मानसून की पहली बारिश से किसानों के खिले चेहरे,खरीफ फसलों को मिली नई उम्मीद,कम वर्षा को लेकर कृषि विभाग ने जारी की सलाह
साहिबगंज। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार साहिबगंज जिले में मानसून की पहली बारिश ने दस्तक दे दी। शनिवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई, वहीं किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान लौटा दी। खासकर खरीफ सीजन में धान की खेती करने वाले किसानों के लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं मानी जा रही है। बारिश के अभाव में जिले के अधिकांश किसान धान का बिचड़ा नहीं गिरा पा रहे थे, जिससे खेती का पूरा चक्र प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी।
जिले के कई किसानों ने मई महीने में हुई हल्की बारिश का लाभ उठाकर धान का बिचड़ा तैयार किया था, लेकिन जून में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण पौधों का समुचित विकास नहीं हो सका। इससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। अब मानसून की पहली अच्छी बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और धान की रोपाई का कार्य तेजी से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है। विभाग के अनुसार इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्मों की खेती करने की सलाह दी गई है, ताकि यदि भविष्य में वर्षा कम भी हो तो फसल पर उसका अधिक असर न पड़े और सुखाड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके। जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का ने बताया कि जून महीने में सामान्य रूप से लगभग 225.40 मिलीमीटर वर्षा की आवश्यकता होती है, जबकि अब तक जिले में केवल 99 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है। यही कारण है कि कृषि विभाग किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए लगातार जागरूक कर रहा है। उन्होंने किसानों से खेतों की गहरी और अधिक जुताई करने की अपील की, जिससे मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहे और कम बारिश की स्थिति में भी फसल को पर्याप्त लाभ मिल सके। इधर किसानों को गुणवत्तापूर्ण धान बीज उपलब्ध कराने के लिए लैम्प्स और पैक्स के माध्यम से 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज वितरण अभियान भी जारी है। इस वर्ष जिले के लिए लगभग 5000 क्विंटल धान बीज की मांग भेजी गई थी, लेकिन बीज वितरण निगम ने फिलहाल केवल 2300 क्विंटल बीज की स्वीकृति दी है। इनमें से अब तक 430 क्विंटल बीज जिले को प्राप्त हो चुका है, जिसका वितरण सकरोगढ़ लैम्प्स, बोरियो एफपीओ सहित विभिन्न लैम्प्स और पैक्स केंद्रों के माध्यम से किया जा रहा है। यह सुविधा फिलहाल ब्लॉकचेन प्रणाली से जुड़े किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि विभाग ने भरोसा दिलाया है कि किसानों को बीज की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार आगे भी बीज उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग ने किसानों से मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुरूप खेती करने की अपील की है।