बड़ी खबरः ईरान को ट्रंप ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम! कहा- होर्मुज नहीं खोला तो तबाह कर दिए जाएंगे पावर प्लांट, 22 देशों ने जारी किया संयुक्त बयान
नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जारी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कठोर सैन्य चेतावनी दी है। शनिवार को अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की समय सीमा देते हुए कहा है कि यदि इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह और बिना किसी खतरे के नहीं खोला गया, तो अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा ढांचे को नेस्तनाबूद कर देगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसकी शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ईरान के सबसे बड़े पॉवर स्टेशन से उनका मतलब किससे है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अगर ईरान ठीक इसी समय से 48 घंटों के भीतर बिना किसी धमकी के होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका उनके विभिन्न पावर प्लांट पर हमला करके उन्हें तबाह कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी। ट्रंप की यह धमकी ऐसे समय में आई है, जब ईरान ने कुछ घंटे पहले ही इजरायल के डिमोना और अराद शहरों में बड़ा मिसाइल हमला किया है। इन हमलों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। डिमोना शहर में इजरायल की मुख्य परमाणु सुविधा है। ईरान ने कहा है कि उसने यह हमला उसके नतान्ज परमाणु सुविधा पर हमले के जवाब में किया है। नतांज में शनिवार को हमला किया गया था। हालांकि इजरायल ने इसमें शामिल होने से इनकार किया था।
22 देशों ने जारी किया संयुक्त बयान
इधर ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉक किए जाने के खिलाफ 22 देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया है। इन देशों में संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, कोरिया गणराज्य, न्यूज़ीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। बयान में इन देशों ने ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल पोतों और पश्चिम एशिया में तेल और गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की है। इन देशों ने बढ़ते संघर्ष को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ईरान से कहा है कि वो बारूदी सुरंगें बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों और कमर्शियल जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने के प्रयासों को तुरंत खत्म करे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करे।