नालंदा में आसमान से बरसी आफत: वज्रपात ने ली तीन की जिंदगियां, 10 साल के मासूम समेत तीन घरों के बुझे चिराग
नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में रविवार की देर शाम मौसम के बदले मिजाज और गरज के साथ हुई बारिश कई हंसते-खेलते परिवारों के लिए काल बन गई। जिले के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की दर्दनाक घटनाओं में एक 10 वर्षीय बालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई। ये सभी लोग अपने-अपने खेतों में कृषि कार्य कर रहे थे, तभी अचानक गिरे ठनके ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। इन हादसों के बाद प्रभावित गांवों और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पहली हृदयविदारक घटना नूरसराय थाना क्षेत्र के दादपुर-विशंभर बिगहा गांव से सामने आई है। यहाँ सुबोध यादव का 10 वर्षीय पुत्र पवन कुमार रविवार की शाम को अपने परिवार की मदद करने के लिए खेत में गया था। वह खेत से मोरी (धान का बिचड़ा) उठाने का काम कर रहा था। इसी दौरान आसमान में घने काले बादल छा गए और अचानक तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली सीधे पवन के ऊपर आ गिरी।
घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और बदहवास परिजन मासूम को उठाकर नजदीकी अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही मां-बाप पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। नूरसराय के थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। दूसरी दर्दनाक घटना थरथरी प्रखंड के चिन्तामनचक गांव की है। यहाँ के निवासी अरविंद प्रसाद के 35 वर्षीय पुत्र ललित कुमार पेशे से किसान थे और अपने परिवार के मुख्य भरण-पोषण कर्ता थे। रविवार की शाम को वे गांव के पास ही झरहा बधार स्थित अपने खेत में कृषि कार्य और फसलों की देखरेख में जुटे हुए थे। तभी अचानक तेज आंधी-बारिश के साथ कड़कती हुई बिजली ललित पर गिरी। वज्रपात इतना भीषण था कि ललित को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। जैसे ही बधार से ललित की मौत की खबर गांव में पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं। तीसरी दुखद घटना हिलसा थाना क्षेत्र के कृष्णा बिगहा गांव में घटित हुई। यहाँ भुवनेश्वर प्रसाद का 24 वर्षीय युवा पुत्र सुबोध कुमार अपने खेत को धान की बुवाई के लिए तैयार कर रहा था। सुबोध खेत में पावर टिलर चलाकर जुताई कर रहा था, तभी अचानक आसमान से गिरी बिजली की चपेट में आ गया। ठनका गिरने से सुबोध गंभीर रूप से झुलस गया और वहीं अचेत होकर गिर पड़ा। आस-पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने जब यह देखा, तो वे तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे और सुबोध को अनुमंडलीय अस्पताल हिलसा ले गए। लेकिन अफसोस, डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में मृतक के परिजनों की चीख-पुकार से वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। बाद में परिजनों के लिखित आग्रह और पंचनामे के बाद पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।