Breaking: पंतनगर विश्वविद्यालय में अंतर-विश्वविद्यालयी खेल महाकुंभ में बड़ा विवाद! आधी रात तक धरने पर बैठी रही अल्मोड़ा की टीम! निर्णायक समिति पर उठाए सवाल, अव्यवस्थाएं की उजागर

Breaking: Major controversy erupts at the Inter-University Sports Mahakumbh at Pantnagar University! The Almora team sat on strike until midnight! Questions were raised about the judging committee, e

रुद्रपुर/पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सम्पन्न हुई चार दिवसीय अंतर-विश्वविद्यालयी खेल प्रतियोगिता को लेकर आज उस समय हंगामा हो गया, जब सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा से पहुंची टीम ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। टीम का कहना है कि उनके एथलीटों ने आयोजित खेलों में सर्वाधिक पदक हासिल किए हैं, इसलिए उन्हें समग्र विजेता घोषित किया जाना चाहिए। सोबन सिंह जीना विवि अल्मोड़ा की टीम देर रात भी पंतनगर स्टेडियम में अपना विरोध प्रदर्शन कर रही है । टीम के खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षक लियाकत अली खान का कहना है कि उन्होंने प्रतियोगिता में 12 स्वर्ण पदक 10 रजत पदक और 9 कांस्य पदक यानि कुल 29 पदक जीते है जिससे उनके प्रतियोगिता में 110 प्वाइंट होते है । अल्मोड़ा टीम का आरोप है कि उनके सबसे ज्यादा 12 स्वर्ण पदक और 110 प्वाइंट होने के बावजूद उनसे कम 4 स्वर्ण पदक और 80 प्वाइंट लाने वाली टीम को समग्र विजेता घोषित कर दिया साथ ही केवल 2 स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को उपविजेता घोषित कर दिया जिसके बाद अल्मोड़ा टीम के प्रशिक्षक और खिलाड़ियों ने पंतनगर विवि प्रबंधन से बात करनी चाही तो पहले सभी ने निष्पक्ष कार्यवाही का आश्वासन दिया लेकिन देर रात तक खिलाड़ियों की सुध तक नहीं ली । सोबन सिंह जीना विवि अल्मोड़ा के खिलाड़ियों ने पंतनगर विवि पर पक्षपात करने और दूर दराज से आए मेहनत करने वाले खिलाडियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है उनका कहना है कि अगर विवि प्रशासन ने विजेता घोषित करने के लिए अगर कोई नियम आदि में बदलाव किया गया था तो उसकी पूर्व सूचना हमें दी जानी चाहिए थी ताकि हमारी टीम उसी के अनुरूप प्रदर्शन करती । 

इस मामले में जब पंतनगर विवि के खेल प्रभारी गोविंद सिंह बोहरा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि समग्र विजेता को पंतनगर में चांसलर ट्रॉफी दी जाती है जिसके लिए बनाए गए नियम और शर्ते दिसंबर 2026 में उत्तराखंड के सभी विश्वविद्यालयों को मेल और डाक द्वारा भेज दी गई थी जिसमें स्पष्ट है कि अगर किसी विवि को कोई निर्णय पसंद नही आता है या किसी अन्य कारणों से तो वो ज्यूरी के माध्यम से आपत्ति दर्ज करवा सकता है ज्यूरी में दो सदस्य सरकार के द्वारा नामित है साथ ही जिला क्रीड़ा अधिकारी भी सदस्य है जिनके द्वारा चांसलर ट्रॉफी के संबंध में निर्णय दिया गया । गोविंद बोहरा का कहना है कि अल्मोड़ा टीम ने कुल 7 खेलों  में एथलेटिक वर्ग में जरूर स्वर्ण पदक ज्यादा जीते है लेकिन अन्य खेलों में उनके पदक कम है जिस वजस से वे विजेता नहीं बन पाए और इसका निर्णय ज्यूरी ने ही किया है । पंतनगर विवि प्रबंधन के द्वारा किसी भी तरह का कोई पक्षपात या अन्याय नहीं किया गया है । फिलहाल अल्मोड़ा टीम पंतनगर विवि स्टेडियम में देर रात तक धरना प्रदर्शन कर निष्पक्ष निर्णय करने की मांग पर अड़ी हुई है और पंतनगर विवि प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही । अल्मोड़ा के दूर दराज से आए खिलाड़ी कड़कड़ाती ठंड में धरना करने को विवश है खिलाड़ियों का कहना है कि जहां एक तरफ सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ इस प्रकार की अव्यवस्थाओं से खिलाड़ियों को जूझना पड़ रहा है। खिलाड़ियों ने पंतनगर विवि के प्रबंधन पर गाड़ी से लेकर खाने तक बरती गई अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप भी लगाए है । आपको बता दें कि इस अंतःराज्यीय आयोजन में 11 विश्वविद्यालयों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिसमें एथलेटिक्स के साथ-साथ वॉलीबॉल, फुटबॉल, कबड्डी और खो-खो जैसे प्रमुख खेलों का आयोजन किया गया था ।