जमशेदपुर हत्याकांड पर सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा एक्शन: एसएसपी और सरायकेला एसपी हटाए गए; मुख्यालय अटैच
रांची। जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित एक बार के बाहर पुलिस की मौजूदगी में हुई करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की नृशंस हत्या के मामले में राज्य सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर चौतरफा घिरी हेमंत सोरेन सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को एक बड़ा प्रशासनिक हंटर चलाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) के वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडे और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया गया है। हटाए गए दोनों आईपीएस अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय, रांची से संबद्ध (अटैच) कर दिया गया है। गौरतलब है कि हटाए गए एसएसपी पीयूष पांडे और एसपी निधि द्विवेदी आपस में पति-पत्नी हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में लिखा, "पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक को क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में घोर लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस या प्रशासन के किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने चाईबासा के आयुक्त (कमिश्नर) और रांची के एडीजी को लगातार प्रभावित क्षेत्र में कैंप करने और कानून-व्यवस्था की प्रतिदिन समीक्षा करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, डीआईजी कोल्हान को भी जमशेदपुर में ही रहकर स्थिति की सीधी निगरानी करने को कहा गया है। इस बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की मुख्य वजह जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के एक बार के बाहर हुई सनसनीखेज वारदात है। वहां पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद अपराधियों ने करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पूरे जमशेदपुर में आक्रोश भड़क उठा था। आक्रोशित लोगों और समर्थकों ने जमकर बवाल काटा और पुलिस टीम पर भारी पथराव भी किया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया था। इस घटना ने पुलिस की तत्परता और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इससे पहले कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका था, लेकिन सरकार ने अब सीधे जिले के कप्तानों पर गाज गिराई है। जमशेदपुर में अपराधियों के बुलंद होते हौसलों को लेकर राज्य में सियासत भी चरम पर पहुंच गई थी। पिछले साल भी करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और अब हिमांशु सिंह की हत्या के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा समेत पूरे विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। विपक्ष लगातार राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेर रहा था। चौतरफा राजनैतिक दबाव और कानून-व्यवस्था की साख बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने यह कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। फिलहाल कोल्हान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और बड़े अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं।