सावधान उत्तराखंड:कोरोना का R नॉट कॉउंट बढ़कर हुआ 1.17 एम्स निदेशक ने भी दी चेतावनी,लोगो का गैरजिम्मेदाराना रवैया बढ़ाएगा कोरोना मच सकती है तबाही
उत्तराखंड को अब सावधान रहने की ज़रूरत है ।कोरोना कर्फ़्यू में मिली ढील के बाद लोगो ने लापरवाही बरतनी शुरू कर दी है यह गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कोरोना की तीसरी लहर को आमंत्रित कर रहा है।ऋषिकेश एम्स के निदेशक प्रो रविकांत ने भी उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते आर नॉट काउंट को लेकर चिंता व्यक्त की है और चेतावनी दी है कि अगर गैर जिम्मेदार रहे तो राज्य में कोरोना बढ़ेगा।अगर इसी तरह लोग लापरवाही करते रहे तो कोरोना कि तीसरी लहर आने में देर नही लगेगी।उन्होंने ये भी कहा कि लोग गाइडलाइंस का भी पालन नही कर रहे है।
आपको बता दें कि भारत के 8 राज्यो में आर नॉट काउंट बढ़ गया है इन राज्यो में उत्तराखंड भी शामिल है।मिशिगन यूनिवर्सिटी के अध्ययन के मुताबिक ये राज्य मिजोरम(1.56)सिक्किम(1.26),मेघालय(1.27),मणिपुर(1.08),केरल(1.2),दिल्ली(1.01),उत्तराखंड(1.17)और हिमाचल प्रदेश शामिल है।इस अध्ययन की रिपोर्ट सामने आते ही उत्तराखंड में भी वैज्ञानिकों और एक्सपर्ट्स की चिन्ताएं बढ़ने लगी है।
आर नॉट काउंट आखिर है क्या? जब से मिशिगन यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट सामने आई तभी से आर नॉट कॉउंट भी चर्चा का विषय बन गया।दरअसल आर नॉट कॉउंट बताता है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति कितने लोगों को संक्रमित कर रहा है।इससे ये भी पता चलता है कोरोना वायरस समाज मे कितनी तेज़ी से फैल रहा है।उदाहरण के तौर पर आर नॉट कॉउंट 1 का अर्थ है कि जितने लोग कोरोना संक्रमित है उतने ही लोगो को वो संक्रमित करेंगे,आर नॉट कॉउंट 1.2का अर्थ है कि 100 संक्रमित लोग अन्य 120 लोगो को संक्रमित करेंगे,वही 0.9 का अर्थ है कि100 लोग 90 लोगो और 0.8 का अर्थ है 100 संक्रमित लोग 80 लोगो संक्रमित करँगे।
एम्स के निदेशक प्रो रविकांत ने लोगो को रवैये को लेकर चेताया है कि अगर लोग नही सुधरे तो कोरोना की तीसरी बड़ी तबाही ला सकती है जिसमे जन धन की बहुत बड़ी हानि उठानी पड़ सकती है।उन्होंने प्रोटोकॉल के पालन करने की सख्त हिदायत दी है।इसके अलावा उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने से बचने की सलाह भी दी है।