दिल्ली-दून की दूरी अब चंद घंटों में: पीएम मोदी आज करेंगे एशिया के सबसे लंबे वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का उद्घाटन

Delhi-Doon Distance Now Just a Few Hours Away: PM Modi to Inaugurate Asia's Longest Wildlife Corridor Today

देहरादून। उत्तराखंड की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सौगात आज जनता को मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर (एलिवेटेड एक्सप्रेसवे) का विधिवत लोकार्पण करेंगे। 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 210 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद देहरादून से दिल्ली की दूरी महज ढाई से तीन घंटे रह जाएगी। यह प्रधानमंत्री मोदी का पीएम बनने के बाद उत्तराखंड का 28वां दौरा है। सुबह करीब 10:30 बजे वे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर से सहारनपुर के गणेशपुर हेलीपैड पहुंचकर एक्सप्रेसवे का व्यू प्वाइंट देखेंगे। इसके बाद एशिया के सबसे लंबे 12 किलोमीटर वाले वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर से गुजरते हुए वे मां डाट काली मंदिर पहुंचेंगे।

डाट काली मंदिर में प्रधानमंत्री करीब 10 मिनट पूजा-अर्चना करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उनका स्वागत करेंगे। मंदिर से निकलकर वे शहीद जसवंत सिंह मैदान तक पहली बार 12 किलोमीटर लंबा रोड शो करेंगे। रोड शो के दौरान जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ता पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करेंगे। रोड शो के बाद प्रधानमंत्री देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ रहेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी एक्सप्रेसवे से होते हुए गणेशपुर तक पहुंच सकते हैं। इस एक्सप्रेसवे के बनने से न सिर्फ यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी। राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर बने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर से वन्यजीवों को भी कोई परेशानी नहीं होगी। देहरादून में आज चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। बड़े स्तर पर वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है। पूरी तैयारियां जोरों पर हैं और जनता में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और आज की यह सौगात राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। आज का दिन उत्तराखंड के इतिहास में विकास और कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा।