस्तीपुर के इस बेहद चर्चित मामले में सूरज की मौत से ज्यादा उसकी वजह रहस्य बनी हुई है। पूरा इलाका इन सवालों के जवाब ढूंढ रहा है। अस्पताल लाने से पहले क्या हुआ? मुजफ्फरपुर के उस बंद कमरे में मौत से ठीक पहले सूरज के साथ क्या घटित हुआ था? बीमारी या साजिश? क्या सूरज सचमुच बीमार था या उसे खाने में कोई धीमा जहर दिया गया? डॉली की भूमिका क्या है? इस पूरे घटनाक्रम में चंदन की पूर्व पत्नी और सूरज की प्रेमिका डॉली की भूमिका कितनी पाक-साफ है? क्या कहती है मेडिकल रिपोर्ट? पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट में मौत की क्या वजह सामने आती है? जब तक इन तकनीकी रिपोर्टों के नतीजे नहीं आ जाते, तब तक खुदनेश्वर धाम में भरी गई वह सिंदूर की मांग एक बेगुनाह की मौत की वजह थी या कुछ और, यह रहस्य बरकरार रहेगा।