Sep 14, 2026 Login

उत्तराखण्डः सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर धामी सख्त! बोले- जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

Uttarakhand: CM Dhami takes a tough stance on CM Helpline complaints! Says negligence in resolving public grievances will not be tolerated; issues necessary directives to officials.

देहरादून। उत्तराखंड में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों, उनके निस्तारण की स्थिति और लंबित मामलों की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निस्तारण किया जाए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 सरकार और जनता के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर आने वाली प्रत्येक शिकायत की नियमित निगरानी की जाए और शिकायतकर्ता को समय पर समाधान उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं हर महीने हेल्पलाइन की समीक्षा करते हैं और कई मामलों में शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर स्थिति की जानकारी भी लेते हैं।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि आमजन की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को लंबित मामलों की लगातार समीक्षा करने और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को भी समय-समय पर जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित करने को कहा, ताकि लोगों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिले और स्थानीय स्तर पर ही उनका समाधान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान प्रदेश में सड़कों की स्थिति की भी समीक्षा की। बरसात के कारण कई क्षेत्रों में सड़कों को हुए नुकसान को देखते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाना जरूरी है, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। सड़कों की मरम्मत और निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और शहरी विकास विभाग की ओर से इस्टीमेट तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारियों को टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने और आवश्यक कार्रवाई पूरी कर सड़कें जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। वर्तमान में चारधाम यात्रा एक बार फिर जोर पकड़ रही है और श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, कुछ स्थानों पर भूस्खलन की घटनाओं के कारण यात्रा मार्ग प्रभावित होने और कुछ जगहों पर यात्रा रोकने की स्थिति भी बन रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर निगरानी मजबूत रखी जाए और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। मॉनसून के दौरान संक्रमण और फ्लू जैसी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसमजनित और संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह तैयार रहना होगा। बैठक में पेयजल योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग को योजनाओं को व्यवस्थित रखने और जहां आवश्यक हो, वहां समयबद्ध तरीके से सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी जरूरी है। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी बच्चों तक पहुंचे और पात्र छात्रों को इनका समय पर लाभ मिले। इसके अलावा मुख्यमंत्री भविष्य निर्माण योजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना को जल्द व्यावहारिक रूप से धरातल पर उतारा जाए, ताकि इसके निर्धारित उद्देश्यों का लाभ लोगों और युवाओं को मिल सके।