खेत से मिट्टी चोरी करने का विरोध करने पर किसान की पीट-पीटकर हत्या, 10 पर एफआईआर 

Farmer beaten to death for opposing soil theft from his field; FIR against 10.

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है। पचपकड़ी थाना क्षेत्र के सिसवा मंगल गांव में दबंगों ने अपनी जमीन और हक की रक्षा करने वाले एक सीधे-साधे किसान की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक किसान की पहचान रामबिहारी पांडेय के रूप में हुई है। इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और तनाव का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में मुख्य आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

वारदात के पीछे की वजह दबंगई और घोर रंजिश है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, घटना से महज दो दिन पहले आरोपियों ने किसान रामबिहारी पांडेय के खेत में जबरन घुसकर करीब 50 ट्रैक्टर मिट्टी कटवा ली और उसे अवैध रूप से बेच दिया। जब पीड़ित किसान को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने अपनी गाढ़े पसीने की कमाई और जमीन को बर्बाद होते देख इसका कड़ा विरोध किया। रामबिहारी पांडेय ने इसकी आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई थी। दबंगों को एक मामूली किसान का यह विरोध और कानून का सहारा लेना नागवार गुजरा। इसी रंजिश और खुन्नस में आकर आरोपियों ने लाठी-डंडों और हथियारों से लैस होकर रामबिहारी पांडेय पर जानलेवा हमला बोल दिया। उन्हें तब तक बेरहमी से पीटा गया, जब तक कि उनकी जान नहीं चली गई। इस खूनी वारदात के बाद मृतक के पुत्र धीरज कुमार पांडेय के आवेदन पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने 10 नामजद और 5 से 7 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर और सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। घटना के तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर एक नामजद आरोपी को धर दबोचा है, जिसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, घटना के बाद से ही अन्य सभी आरोपी अपने घर छोड़कर फरार हैं। इस निर्मम हत्याकांड के बाद सिसवा मंगल गांव में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों के गुस्से और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है और इलाके में लगातार पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) कर रही है। फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग रहे आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने अब कोर्ट के माध्यम से कुर्की-जब्ती की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने खुद कमान संभाल ली है। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है। कानून को हाथ में लेने वाले अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। एसपी ने स्पष्ट किया, "एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी बचे नामजद व अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है। जो आरोपी फरार हैं, उनके खिलाफ बहुत जल्द कुर्की-जब्ती की सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में मजबूत पैरवी करेगी ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। किसी भी अपराधी को कानून की नजरों से बचने नहीं दिया जाएगा।