मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीखें बढ़ीं: उत्तराखंड-हरियाणा समेत कई राज्यों में बदला एसआईआर शेड्यूल
देहरादून। देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण के तहत निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की तिथियों में बड़ा बदलाव किया है। प्रशासनिक और भौगोलिक कारणों का हवाला देते हुए आयोग ने अलग-अलग राज्यों के लिए अंतिम सूची जारी करने की समय-सीमा 11 दिन से लेकर 28 दिन तक आगे बढ़ा दी है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण में शामिल कई राज्यों में अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अलग-अलग कारणों के चलते निर्वाचन आयोग ने राज्यों के कार्यक्रम में बदलाव किया है। कई राज्यों में अंतिम मतदाता सूची अब निर्धारित तारीख के मुकाबले 11 से 28 दिन तक आगे जारी होगी। सबसे बड़ा बदलाव महाराष्ट्र में किया गया है, जहां अंतिम मतदाता सूची अब 7 सितंबर के बजाय 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने 14 मई को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के तीसरे चरण की शुरुआत की थी। इस चरण में करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं को शामिल करते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नागालैंड, त्रिपुरा तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव शामिल हैं। तीसरे चरण में महाराष्ट्र में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की तारीख में सबसे अधिक बदलाव किया गया है। यहां पहले अंतिम सूची 7 सितंबर को जारी होनी थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 4 नवंबर कर दिया गया है। इस तरह राज्य में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के कार्यक्रम में काफी लंबा बदलाव हुआ है। वहीं कर्नाटक और दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख 20 दिन आगे बढ़ाई गई है। अब दोनों राज्यों में अंतिम सूची 27 अक्तूबर को प्रकाशित की जाएगी। तेलंगाना में कार्यक्रम 18 दिन आगे बढ़ा है और यहां अंतिम मतदाता सूची अब 19 अक्तूबर को जारी होगी। ओडिशा में अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख 15 दिन आगे बढ़ाई गई है। पहले यहां सूची 6 सितंबर को जारी होनी थी, लेकिन अब इसे 21 सितंबर को प्रकाशित किया जाएगा। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 11-11 दिन आगे बढ़ाई गई है। इससे इन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्वाचन तंत्र को अतिरिक्त समय मिलेगा। एसआईआर के दूसरे चरण के दौरान भी अलग-अलग कारणों से कार्यक्रम में कई बार बदलाव किया गया था। बिहार में एसआईआर की तैयारियों के दौरान निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने दावा किया था कि जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों को बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार के कई नागरिक मिले हैं। हालांकि, बाद में निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसे लोगों की संख्या या ऐसे प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए गए, जिनसे यह स्पष्ट हो कि वे मतदाता सूची में शामिल होने के योग्य नहीं थे। इन दावों को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया था। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि एसआईआर की प्रक्रिया का इस्तेमाल भाजपा और उसके सहयोगी दलों के अनुरूप नहीं रहने वाले मतदाताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। दूसरी ओर, निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाता सूची को अद्यतन और सत्यापित करने के लिए एसआईआर को महत्वपूर्ण प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। तीसरे चरण में तारीखों में बदलाव के बाद अब संबंधित राज्यों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद ही संबंधित राज्यों में मतदाताओं के नाम और विवरण की संशोधित स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।