बड़ी खबरः मिडिल ईस्ट में बढ़ता जा रहा तनाव! विदेश मंत्रालय ने भारतीयों की मदद के लिए बनाया कंट्रोल रूम, तेल की कीमतों में उछाल

Big news: Tensions are rising in the Middle East! The Ministry of External Affairs has set up a control room to help Indians, and oil prices are rising.

नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच भारत ने मिडिल ईस्ट में फंसे अपने लोगों की मदद के लिए बुधवार को नई दिल्ली में एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं और उनकी सुरक्षा व कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस पर सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक संपर्क किया जा सकता है। मंत्रालय ने कहा है कि नई दिल्ली हालात पर लगातार नजर रख रही है और राष्ट्रीय हित में जरूरी निर्णय लेगी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह क्षेत्र की सरकारों और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के संपर्क में है। युद्ध के बीच ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने सैकड़ों भारतीय छात्रों को तेहरान से सुरक्षित जगहों पर भेजा है। अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए थे जिसमें अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने इजरायल के साथ ही कई खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और सऊदी अरब शामिल हैं। 

तेल की कीमतों में उछाल
इधर ईरान-इजराइल तनाव के वजह से तेल की कीमतें भी बढ़ गयी हैं। तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है और मिडिल ईस्ट के मुख्य प्रोडक्शन वाले इलाके से सप्लाई में रुकावट का डर बढ़ गया है। सरकारी टेलीविजन पर ईरानी ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जबारी ने कहा कि तेल की कीमत 81 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है और दुनिया निश्चित रूप से इसके कम से कम 200 डॉलर तक पहुंचने का इंतजार कर रही है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.4 प्रतिशत बढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास थे। सोमवार को कॉन्ट्रैक्ट बढ़कर 82.37 डॉलर पर पहुंच गया, जो जनवरी 2025 के बाद इसका सबसे ऊंचा लेवल है, हालांकि देर से हुए ट्रेड में इसमें कुछ बढ़त कम हुई।