अंकिता भंडारी केस में न्याय की मांग तेजः सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच को लेकर उत्तराखण्ड बंद! प्रदेशभर में दिखा मिला-जुला असर

Demands for justice in the Ankita Bhandari case intensify: Uttarakhand shuts down over the CBI investigation, overseen by a sitting judge! Mixed reactions seen across the state

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में कराने की मांग को लेकर आज रविवार, 11 जनवरी को कांग्रेस समेत विभिन्न संगठनों ने उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। बंद का प्रदेशभर में मिला जुला असर देखने को मिला। हांलाकि चमोली जिले के गैरसैंण में बंद का व्यापक असर देखा गया। इस दौरान गैरसैंण परिक्षेत्र के व्यापार संघों और टैक्सी यूनियन भी बंद में शामिल रहे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यह राज्य की अस्मिता से जुड़ा सवाल है। इसके पक्ष में खुलकर सामने आने की जरूरत है। बंद का सभी लोग समर्थन करें। बंद शांतिपूर्वक करें और कानून को हाथ में न ले। महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा कि सरकार सीबीआई जांच के बिंदु स्पष्ट करे, ऐसी जांच हो जिसमें वीआईपी का खुलासा हो। यह लड़ाई अंकिता के साथ ही राज्य की बेटियों की लड़ाई है। वहीं मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि अंकिता की हत्या केवल एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के स्वाभिमान पर हमला है। सभी संगठनों ने एक स्वर में स्पष्ट किया है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उक्रांद ने भी बंद को समर्थन दिया है।