गैरसैंण में गरमाया बजट सत्र: सीएम धामी बोले-विपक्ष के हर सवाल का देंगे जवाब, सत्र बढ़ाने के संकेत
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को राजनीतिक माहौल काफी गर्म दिखाई दिया। सत्र की शुरुआत से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के संकेत मिल गए थे। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट कहा कि सरकार सदन से भागने वाली नहीं है और विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यदि जरूरत पड़ी तो सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है। गुरुवार सुबह सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री धामी ने भराड़ीसैंण में स्थित भराड़ी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे विधानसभा पहुंचे और बजट सत्र की कार्यवाही शुरू हुई।
सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में भूकंप से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए 500 स्थानों पर भूकंप चेतावनी प्रणाली स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक 169 स्थानों पर यह प्रणाली लगाई जा चुकी है, जिस पर करीब 115 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सत्र शुरू होने से पहले सदन के बाहर दिलचस्प राजनीतिक दृश्य भी देखने को मिला। शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत और भाजपा के अन्य विधायकों ने कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की। इसे सदन में संभावित टकराव के बीच संवाद का प्रयास माना जा रहा है। बजट सत्र के दौरान विपक्ष लगातार सरकार पर सदन की कार्यवाही को सही ढंग से न चलाने का आरोप लगा रहा है। विपक्ष का कहना है कि विधानसभा के नियमों के अनुसार बजट पर कम से कम चार दिन चर्चा होनी चाहिए और राज्यपाल के अभिभाषण पर भी चार दिन चर्चा का प्रावधान है। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि जिस दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ, उसी दिन बजट भी पेश कर दिया गया और दोनों विषयों पर चर्चा एक ही दिन में कराई जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन के बीच जाकर विधानसभा अध्यक्ष को कार्य संचालन नियमावली की पुस्तिका भी लौटाई और अपनी नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार सदन चलाने से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में भराड़ीसैंण में सबसे अधिक विधानसभा सत्र आयोजित किए गए हैं और भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। विपक्ष जितनी चर्चा चाहता है, हम उससे पीछे नहीं हटेंगे। विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब देंगे। हमने कोई गलत काम नहीं किया है। सीएम ने गैरसैंण को पहाड़ की उम्मीद और स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस क्षेत्र को हमेशा प्राथमिकता दी है और सत्र के अलावा भी यहां कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने सत्र की अवधि बढ़ाने के संकेत भी दिए थे। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो रविवार को अवकाश रखकर सोमवार को भी सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराई जा सकती है। बजट सत्र के चौथे दिन सदन में उठ रहे मुद्दों और सरकार-विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को देखते हुए प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में बजट और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर होने वाली चर्चा से यह तय होगा कि सदन में बहस किस दिशा में जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट सत्र के बाकी दिन उत्तराखंड की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।