बड़ी खबरः मिडिल ईस्ट संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी की हाई-लेवल मीटिंग! पेट्रोलियम-बिजली समेत तमाम मुद्दों पर हुई चर्चा, गृहमंत्री शाह समेत तमाम लोग रहे मौजूद

Big news: Amid the Middle East crisis, Prime Minister Modi held a high-level meeting! A wide range of issues, including petroleum and electricity, were discussed, with Home Minister Shah and others p

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच आज रविवार देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हाई लेवल मीटिंग की। इस बैठक में मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम, कच्चे तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों से संबंधित स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में तेल, गैस, खाद समेत सभी जरूरी चीजों की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना था। मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार तेल, गैस, खाद की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए पहले से ही सक्रिय कदम उठा रही है। 12 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दिया है। उन्होंने कहा था कि यह देश के लोगों के धैर्य और समझदारी की भी परीक्षा है। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनौती का सामना शांति, धैर्य और जन-जागरूकता के साथ करना होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ग्लोबल सप्लाई चेन में आई बाधाओं को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं कि सप्लाई चेन में आई रुकावटों को कैसे दूर किया जाए।

सरकार ने गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को बेहतर बनाने और सप्लाई पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सरकारी बयान के मुताबिक घरेलू एलपीजी की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सामान्य है। देशभर में कहीं भी गैस की कमी की स्थिति नहीं है और डिलीवरी भी सामान्य रूप से हो रही है। अधिकांश डिलीवरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए की जा रही हैं और पैनिक बुकिंग में कमी आई है।  कमर्शियल एलपीजी के मोर्चे पर सरकार ने आवंटन में लगातार बढ़ोतरी की है। पहले 20 प्रतिशत आपूर्ति बहाल की गई थी। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केमिकल एंड फर्टिलाइजर और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिहं पुरी, श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया समेत अन्य वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे।