कैंचीधाम में आस्था का महासंगमः स्थापना दिवस पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब! अबतक हजारों भक्तों ने किए दर्शन, पुलिस और प्रशासनिक अमला अलर्ट

A Grand Confluence of Faith at Kainchi Dham: A Massive Surge of Devotees on Foundation Day! Thousands Have Already Offered Prayers; Police and Administration on High Alert.

नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में सोमवार को 62वें स्थापना दिवस के अवसर पर आस्था का अद्भुत महासंगम देखने को मिला। आधी रात से ही बाबा नीब करौरी महाराज के भक्तों की लंबी कतारें धाम के बाहर लगनी शुरू हो गई थीं। सोमवार सुबह पांच बजे बाबा को पारंपरिक रूप से मालपुए का भोग अर्पित किए जाने के साथ स्थापना दिवस समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोले गए और दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह होते-होते पूरा कैंची धाम बाबा नीब करौरी महाराज के जयकारों और जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा। देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु घंटों इंतजार के बाद बाबा के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस करते नजर आए। मंदिर परिसर में भक्तों का उत्साह और श्रद्धा देखते ही बन रही थी। मंदिर समिति के सेवादार लगातार श्रद्धालुओं को मालपुए का महाप्रसाद वितरित कर रहे हैं। दर्शन के बाद श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर बाबा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए लौट रहे हैं।

स्थापना दिवस के अवसर पर धाम में सुबह छह बजे तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, जबकि सुबह आठ बजे तक यह संख्या बढ़कर 25 हजार के पार पहुंच गई। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी रही और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। कैंची धाम की स्थापना वर्ष 1964 में बाबा नीब करौरी महाराज ने की थी। तब से हर वर्ष 15 जून को स्थापना दिवस बड़े धार्मिक उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं। बाबा के प्रति लोगों की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रातभर श्रद्धालु दर्शन के लिए कतारों में डटे रहे। स्थापना दिवस के अवसर पर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सुबह पांच बजे से ही मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। धाम और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर, पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था को भी विशेष रूप से संचालित किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े।