नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को आज मिलेगा प्रतिष्ठित ‘राजभाषा गौरव’ पुरस्कार
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को आज हिंदी दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित ‘राजभाषा गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर दिए जाने वाले इस सम्मान के लिए डॉ. तिवारी का चयन किया गया है। पुरस्कार के लिए इस वर्ष विभिन्न श्रेणियों में देशभर से 13 लेखकों का चयन किया गया है। इनमें उत्तराखंड से यह सम्मान पाने वाले डॉ. गिरीश रंजन तिवारी एकमात्र लेखक हैं। सम्मान के तहत उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार, 14 सितंबर को मुंबई में आयोजित हिंदी दिवस-2026 एवं छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में वर्ष 2025-26 के ‘राजभाषा गौरव’ एवं ‘राजभाषा कीर्ति’ पुरस्कार प्रदान करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से गृह मंत्रालय का राजभाषा विभाग वर्ष 2021 से अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलनों का आयोजन कर रहा है। इस वर्ष के दो दिवसीय सम्मेलन में राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और उल्लेखनीय योगदान करने वाले संस्थानों एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मेलन में राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक पक्षों पर विशेष विचार-सत्र भी आयोजित होगा। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण पुस्तकों और प्रकाशनों का लोकार्पण किया जाएगा, जिसमें ‘वन्दे मातरम्’ पर केंद्रित राजभाषा विभाग की पत्रिका ‘राजभाषा भारती’ की विशेष स्मारिका भी शामिल है। डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को यह राष्ट्रीय सम्मान मिलना नैनीताल और उत्तराखंड के साहित्य एवं पत्रकारिता जगत के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।