बिहार में फिर तबादला: एक साथ 427 अधिकारियों का ट्रांसफर, लिस्ट अपलोड होते ही सरकारी वेबसाइट क्रैश

Another round of transfers in Bihar: 427 officials transferred simultaneously; government website crashes as soon as the list is uploaded.

पटना। बिहार में प्रशासनिक हलकों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य की सम्राट चौधरी (एनडीए) सरकार ने 30 जून की देर रात एक ऐतिहासिक और व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए विभिन्न विभागों के कुल 427 अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया है। बड़े पैमाने पर हुए इस ट्रांसफर-पोस्टिंग का असर यह हुआ कि जैसे ही संबंधित विभागों ने तबादले की आधिकारिक सूची इंटरनेट पर अपलोड की, वैसे ही भारी ट्रैफिक के कारण बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट का सर्वर डाउन हो गया और साइट पूरी तरह हैंग कर गई। इस महा-तबादले के तहत सबसे बड़ा फेरबदल समाज कल्याण विभाग और ग्रामीण विकास विभाग में देखने को मिला है। सरकार के इस कदम से ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव आया है। इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत आधा दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। विभागवार सूची इस प्रकार है। सबसे अधिक 151 बाल विकास परियोजना अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। 117 पदाधिकारियों का बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों की रीढ़ माने जाने वाले 68 प्रखंड विकास पदाधिकारियों का तबादला हुआ है। 58 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।  30 अभियंताओं (इंजीनियरों) का फेरबदल किया गया है। 03 वरिष्ठ डॉक्टरों/प्राचार्यों का ट्रांसफर हुआ है।

बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में जून का महीना 'तबादलों का महीना' माना जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान विभागीय स्तर पर जून महीने में अनिवार्य रूप से तबादले पूरे करने की एक निश्चित व्यवस्था तय की थी, जो परंपरा वर्तमान सरकार में भी पूरी तरह लागू है। नियमों के मुताबिक, 30 जून तक जो विभाग अपनी सूची फाइनल नहीं कर पाते, उनके तबादलों पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री के स्तर से ही लिया जाता है। जारी की गई अलग-अलग अधिसूचनाओं के अनुसार कई महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। ग्रामीण विकास विभाग की सूची के तहत नयना पाल को अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड में नया बीडीओ बनाया गया है। भवन निर्माण विभाग के अंतर्गत कार्यपालक अभियंताओं के फेरबदल में  नितेश कुमार वरनवाल को पटना भवन निरूपण अंचल की कमान सौंपी गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक उपचर्या शिक्षण संवर्ग के अंतर्गत प्राचार्यों (नर्सिंग) के स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए संध्या सिंह को पटना के प्रतिष्ठित बीएससी नर्सिंग कॉलेज में प्राचार्य के पद पर तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, सहकारिता विभाग की अधिसूचना संख्या 3563 के तहत बड़े पैमाने पर सहायक निबंधकों को नई जगहों पर भेजा गया है। इस महा-तबादले से पहले भी सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दो चरणों के भीतर 150 से अधिक अंचलाधिकारियों का ट्रांसफर कर चुकी है। राजनैतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इतने व्यापक स्तर पर हुए बदलावों के बाद बिहार की सियासत में भी उबाल आना तय है। प्रशासनिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस हफ्ते के अंत तक कुछ और विभागों की बची हुई अधिसूचनाएं बैक डेट (30 जून की तारीख) से जारी की जा सकती हैं। फिलहाल, सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदों पर योगदान देने का निर्देश जारी कर दिया गया है।