जर्मनी में लाखों का खर्च, भारत में मुफ्त इलाज! आवारा कुत्ते के काटने के बाद फ्री एंटी रेबीज टीकाकरण की सुविधा पर हैरान हुआ विदेशी पर्यटक! कहा-वाकई सराहनीय है भारत'
नई दिल्ली। भारतीय स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सकारात्मक चर्चा हो रही है। इस बार गुजरात के सूरत शहर का एक सरकारी अस्पताल सुर्खियों में है, जहां जर्मनी से आए एक पर्यटक को कुत्ते के काटने के बाद मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया। इस अनुभव से प्रभावित होकर विदेशी पर्यटक ने भारतीय चिकित्सा व्यवस्था और अस्पताल की कार्यप्रणाली की खुलकर प्रशंसा की है। जर्मन नागरिक और ट्रैवल व्लॉगर डेविड नेवेल ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने वीडियो में बताया कि वेसु क्षेत्र में घूमने के दौरान उन्हें एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। रेबीज के संभावित खतरे को देखते हुए उन्होंने तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने का निर्णय किया और नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचे।
डेविड के अनुसार, उन्हें आशंका थी कि एक विदेशी नागरिक होने के कारण उपचार में अधिक समय लग सकता है या इसके लिए खर्च उठाना पड़ सकता है, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उनका अनुभव उम्मीद से बिल्कुल अलग रहा। उन्होंने बताया कि उन्हें बिना किसी शुल्क के एंटी-रेबीज वैक्सीन, टिटनेस इंजेक्शन तथा आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। उन्होंने अपने वीडियो में टीकाकरण कार्ड भी दिखाया और बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें आगे लगने वाले इंजेक्शनों का पूरा शेड्यूल समझाया। डेविड ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छ वातावरण और त्वरित चिकित्सा सेवाओं की विशेष रूप से सराहना की।
उन्होंने कहा कि इलाज की प्रक्रिया बेहद व्यवस्थित रही और उन्हें बहुत कम समय में सभी जरूरी सेवाएं मिल गईं। डेविड ने अपने देश जर्मनी का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां विदेशी नागरिकों के लिए इस तरह की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं होती, जबकि भारत में उन्हें बिना किसी औपचारिक जटिलता के उपचार मिल गया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस अनुभव को लोग भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। डेविड ने कहा कि भारत में उन्हें केवल चिकित्सा सुविधा ही नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना भी देखने को मिली, जिसने उन्हें काफी प्रभावित किया।